Rajnath Singh: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और संघर्ष के बीच भारत सरकार ने ऊर्जा आपूर्ति और आवश्यक वस्तुओं की स्थिति पर कड़ी नजर बनाए रखने का फैसला किया है। इसी संदर्भ में सोमवार को IGoM (Inter-Ministerial Group) की 5वीं बैठक आयोजित की गई, जिसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अहम बयान दिया।
राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार देश में जरूरी वस्तुओं और ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला को सुचारू बनाए रखने के लिए पूरी तरह सतर्क है। उन्होंने जनता से अपील की कि किसी भी तरह की अफवाहों या स्थिति को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि सरकार हर परिस्थिति पर नजर रखे हुए है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार किसी भी संभावित कमी या आपूर्ति में बाधा को रोकने के लिए समय रहते ठोस कदम उठा रही है, ताकि आम जनता को किसी तरह की परेशानी न हो।
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पीएम मोदी की अपील का समर्थन
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया अपील का भी समर्थन किया। उन्होंने कहा कि वैश्विक चुनौतियों के इस समय में देशवासियों की जागरूकता और सहयोग बेहद जरूरी है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि ऊर्जा सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को मजबूत करने में जनता की भागीदारी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। सरकार इस दिशा में लगातार काम कर रही है और सभी मंत्रालयों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
पीएम मोदी ने की थी खर्च कम करने की अपील
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद में एक कार्यक्रम के दौरान देशवासियों से खर्च में कटौती करने की अपील की थी। उन्होंने लोगों से सोने की खरीद कम करने, अनावश्यक विदेश यात्राएं टालने और जहां संभव हो वर्क फ्रॉम होम अपनाने का सुझाव दिया था।
पीएम मोदी ने कहा था कि कोविड-19 के दौरान अपनाई गई डिजिटल कार्य संस्कृति, जैसे वर्चुअल मीटिंग्स और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, को फिर से बढ़ावा देना चाहिए। इससे न केवल ईंधन की खपत कम होगी, बल्कि देश का विदेशी मुद्रा भंडार भी सुरक्षित रहेगा।
ऊर्जा और ईंधन बचत पर जोर
प्रधानमंत्री ने जनता से मेट्रो, कारपूलिंग और इलेक्ट्रिक वाहनों के अधिक उपयोग की अपील की थी। उन्होंने कहा कि माल ढुलाई को भी रेलवे के माध्यम से बढ़ावा दिया जाना चाहिए ताकि सड़क परिवहन पर दबाव कम हो और ईंधन की बचत हो सके। इसके साथ ही उन्होंने लोगों से गैर-जरूरी विदेश यात्राएं, छुट्टियां और डेस्टिनेशन वेडिंग जैसे खर्चीले आयोजनों को टालने की सलाह दी थी।
सोने की खरीद पर विशेष संदेश
पीएम मोदी ने विशेष रूप से सोने की खरीद को लेकर भी बड़ा संदेश दिया था। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय हित में कम से कम एक वर्ष तक सोने की खरीद को सीमित करना चाहिए। भारत दुनिया के सबसे बड़े सोने के आयातकों में से एक है, जिससे देश का आयात बिल काफी बढ़ जाता है।
तेल आपूर्ति और वैश्विक चुनौती
केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी बताया कि अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में उतार-चढ़ाव के कारण सरकारी तेल कंपनियां उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए भारी वित्तीय दबाव झेल रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर होर्मुज स्ट्रेट में तनाव बढ़ता है तो कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची रह सकती हैं, जिसका असर भारत की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है।
स्थिर आपूर्ति और आर्थिक संतुलन
सरकार का कहना है कि उसकी प्राथमिकता देश में ऊर्जा आपूर्ति को स्थिर बनाए रखना और आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। इसके लिए सभी संबंधित विभागों को सतर्क मोड में रखा गया है। राजनाथ सिंह ने अंत में लोगों से अपील करते हुए कहा कि देश इस समय वैश्विक चुनौतियों का सामना कर रहा है, ऐसे में संयम और सहयोग ही सबसे बड़ी ताकत है।
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