Rajkot Earthquake: गुजरात के राजकोट जिले में शुक्रवार की सुबह भूकंप के सिलसिलेवार झटकों से दहल गई। जेतपुर, धोराजी और उपलेटा सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में धरती कांपने से लोगों में भारी डर का माहौल देखा गया। एहतियात के तौर पर स्थानीय प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों के स्कूलों में तत्काल छुट्टी घोषित कर दी है ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
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3.8 की तीव्रता ने बढ़ाई चिंता
इंस्टीट्यूट ऑफ सिस्मोलॉजिकल रिसर्च (ISR) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार की सुबह भूगर्भीय हलचल काफी तेज रही। सबसे शक्तिशाली झटका सुबह 6:19 बजे महसूस किया गया, जिसकी तीव्रता 3.8 दर्ज की गई। इस मुख्य झटके के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। सुबह 6:19 से 8:34 के बीच कुल 7 बार जमीन हिली, जिससे लोग अपने घरों से बाहर निकल आए।
समय के अनुसार भूकंपीय झटकों का विवरण:
- 06:19 AM:3.8 तीव्रता (सर्वाधिक तीव्र)
- 06:56 AM:2.9 तीव्रता
- 06:58 AM:3.2 तीव्रता
- 07:10 AM:2.9 तीव्रता
- 07:13 AM:2.9 तीव्रता
- 07:33 AM:2.7 तीव्रता
- 08:34 AM:अंतिम हल्का झटका
उपलेटा रहा ‘भूकंप का केंद्र’
ISR की रिपोर्ट के मुताबिक, इन सभी झटकों का केंद्र मुख्य रूप से उपलेटा से लगभग 27 से 30 किलोमीटर पूर्व-उत्तरपूर्व (ENE) दिशा में स्थित था। वैज्ञानिकों ने बताया कि इन झटकों का हाइपोसेंटर (गहराई) जमीन के नीचे 6.1 से 13.6 किलोमीटर के बीच था। उल्लेखनीय है कि भूकंप का यह सिलसिला गुरुवार रात से ही शुरू हो गया था, जब रात 8:43 बजे 3.3 तीव्रता का कंपन महसूस किया गया था।
भूकंप के दौरान सुरक्षित रहने के तरीके
भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदा की स्थिति में नुकसान को कम करने के लिए प्रशासन ने कुछ महत्वपूर्ण दिशानिर्देश जारी किए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि पैनिक करने के बजाय सही तकनीक अपनाना जान बचा सकता है।
- अपने घर को भूकंपरोधी बनाने के लिए विशेषज्ञों की सलाह लें।
- दीवारों और छतों की दरारों को नजरअंदाज न करें और उनकी मरम्मत कराएं।
- भारी अलमारियों और शेल्फ को दीवार से मजबूती से बांधें।
- हमेशा एक इमरजेंसी किट (दवाएं, टॉर्च, पानी) तैयार रखें।
- भूकंप के दौरान ‘झुको, ढको और पकड़ो’ तकनीक का पालन करें।
जानमाल का कोई नुकसान नहीं
भले ही लगातार आ रहे झटकों के कारण लोग घरों से निकलकर खेतों और खुले मैदानों की ओर भागने को मजबूर हुए, लेकिन सुखद पहलू यह है कि अभी तक किसी भी प्रकार की जनहानि या संपत्ति के बड़े नुकसान की सूचना नहीं मिली है। स्थानीय जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमें पूरी तरह सतर्क हैं और स्थिति की निरंतर निगरानी की जा रही है। लोगों को अफवाहों से बचने और शांत रहने की सलाह दी गई है।
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