IPL 2026: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के अनुशासन और प्रोटोकॉल को लेकर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) हमेशा सख्त रहा है। हाल ही में राजस्थान रॉयल्स के मैनेजर रोमी भिंडर द्वारा मैच के दौरान डग आउट में मोबाइल फोन का उपयोग करने का मामला चर्चा में रहा। इस घटना के बाद बीसीसीआई की एंटी करप्शन यूनिट (ACU) ने मामले की गंभीरता से जांच की। अब इस जांच का परिणाम सामने आ गया है, जिसमें भिंडर को दोषी पाया गया है और उन पर नियमानुसार कार्रवाई की गई है।
रोमी भिंडर पर लगा जुर्माना, भ्रष्टाचार के आरोपों से मिली क्लीन चिट
जांच रिपोर्ट आने के बाद बीसीसीआई ने रोमी भिंडर पर आर्थिक जुर्माना लगाया है। इसके साथ ही उन्हें भविष्य के लिए सख्त चेतावनी दी गई है कि दोबारा ऐसी गलती होने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, भिंडर के लिए राहत की बात यह रही कि एंटी करप्शन यूनिट ने उन्हें भ्रष्टाचार के किसी भी संदिग्ध मामले में क्लीन चिट दे दी है। जांच में यह स्पष्ट हो गया कि फोन का इस्तेमाल किसी गलत इरादे या सट्टेबाजी जैसी गतिविधियों के लिए नहीं किया गया था, बल्कि यह पूरी तरह से व्यक्तिगत और स्वास्थ्य कारणों से जुड़ा था।
डग आउट और ड्रेसिंग रूम के नियमों का उल्लंघन
यह घटना 10 अप्रैल को गुवाहाटी में राजस्थान रॉयल्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच खेले गए मैच के दौरान हुई थी। नियमों के मुताबिक, टीम के मैनेजर और स्टाफ को ड्रेसिंग रूम में फोन ले जाने की अनुमति होती है, लेकिन मैच शुरू होने के बाद ‘डग आउट’ (मैदान के किनारे खिलाड़ियों के बैठने की जगह) में मोबाइल फोन या किसी भी संचार उपकरण का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित है। भिंडर को टीम की बल्लेबाजी के दौरान फोन चलाते हुए कैमरे में कैद किया गया था, जो कि आईसीसी और बीसीसीआई के सुरक्षा प्रोटोकॉल का सीधा उल्लंघन है।
स्वास्थ्य कारणों का दिया गया तर्क
मामले के तूल पकड़ने पर राजस्थान रॉयल्स की ओर से सफाई दी गई कि रोमी भिंडर ने फोन के इस्तेमाल के लिए बीसीसीआई से विशेष छूट की मांग की थी। बताया गया कि आईपीएल शुरू होने से ठीक पहले भिंडर गंभीर रूप से बीमार थे और फेफड़ों के संक्रमण के कारण काफी समय तक आईसीयू में भर्ती रहे थे। मैच के दौरान वे अपने स्वास्थ्य की निगरानी के लिए लगातार डॉक्टरों के संपर्क में थे। हालांकि, बीसीसीआई ने माना कि स्वास्थ्य कारण अपनी जगह हैं, लेकिन खेल की गरिमा और भ्रष्टाचार विरोधी नियमों के तहत डग आउट में फोन का उपयोग किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी को मिली राहत
जिस समय रोमी भिंडर डग आउट में फोन का उपयोग कर रहे थे, उनके ठीक बगल में राजस्थान रॉयल्स के 15 वर्षीय उभरते हुए खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी बैठे थे। शुरुआती जांच में वैभव की भूमिका पर भी नजर रखी गई थी, लेकिन जांच के बाद उन्हें पूरी तरह से दोषमुक्त करार दिया गया है। वैभव पर किसी तरह की कार्रवाई नहीं हुई है और वे सुरक्षित बच गए हैं। बीसीसीआई ने माना कि एक किशोर खिलाड़ी के रूप में उनकी इस नियम उल्लंघन में कोई सक्रिय भूमिका नहीं थी।
खेल की शुचिता बनाए रखने के लिए सख्त संदेश
इस कार्रवाई के जरिए बीसीसीआई ने सभी आईपीएल फ्रेंचाइजी और उनके स्टाफ को एक कड़ा संदेश दिया है। आईपीएल दुनिया की सबसे बड़ी लीग है, जहाँ भ्रष्टाचार विरोधी नियमों का पालन करना अनिवार्य है। भले ही रोमी भिंडर की मंशा गलत नहीं थी, लेकिन नियमों की अनदेखी खेल की छवि पर सवाल खड़े कर सकती है। अब भिंडर को पेनल्टी भरने के साथ-साथ यह सुनिश्चित करना होगा कि वे भविष्य में डग आउट में तकनीकी उपकरणों से दूर रहें ताकि खेल की शुचिता बनी रहे।









