Rajasthan Refinery: PM मोदी आज करेंगे विशाल रिफाइनरी का उद्घाटन, आंकड़े सुनकर रह जाएंगे हैरान

बालोतरा के पचपदरा में 79,459 करोड़ रुपये की लागत से बनी एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी इंजीनियरिंग का एक अद्भुत नमूना है।

Rajasthan Refinery

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जुलाई 4, 2026

Rajasthan Refinery: बालोतरा के पचपदरा में स्थित ‘एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी’ केवल एक औद्योगिक परियोजना नहीं है, बल्कि यह भारत की इंजीनियरिंग क्षमता और निर्माण कौशल का एक अभूतपूर्व उदाहरण है। लगभग 79,459 करोड़ रुपये के विशाल निवेश से तैयार यह मेगा प्रोजेक्ट आज राष्ट्र को समर्पित होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज इसका उद्घाटन करेंगे, जो पश्चिमी राजस्थान के औद्योगिक परिदृश्य में एक नई क्रांति की शुरुआत है।

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आंकड़ों में समझें भव्यता

इस रिफाइनरी का निर्माण कार्य किसी आश्चर्य से कम नहीं है। निर्माण के दौरान जो आंकड़े सामने आए हैं, वे इसकी विशालता को सिद्ध करते हैं:

खुदाई और मिट्टी का प्रबंधन: परियोजना के लिए लगभग 1.5 करोड़ घन मीटर मिट्टी की खुदाई की गई। यह मात्रा करीब 15,000 ओलंपिक आकार के स्विमिंग पूल भरने के लिए पर्याप्त है। हैरान करने वाली बात यह है कि यह खुदाई मिस्र के प्रसिद्ध गीजा के पिरामिड के निर्माण से करीब छह गुना अधिक है।

कंक्रीट और स्टील का उपयोग: रिफाइनरी में 16 लाख घन मीटर कंक्रीट का उपयोग हुआ है, जो विश्व की सबसे ऊंची इमारत ‘बुर्ज खलीफा’ के निर्माण में लगी कंक्रीट से लगभग पांच गुना ज्यादा है। इसी प्रकार, इसमें इस्तेमाल हुआ 3 लाख मीट्रिक टन स्टील, एफिल टॉवर में लगे स्टील से 40 गुना अधिक है।

तकनीकी बारीकियां: पूरे परिसर में 28,000 किलोमीटर लंबी केबल बिछाई गई है, जिसकी लंबाई पृथ्वी के व्यास से भी दोगुनी है। साथ ही, यहां बना 125 मीटर ऊंचा ‘कोक डोम’ इंजीनियरिंग का एक अनूठा ढांचा है, जो आकार में ‘गोल गुम्बज’ से तीन गुना बड़ा है।

रोजगार और औद्योगिक विकास का नया केंद्र

यह रिफाइनरी केवल ऊर्जा की जरूरतों को पूरा नहीं करेगी, बल्कि यह रोजगार का भी एक बड़ा माध्यम बनी है। निर्माण चरण के दौरान करीब 35,000 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिला। वहीं, परिवहन, निर्माण सामग्री और मशीनरी जैसे सहायक क्षेत्रों में लगभग एक लाख लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार प्राप्त हुआ है।

इस परियोजना के संचालन से पश्चिमी राजस्थान में पेट्रोकेमिकल और प्लास्टिक उद्योगों का एक नया ‘इकोसिस्टम’ विकसित होगा। इससे एमएसएमई, पैकेजिंग, टेक्सटाइल, ऑटो पार्ट्स और एग्री-फिल्म्स जैसे उद्योगों को नई गति मिलेगी और क्षेत्र का आर्थिक कायाकल्प होगा।

उद्घाटन से पहले प्रकृति की चुनौती

इस ऐतिहासिक उद्घाटन कार्यक्रम से पूर्व आयोजकों को चुनौतियों का सामना भी करना पड़ा है। शुक्रवार देर रात पचपदरा में आए तेज तूफान ने उद्घाटन स्थल पर लगे कई बड़े होर्डिंग्स और बैनरों को क्षतिग्रस्त कर दिया, जिससे अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, प्रशासन स्थिति को सामान्य करने में जुटा है। गौरतलब है कि इससे पूर्व 21 अप्रैल को प्रस्तावित उद्घाटन कार्यक्रम भी रिफाइनरी परिसर में आग लगने की घटना के कारण स्थगित करना पड़ा था।

इन तमाम चुनौतियों के बावजूद, पचपदरा रिफाइनरी भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी। आज का दिन राजस्थान के लिए नई संभावनाओं और विकास की एक नई सुबह लेकर आया है।

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