Rajasthan News: राजस्थान की राजधानी जयपुर में एक ऐसी रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है, जिसने रिश्तों की पवित्रता को तार-तार कर दिया है। 45 वर्षीय कोर्ट कर्मचारी नीरज शर्मा की हत्या की जांच में जो खुलासे हुए हैं, वे न केवल हैरान करने वाले हैं, बल्कि यह भी दर्शाते हैं कि संपत्ति का लालच किस हद तक इंसान को अंधा बना सकता है। यह मामला कोई सामान्य सड़क हादसा नहीं, बल्कि एक सुनियोजित हत्याकांड निकला, जिसके तार घर के भीतर से ही जुड़े थे।
पहली कोशिश में बचीं, तो बदला प्लान
जांच में यह बात सामने आई है कि नीरज शर्मा की हत्या की साजिश काफी पहले ही शुरू हो गई थी। पहली बार आरोपियों ने उन्हें उनके ही घर के बाहर एक किराये की महिंद्रा थार से टक्कर मारकर खत्म करने की कोशिश की थी। हालांकि, नीरज शर्मा ने खतरे को भांप लिया और वे बाल-बाल बच गईं। इस घटना के बाद नीरज शर्मा और भी सतर्क हो गईं और उन्होंने सुरक्षा के मद्देनजर अपने घर के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगवा दिए। सीसीटीवी की मौजूदगी ने हत्यारों के इरादों पर पानी फेर दिया, जिसके बाद उन्होंने वारदात की जगह और तरीका बदलने का फैसला किया।
जायदाद और अनुकंपा नौकरी बनी हत्या की वजह
इस खौफनाक साजिश के पीछे का मुख्य कारण करोड़ों रुपये की पैतृक जमीन और अनुकंपा के आधार पर मिलने वाली सरकारी नौकरी थी। नीरज शर्मा के पति विजय कुमार शर्मा राजस्थान हाईकोर्ट में एलडीसी थे। उनके निधन के बाद परिवार ने निर्णय लिया कि सरकारी नौकरी नीरज शर्मा को दी जाए, ताकि उनके 16 वर्षीय दिव्यांग बेटे का भविष्य सुरक्षित रहे। पुलिस का आरोप है कि इस निर्णय से उनकी 23 वर्षीय बेटी आयुषी शर्मा बुरी तरह नाराज थी। आयुषी ने अपने चाचा मोहन स्वरूप और चचेरे भाई बलराम के साथ मिलकर अपनी मां को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
5 बीघा जमीन के लिए रची साजिश
पुलिस के अनुसार, हत्या के बदले आयुषी ने आरोपियों को आगरा हाईवे पर स्थित करीब पांच बीघा कीमती पैतृक जमीन का हिस्सा देने का लालच दिया था। 3 जुलाई को वारदात वाले दिन, एक सोची-समझी साजिश के तहत आयुषी ने अपनी मां को जरूरी काम के बहाने घर बुलाया। इसके तुरंत बाद उन्हें वहां से वापस भेज दिया गया। जैसे ही नीरज शर्मा पैदल घर लौट रही थीं, हमलावरों को उनकी लोकेशन का इनपुट दिया गया। इसके बाद, करीब 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आई एक स्कॉर्पियो ने उन्हें पीछे से जोरदार टक्कर मारी। टक्कर इतनी भीषण थी कि नीरज शर्मा 100 फीट दूर जा गिरीं और घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई।
पुलिस की मुस्तैदी से बेनकाब हुआ सच
शुरुआत में इस हत्याकांड को एक साधारण ‘हिट एंड रन’ दुर्घटना के रूप में पेश करने की कोशिश की गई। लेकिन पुलिस की गहन जांच, डिजिटल साक्ष्यों, कॉल डिटेल्स और आरोपियों के बीच हुई बातचीत ने पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया। इस घटना ने समाज के सामने एक कड़वा सच रख दिया है कि किस तरह संपत्ति के मोह में एक बेटी अपनी मां की जान की दुश्मन बन गई। फिलहाल, पुलिस अन्य फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है और मामले की परत-दर-परत जांच की जा रही है।










