Rajasthan: राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले के सूरतगढ़ क्षेत्र में रविवार तड़के एक बेहद दुखद सड़क हादसा हुआ। नेशनल हाईवे-62 पर हुई एक प्राइवेट एम्बुलेंस और सेना (आर्मी) के ट्रक की आमने-सामने की भीषण टक्कर में तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना क्षेत्र में शोक की लहर छोड़ गई है।
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दुर्घटना का विवरण और संभावित कारण
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह हादसा सूरतगढ़ के 22 एलजीडब्ल्यू (LGW) गांव के निकट नेशनल हाईवे पर तड़के हुआ। एम्बुलेंस में सवार लोग एक स्थान से दूसरे स्थान की ओर जा रहे थे, तभी उनकी गाड़ी सामने से आ रहे सेना के ट्रक से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि एम्बुलेंस के परखच्चे उड़ गए।
प्रारंभिक पुलिस जांच और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों से यह संकेत मिल रहे हैं कि एम्बुलेंस चालक को अचानक नींद की झपकी (ड्रॉसीनेस) आ गई थी, जिसके कारण वाहन का संतुलन बिगड़ा और वह सीधे सामने से आ रहे आर्मी ट्रक से जा टकराया। हालांकि, पुलिस मामले के सभी पहलुओं की बारीकी से जांच कर रही है ताकि घटना के सही कारणों का पता लगाया जा सके।
पीड़ितों की पहचान और राहत कार्य
मृतकों की पहचान श्रीगंगानगर जिले के हिंदूमालकोट इलाके के चक 5बी गांव के निवासियों के रूप में की गई है। इस भीषण हादसे में जान गंवाने वालों में दो महिलाएं भी शामिल हैं। घटना की सूचना मिलते ही सूरतगढ़ के सदर थाने की पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने बचाव कार्य शुरू करते हुए घायलों को तत्काल सूरतगढ़ ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद, उनकी नाजुक स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधाओं के लिए अन्य उच्च स्तरीय अस्पताल में रेफर कर दिया गया है।
वर्तमान में, मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम और पहचान की प्रक्रिया पूरी करने के लिए सूरतगढ़ सब-डिविजनल अस्पताल की मोर्चरी में सुरक्षित रखा गया है।
सड़क हादसों का बढ़ता खतरा
पिछले 24 घंटों में राजस्थान में सड़क हादसों की यह दूसरी बड़ी घटना है। इससे पहले, शनिवार को धौलपुर जिले में नेशनल हाईवे-11बी पर एक प्राइवेट बस और ट्रक के बीच हुई आमने-सामने की टक्कर में 32 यात्री घायल हो गए थे। लगातार हो रही ये दुर्घटनाएं राज्य में सड़क सुरक्षा और हाईवे पर यातायात नियमों के पालन को लेकर एक बड़ी चुनौती पेश कर रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि तड़के के समय होने वाली दुर्घटनाओं में चालक की थकान और नींद का बड़ा योगदान होता है। एम्बुलेंस जैसे आपातकालीन वाहनों के चालकों पर अक्सर लंबी दूरी और कम आराम का दबाव होता है, जो सुरक्षा जोखिम को और बढ़ा देता है।
पुलिस ने इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है और हाईवे पर यातायात सुरक्षा को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने वाहन चालकों से अपील की है कि लंबी यात्रा के दौरान पर्याप्त विश्राम लें और तड़के गाड़ी चलाते समय विशेष सावधानी बरतें।
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