Raj Thackeray: महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे ने एक बार फिर आक्रामक तेवर अपनाते हुए राज्य और केंद्र सरकार पर तीखे हमले किए हैं। हालिया भाषण में उन्होंने राम मंदिर में चंदा चोरी, रेलवे में मराठी युवाओं की भागीदारी, मुंबई की बदहाल स्थिति और इथेनॉल नीति जैसे कई ज्वलंत मुद्दों पर सत्ता पक्ष को कठघरे में खड़ा किया है।
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राम मंदिर चंदा चोरी
राज ठाकरे ने राम मंदिर में हुई दान चोरी के मामले को लेकर बीजेपी और आरएसएस को आड़े हाथों लिया। उन्होंने सवाल उठाया कि श्रद्धालुओं की श्रद्धा के साथ किए गए इस खिलवाड़ पर चुप्पी क्यों साधी जा रही है। ठाकरे ने कहा, “राम मंदिर ट्रस्ट के 15 में से 12 सदस्य केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त हैं, जो सीधे आरएसएस और बीजेपी से जुड़े हैं। यदि यह चोरी किसी विपक्षी दल के शासन में हुई होती, तो बीजेपी और आरएसएस अब तक पूरे देश में आंदोलन और मोर्चे निकाल चुके होते।” उन्होंने इस मामले में करोड़ों की हेराफेरी की आशंका जताते हुए पारदर्शिता की मांग की है।
‘मराठी अस्मिता’ और रेलवे भर्ती
मनसे प्रमुख ने अपने पुराने आंदोलन की याद दिलाते हुए कहा कि रेलवे भर्तियों में मराठी युवाओं के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने प्रश्न किया कि महाराष्ट्र में होने वाली रेलवे भर्तियों के विज्ञापन केवल यूपी और बिहार के अखबारों में क्यों छपते हैं? उन्होंने कहा कि साल 2008 में मनसे के संघर्ष के कारण ही रेलवे परीक्षा को मातृभाषा में देने की सुविधा मिली थी। उन्होंने चेतावनी दी कि रेलवे स्टेशन हो या भर्ती प्रक्रिया, स्थानीय युवाओं के अधिकारों की अनदेखी किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है। भाषा थोपने की संस्कृति पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने स्पष्ट कहा कि कोई भाषा खराब नहीं होती, लेकिन किसी भी भाषा को मराठी जनता पर जबरन थोपा नहीं जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री और मुंबई की दुर्दशा
मुंबई में बारिश से बिगड़े हालात और ‘मिसिंग लिंक’ जैसे मुद्दों पर राज ठाकरे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर निशाना साधा। उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा विधानसभा में हिंदी में दिए गए भाषण की कड़ी आलोचना की। ठाकरे ने पूछा, “महाराष्ट्र की विधानसभा में हिंदी बोलने की क्या आवश्यकता है? क्या मुख्यमंत्री का संबोधन दिल्ली के शीर्ष नेतृत्व को खुश करने के लिए था?” उन्होंने मुंबई की जर्जर स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि 2005 में 1000 मिमी बारिश होने पर जैसी स्थिति थी, आज 300-400 मिमी बारिश में भी शहर वैसी ही बदहाली झेल रहा है, जो विकास के दावों की पोल खोलता है।
केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल
पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण के मुद्दे पर उन्होंने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी पर तंज कसा। ठाकरे ने कहा कि यह विषय पेट्रोलियम मंत्रालय का है, लेकिन इस पर सड़क परिवहन मंत्री सफाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का काम केवल सत्ता बचाना और दूसरे दलों के नेताओं को तोड़ना रह गया है, जनता की समस्याओं से उनका कोई सरोकार नहीं है। उन्होंने संवेदनहीनता दिखाने वाले नेताओं को आड़े हाथों लेते हुए जनता से अपील की कि मतदान के समय इन सभी घटनाओं और कामकाज का हिसाब जरूर लिया जाए।
अंत में, राज ठाकरे ने दो टूक शब्दों में कहा कि वे महाराष्ट्र के अपमान को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं करेंगे और सत्ता में चाहे कोई भी रहे, गलतियों पर सवाल उठाना उनका कर्तव्य है।










