रेल मंत्रालय ने पूरी की औपचारिकताएं, 411.96 करोड़ में बनेगी राजपुरा बाईपास लाइन

 चंडीगढ़ राजपुरा बाईपास लाइन का निर्माण कार्य जल्द शुरू होगा। रेल मंत्रालय स्तर पर इसकी औपचारिकताएं पूरी हो गई हैं। सोमवार को इस संदर्भ में नई दिल्ली में केंद्रीय रेल राज्यमंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने इस परियोजना पर आला अफसरों के साथ मंत्रणा की। यह परियोजना 411.96 करोड़ रुपये की है।  मंत्री बिट्टू ने बताया कि उत्तरी रेलवे के सबसे व्यस्त खंडों में से एक पर भीड़भाड़ कम करने के उद्देश्य से राजपुरा बाईपास लाइन के निर्माण को औपचारिक मंजूरी प्रदान कर दी है। स्वीकृत कार्य के अंतर्गत न्यू शंभू समर्पित माल गलियारा (डीएफसी) स्टेशन को मौजूदा राजपुरा–बठिंडा लाइन के

Wrriten By :

Editor

Published On :

फ़रवरी 10, 2026

Advertisements
728x90 Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital.jpg

 चंडीगढ़
राजपुरा बाईपास लाइन का निर्माण कार्य जल्द शुरू होगा। रेल मंत्रालय स्तर पर इसकी औपचारिकताएं पूरी हो गई हैं। सोमवार को इस संदर्भ में नई दिल्ली में केंद्रीय रेल राज्यमंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने इस परियोजना पर आला अफसरों के साथ मंत्रणा की। यह परियोजना 411.96 करोड़ रुपये की है। 

मंत्री बिट्टू ने बताया कि उत्तरी रेलवे के सबसे व्यस्त खंडों में से एक पर भीड़भाड़ कम करने के उद्देश्य से राजपुरा बाईपास लाइन के निर्माण को औपचारिक मंजूरी प्रदान कर दी है। स्वीकृत कार्य के अंतर्गत न्यू शंभू समर्पित माल गलियारा (डीएफसी) स्टेशन को मौजूदा राजपुरा–बठिंडा लाइन के काउली स्टेशन से जोड़ने के लिए 13.46 किलोमीटर लंबी बाईपास लाइन का निर्माण किया जाएगा।

यह रणनीतिक संपर्क भारतीय रेल की अम्ब्रेला वर्क योजना के तहत नई रेल लाइन परियोजनाओं का हिस्सा है। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य वर्तमान में पूर्ण क्षमता पर संचालित हो रहे राजपुरा यार्ड पर दबाव कम करना है। उन्होंने बताया कि अंबाला–जालंधर खंड उत्तरी रेलवे नेटवर्क के सबसे व्यस्त कॉरिडोरों में से एक है। यदि समय रहते हस्तक्षेप नहीं किया गया, तो वर्ष 2030-31 तक इस क्षेत्र में लाइन क्षमता उपयोग 165 प्रतिशत से अधिक होने का अनुमान है, जो बढ़ते यातायात के कारण और भी अधिक दबाव उत्पन्न करेगा।

सीधी आवाजाही सुविधा मिलेगी
नई बाईपास लाइन ट्रेनों को सीधी आवाजाही की सुविधा प्रदान करेगी जिससे राजपुरा यार्ड की भीड़भाड़ से पूरी तरह बचा जा सकेगा। इससे मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों की आवाजाही अधिक सुगम एवं तीव्र होगी। न्यू शंभू स्थित समर्पित माल गलियारे से सीधा संपर्क स्थापित होने से माल ढुलाई की दक्षता और गति में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी। यह स्वीकृति क्षेत्र में रेल अवसंरचना के आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है जिससे देश की बढ़ती परिवहन आवश्यकताओं के अनुरूप क्षमता विस्तार सुनिश्चित किया जा सकेगा।

Leave a Comment

2