Rahul Gandhi: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की परीक्षाओं को लेकर एक ऐसा अभूतपूर्व और बड़ा विवाद खड़ा हो गया है, जिसने देश के पूरे शिक्षा जगत को हिलाकर रख दिया है। कांग्रेस के दिग्गज नेता राहुल गांधी ने इस पूरे मामले में 18 साल के एक होनहार छात्र सार्थक सिद्धांत और उनके दोस्त निसर्ग की हिम्मत की जमकर तारीफ की है। इन दोनों जांबाज छात्रों ने अकेले अपने दम पर सीबीएसई और परीक्षा का काम देखने वाली निजी कंपनी कोएम्प्ट (COEMPT) के बीच चल रहे एक कथित और बेहद गंभीर खेल को पूरे देश के सामने बेनकाब कर दिया है। राहुल गांधी ने इस पूरे खुलासे को देश के करोड़ों युवाओं की सबसे बड़ी जीत और केंद्र सरकार की एक करारी और शर्मनाक हार करार दिया है।
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जो काम देश की बिकाऊ मीडिया और खोजी पत्रकार नहीं कर पाए, वो 18 साल के बच्चों ने कर दिखाया
इस पूरे सनसनीखेज मामले की इनसाइड स्टोरी बेहद चौंकाने वाली है। छात्र सार्थक ने सीबीएसई कक्षा 12वीं की कॉपियां जांचने वाले डिजिटल सिस्टम यानी ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सॉफ्टवेयर में हो रही बहुत बड़ी तकनीकी गड़बड़ियों और कमियों को रंगे हाथों पकड़ लिया था। सार्थक ने उन गंभीर लूपहोल्स को उजागर किया, जिन्हें देश के बड़े-बड़े टीवी चैनल, नामचीन अखबार और दिग्गज खोजी पत्रकार भी सूंघ तक नहीं पाए थे। इस महा-खुलासे के बाद मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने देश के केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर सीधा और आक्रामक निशाना साधा है। कांग्रेस का साफ कहना है कि परीक्षा प्रणाली में इतनी बड़ी धांधली और सुरक्षा चूक के बाद भी शिक्षा मंत्री का अपने पद पर बने रहना सिर्फ और सिर्फ कुर्सी का मोह दिखाता है।
राहुल गांधी का सोशल मीडिया पर बड़ा बयान
इस विवाद के गरमाते ही राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर एक बेहद आक्रामक और भावुक संदेश साझा किया। उन्होंने कहा कि सार्थक की उम्र भले ही सिर्फ 18 साल है, लेकिन उनकी दूरदर्शी सोच, उनका गजब का हौसला और उनके नियम देश के किसी भी बड़े और समझदार इंसान से कम नहीं हैं। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा और तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि पीएम मोदी हमेशा यही चाहते हैं कि देश के युवा सिर्फ सोशल मीडिया पर रील बनाने में बिजी रहें और पकोड़े तलते रहें, लेकिन सरकार से शिक्षा और रोजगार को लेकर कोई जरूरी या कड़ा सवाल न पूछें। मगर इन समझदार बच्चों ने चुप रहने के बजाय सीधे इस भ्रष्ट व्यवस्था की आंख में आंख डालकर सवाल पूछे और पूरी छानबीन करके खुद उनके पुख्ता जवाब भी ढूंढ निकाले। राहुल ने तंज कसते हुए कहा कि देश के एक बच्चे ने जांच के मामले में सीबीआई (CBI) जैसी बड़ी सरकारी एजेंसी को भी बहुत पीछे छोड़ दिया है।
हंगामे के बीच सीबीएसई का बड़ा दावा
इस पूरे चौतरफा सियासी हंगामे और घिराव के बीच सीबीएसई बोर्ड ने भी बचाव में एक बेहद चौंकाने वाली जानकारी साझा की है। बोर्ड का आधिकारिक दावा है कि परीक्षा के बाद छात्रों की कॉपियों की दोबारा जांच करने वाले उनके संवेदनशील कंप्यूटर पोर्टल पर एक बहुत बड़ा और खतरनाक साइबर हमला (Cyber Attack) हुआ था। हालांकि, बोर्ड ने दावा किया है कि उनकी टेक्निकल टीम ने इस हैकिंग के प्रयास को समय रहते पूरी तरह नाकाम कर दिया था। इसके बावजूद, इस गंभीर घटना ने देश की सबसे बड़ी परीक्षा आयोजित कराने वाली संस्था की डिजिटल सुरक्षा, डेटा प्राइवेसी और उसकी पूरी कंप्यूटर प्रणाली की साख पर सैकड़ों गंभीर और अनसुलझे सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसका जवाब अब देश का हर छात्र मांग रहा है।










