Rahul Gandhi Vote Chori : ‘वोट चोरी से बनी सरकार को जनता जरूरी नहीं’, राहुल गांधी ने BJP पर साधा निशाना

राहुल गांधी ने एक बार फिर ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर BJP और चुनाव आयोग को घेरा है। महाराष्ट्र की SIR ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में 2.07 करोड़ नाम बाहर होने का दावा करते हुए उन्होंने सरकार पर गंभीर सवाल उठाए। आखिर कौन सी वोटर लिस्ट सही है और राहुल के आरोपों में कितना दम है?

Rahul Gandhi Vote Chori

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

सितम्बर 1, 2026

Rahul Gandhi Vote Chori : कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) तथा चुनाव आयोग पर गंभीर सवाल उठाए हैं। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया में कथित तौर पर बदलाव के तरीके अलग-अलग समय पर बदल सकते हैं, लेकिन उनका उद्देश्य भाजपा को चुनावी लाभ पहुंचाना है। उन्होंने अपने बयान में महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल की मतदाता सूचियों से जुड़े आंकड़ों का हवाला देते हुए चुनावी पारदर्शिता पर सवाल उठाया।

महाराष्ट्र के चुनावों में 39 लाख मतदाताओं का मुद्दा उठाया

राहुल गांधी ने महाराष्ट्र के 2024 लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बीच मतदाताओं की संख्या में हुई कथित बढ़ोतरी का उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि दोनों चुनावों के बीच राज्य में करीब 39 लाख नए मतदाता जुड़ गए थे। राहुल गांधी के मुताबिक, उन्होंने उस समय भी मतदाताओं की संख्या में इस बदलाव को लेकर सवाल उठाए थे और इसे कथित ‘वोट चोरी’ से जोड़ा था। उन्होंने कहा कि वह अपने उस आरोप पर आज भी कायम हैं।

पश्चिम बंगाल SIR पर भी राहुल गांधी के सवाल

कांग्रेस नेता ने पश्चिम बंगाल में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR प्रक्रिया का भी जिक्र किया। राहुल गांधी का दावा है कि SIR के दौरान मतदाता सूची से हटाए गए नामों में से बड़ी संख्या अपील के बाद दोबारा जोड़नी पड़ी। उन्होंने कहा कि उनके अनुसार हटाए गए नामों में करीब 91 प्रतिशत नाम अपील के बाद फिर से मतदाता सूची में शामिल किए गए।

‘हर दस में नौ नाम गलत तरीके से हटाए गए’

राहुल गांधी ने पश्चिम बंगाल के आंकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया कि हर दस में से करीब नौ नाम गलत तरीके से मतदाता सूची से हटाए गए और बाद में अपील की प्रक्रिया के जरिए उन्हें वापस जोड़ा गया। उन्होंने कहा कि इसी वजह से उन्होंने पश्चिम बंगाल में भी कथित ‘वोट चोरी’ का मुद्दा उठाया था। हालांकि, इन आंकड़ों और दावों की स्वतंत्र पुष्टि संबंधित आधिकारिक रिकॉर्ड के आधार पर किया जाना जरूरी है।

महाराष्ट्र की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट पर बड़ा दावा

राहुल गांधी ने अब महाराष्ट्र की मौजूदा ड्राफ्ट मतदाता सूची को लेकर भी बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि राज्य की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से करीब 2.07 करोड़ मतदाताओं के नाम बाहर कर दिए गए हैं। उनके मुताबिक यह संख्या महाराष्ट्र के लगभग हर पांचवें मतदाता के बराबर है। उन्होंने अलग-अलग चुनावों और मतदाता पुनरीक्षण से जुड़े आंकड़ों की तुलना करते हुए सवाल उठाया कि आखिर किस सूची को सही और अंतिम माना जाना चाहिए।

मतदाता संख्या में अंतर को लेकर पारदर्शिता पर सवाल

राहुल गांधी ने मतदाता सूचियों में कथित अंतर को चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता से जोड़ते हुए सवाल उठाया। उनका कहना है कि अगर अलग-अलग समय पर मतदाताओं की संख्या में इतना बड़ा अंतर दिखाई देता है, तो जनता के सामने यह स्पष्ट होना चाहिए कि सही मतदाता सूची कौन सी है। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित किए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

‘सरकार के लिए जनता जरूरी नहीं’ का आरोप

राहुल गांधी ने अपने बयान में भाजपा पर लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि कथित ‘वोट चोरी’ के जरिए बनी सरकार के लिए जनता की जरूरत नहीं होती। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि ऐसी सरकार जनता की बात नहीं सुनती और न ही जनता के आदेश को महत्व देती है। उनके बयान का मुख्य केंद्र चुनावी प्रक्रिया में मतदाता सूची की भूमिका और उसकी विश्वसनीयता रहा।

बीजेपी और चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया का इंतजार

राहुल गांधी द्वारा लगाए गए आरोपों पर इस बयान के आधार पर भाजपा और चुनाव आयोग की कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और SIR प्रक्रिया से संबंधित दावों की आधिकारिक पुष्टि चुनाव आयोग के रिकॉर्ड और संबंधित दस्तावेजों से की जानी आवश्यक है। ऐसे में राहुल गांधी के आरोपों और आधिकारिक आंकड़ों के बीच स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर सामने आ सकेगी।

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