Rahul Gandhi: वाराणसी कोर्ट का बड़ा फैसला, राहुल गांधी केस में फिर शुरू हुई सुनवाई

वाराणसी कोर्ट के ताजा फैसले के बाद राहुल गांधी से जुड़े भगवान राम टिप्पणी मामले में सुनवाई फिर से शुरू हो गई है। इस फैसले ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। आखिर अदालत ने क्या कहा और आगे क्या कानूनी कार्रवाई होगी, इस पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।

राहुल गांधी केस में फिर शुरू हुई सुनवाई

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

जून 11, 2026

Rahul Gandhi: कांग्रेस नेता राहुल गांधी से जुड़े भगवान राम पर कथित टिप्पणी मामले में एक नया मोड़ आ गया है। वाराणसी की सांसद-विधायक अदालत ने बुधवार (10 जून, 2026) को निचली अदालत के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर को खारिज कर दिया गया था। इस फैसले के बाद मामला एक बार फिर कानूनी प्रक्रिया के दायरे में आ गया है और आगे की सुनवाई का रास्ता खुल गया है।

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विवादित टिप्पणी को लेकर दर्ज हुई थी शिकायत

यह पूरा विवाद राहुल गांधी के उस कथित बयान से जुड़ा है, जो उन्होंने 2025 में अमेरिका के बोस्टन स्थित ब्राउन यूनिवर्सिटी में एक कार्यक्रम के दौरान दिया था। शिकायत के अनुसार, उन्होंने भगवान राम को एक पौराणिक और ऐतिहासिक रूप से काल्पनिक पात्र के रूप में संदर्भित किया था। शिकायतकर्ता का दावा है कि इस टिप्पणी से धार्मिक भावनाएं आहत हुईं और इससे हिंदू समुदाय में नाराजगी फैल गई।

पहले निचली अदालत ने खारिज किया था मामला

इस मामले में पहले वाराणसी की एक अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (ACJM) अदालत ने शिकायत को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि कथित बयान विदेश में दिया गया था। अदालत ने यह भी कहा था कि इस तरह के मामलों में मुकदमा चलाने के लिए केंद्र सरकार की पूर्व अनुमति आवश्यक होती है, इसलिए शिकायत को आगे नहीं बढ़ाया जा सकता।

पुनरीक्षण याचिका पर आया नया फैसला

इसके बाद मामले में पुनरीक्षण याचिका दाखिल की गई, जिस पर सुनवाई करते हुए सांसद-विधायक अदालत ने निचली अदालत के आदेश को पलट दिया। अदालत ने कहा कि शिकायत दर्ज करने या प्रारंभिक जांच के स्तर पर केंद्र सरकार की मंजूरी जरूरी नहीं होती। इसलिए तकनीकी आधार पर मामले को खारिज करना उचित नहीं है।

अदालत की अहम टिप्पणी

सुनवाई के दौरान जज ने स्पष्ट किया कि राहुल गांधी सांसद होने के बावजूद इस मामले में उन्हें उन श्रेणियों में नहीं रखा जा सकता, जिन पर विशेष अभियोजन मंजूरी लागू होती है। अदालत ने यह माना कि शिकायत को सिर्फ प्रक्रिया संबंधी आधार पर खत्म नहीं किया जा सकता और मामले की विस्तृत जांच जरूरी है।

निचली अदालत को दोबारा सुनवाई का आदेश

सांसद-विधायक अदालत ने अपने आदेश में निचली अदालत को निर्देश दिया है कि वह मामले पर दोबारा विचार करे और सभी तथ्यों व कानूनी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए नया निर्णय ले। इस फैसले के बाद अब निचली अदालत में इस मामले की फिर से सुनवाई होगी, जिससे राहुल गांधी के लिए कानूनी चुनौती एक बार फिर बढ़ गई है।

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राजनीतिक और कानूनी चर्चा तेज

इस पूरे घटनाक्रम के बाद राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों ही इस मामले पर नजर बनाए हुए हैं। वहीं, कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार अब मामला आगे की न्यायिक प्रक्रिया पर निर्भर करेगा। फिलहाल यह साफ है कि यह विवाद अभी खत्म नहीं हुआ है और आगे इस पर और भी कानूनी बहस देखने को मिल सकती है।