India US Trade 2026: संसद के बजट सत्र के दौरान बुधवार (11 फरवरी, 2026) को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भारत-अमेरिका के बीच हुए हालिया व्यापारिक समझौते को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार किया। राहुल गांधी ने अपने संबोधन में विशेष रूप से भारतीय डेटा की सुरक्षा और बढ़ते टैरिफ का मुद्दा उठाया। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया कि पहले अमेरिका भारतीय उत्पादों पर केवल 3 फीसदी टैरिफ लगाता था, जिसे अब बढ़ाकर 18 फीसदी कर दिया गया है। कांग्रेस सांसद ने इसे भारत के हितों के साथ समझौता बताते हुए कहा कि टैरिफ में 6 गुना की यह बढ़ोतरी भारतीय निर्यातकों और अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा झटका है।
फरवरी की ट्रेड डील: क्या हैं समझौते के प्रमुख बिंदु?
उल्लेखनीय है कि फरवरी की शुरुआत में भारत और अमेरिका के बीच एक महत्वपूर्ण व्यापारिक समझौता हुआ था। इस डील के अंतर्गत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर लगने वाले पारस्परिक शुल्क (Reciprocal Tariff) को 25 फीसदी से घटाकर 18 प्रतिशत करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही, भारत द्वारा रूसी तेल की खरीद पर जो 25 फीसदी का अतिरिक्त दंडात्मक शुल्क लगाया गया था, उसे भी हटा दिया गया है। हालांकि, विपक्ष का तर्क है कि 18 फीसदी का यह शुल्क अभी भी ऐतिहासिक स्तरों से काफी अधिक है और यह भारतीय व्यापार को नुकसान पहुंचा रहा है।
इंडिया गठबंधन का विजन: “हम ट्रंप से बराबरी के स्तर पर करते बात”
राहुल गांधी ने सरकार की कूटनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि केंद्र में ‘इंडिया’ गठबंधन की सरकार होती, तो राष्ट्रपति ट्रंप के साथ बातचीत का तरीका बिल्कुल अलग होता। उन्होंने तर्क दिया कि मौजूदा सरकार ने अमेरिका के सामने खुद को ‘अधीनस्थ’ के रूप में पेश किया है। राहुल के अनुसार, विपक्षी गठबंधन भारतीय डेटा को एक रणनीतिक संपत्ति (Asset) के रूप में इस्तेमाल करता। उन्होंने कहा, “हम अमेरिकी राष्ट्रपति को यह स्पष्ट करते कि भारतीय डेटा वह महत्वपूर्ण ताकत है जो अमेरिकी डॉलर को मजबूती प्रदान कर सकती है, इसलिए इस पर हमारा नियंत्रण और इसकी कीमत तय करना हमारा अधिकार है।”
राहुल गांधी की तीन शर्तें: डेटा, ऊर्जा सुरक्षा और किसानों का हित
अपने भाषण के दौरान राहुल गांधी ने उन तीन प्रमुख शर्तों का भी जिक्र किया, जो उनके अनुसार अमेरिका के सामने रखी जानी चाहिए थीं:
समानता का भाव: अमेरिका को समझना होगा कि भारत उसका अधीनस्थ नहीं, बल्कि एक बराबर का साझेदार है। डेटा एक्सेस के बदले बराबरी का सम्मान जरूरी है।
ऊर्जा संप्रभुता: भारत की ऊर्जा सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। हम किससे तेल खरीदते हैं, यह फैसला हमारा अपना संप्रभु अधिकार होना चाहिए।
किसानों की सुरक्षा: अमेरिका अपने किसानों के हितों की रक्षा करे, लेकिन भारत को भी अपने किसानों के हितों को सर्वोपरि रखना होगा।
कृषि और कपड़ा उद्योग पर संकट: “सरकार ने कुचल दिए गरीबों के हित”
राहुल गांधी ने सरकार पर आरोप लगाया कि इस ट्रेड डील ने भारतीय बाजार के दरवाजे इस तरह खोले हैं जिससे गरीब किसान और घरेलू उद्योग संकट में आ गए हैं। उन्होंने कहा कि “सरकार ने भारतीय किसानों को कुचलने के रास्ते खोल दिए हैं।” इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि गलत नीतियों के कारण भारतीय कपड़ा (Textile) इंडस्ट्री लगभग ‘खत्म’ होने की कगार पर है। उन्होंने अंत में चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर अमेरिका को अपनी वैश्विक महाशक्ति की स्थिति बनाए रखनी है, तो उसे भारतीय डेटा और भारतीय बाजार की सही अहमियत को समझना होगा।
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