Rahul Gandhi on Education Minister: प्रधानमंत्री को अपनी कैबिनेट में कोई और योग्य चेहरा नहीं मिला?’ प्रह्लाद जोशी की नियुक्ति पर भड़के राहुल गांधी

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने नए शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी की नियुक्ति को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि छात्रों के विरोध के बीच पीएम ने एक ऐसे व्यक्ति को शिक्षा मंत्रालय सौंपा है जिस पर गंभीर आरोप रहे हैं। यह फैसला बेहद हैरान करने वाला है।

Rahul Gandhi on Education Minister

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

जुलाई 28, 2026

Rahul Gandhi on Education Minister: राहुल गांधी ने मंगलवार (28 जुलाई 2026) को नए केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी की नियुक्ति को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बेहद आक्रामक और तीखा निशाना साधा है। संसद के मानसून सत्र के नौवें दिन संसद परिसर में मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि देश भर के हजारों छात्र और युवा अपनी बदहाल शिक्षा व्यवस्था और पेपर लीक के खिलाफ लंबे समय से सड़कों पर उतरकर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन कर रहे थे, जिनमें छात्राओं और युवतियों की भागीदारी भी बहुत बड़ी संख्या में थी।

उन्होंने आरोप लगाया कि इन प्रदर्शनकारी छात्राओं को बेरहमी से पीटा गया और उन पर जुल्म ढाया गया, लेकिन विडंबना देखिए कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार ने देश के नए शिक्षा मंत्री के रूप में एक ऐसे व्यक्ति को चुनकर कमान सौंप दी है, जिसके ऊपर यौन उत्पीड़न के आरोपियों का बचाव करने के गंभीर आरोप रहे हैं।

राहुल गांधी ने पीएम मोदी के इस फैसले को बताया बेहद हैरान करने वाला

बताते चले कि, अपनी बात को और आगे बढ़ाते हुए राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली और प्राथमिकताओं पर कड़े सवाल खड़े किए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के पास अपनी केंद्रीय मंत्रिपरिषद (Cabinet) में काम करने वाले कई सक्षम नेता और लोग मौजूद थे, वे अपनी पसंद के अनुसार उनमें से किसी भी योग्य व्यक्ति को शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंप सकते थे। लेकिन इसके बावजूद पीएम मोदी ने जानबूझकर एक ऐसे शख्स को इस महत्वपूर्ण मंत्रालय का प्रभार दिया, जो महिलाओं के यौन उत्पीड़न (Sexual Harassment) जैसे गंभीर मामलों में आरोपियों का समर्थन और बचाव करता आया है।

राहुल ने दो टूक शब्दों में कहा कि देश की मौजूदा परिस्थितियों में प्रधानमंत्री का यह अजीब और गैर-जिम्मेदाराना रवैया वाकई में हर किसी को हैरान करने वाला है, क्योंकि इससे देश की युवा पीढ़ी और महिलाओं के बीच बहुत ही गलत संदेश जा रहा है।

अब नए प्रभार को लेकर सियासत हुई बेहद तेज

गौरतलब है कि देश भर में हुई नीट (NEET) परीक्षा और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक तथा धांधली के मामलों को लेकर लगातार भड़के देशव्यापी छात्र आक्रोश व भारी विरोध प्रदर्शनों के दबाव में आकर, पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार (25 जुलाई 2026) को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।

उन्होंने अपना त्यागपत्र सीधे प्रधानमंत्री को सौंपा था, जिसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विशेष सलाह पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा तत्काल प्रभाव से मंजूर कर लिया था। इसके तुरंत बाद, सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था संभालते हुए केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया। हालांकि, उनके मंत्री बनते ही विपक्ष और खासकर राहुल गांधी द्वारा उठाए गए इन गंभीर नैतिक सवालों ने एक बार फिर केंद्र सरकार को राजनीतिक कटघरे में खड़ा कर दिया है, जिससे मानसून सत्र का माहौल पूरी तरह गरमा गया है।