Political Row: कांग्रेस के ‘रचनात्मक कांग्रेस राष्ट्रीय अधिवेशन’ के दौरान राहुल गांधी और कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित के बीच हुई एक मजाकिया बातचीत अब सियासी विवाद का रूप ले चुकी है। भारतीय जनता पार्टी ने दोनों नेताओं की टिप्पणी को लेकर कांग्रेस पर हमला बोला है। बीजेपी नेताओं ने इस बातचीत को महिलाओं के प्रति कथित आपत्तिजनक सोच से जोड़ते हुए कांग्रेस से सवाल किए हैं। वहीं, कांग्रेस ने राहुल गांधी का बचाव करते हुए बीजेपी पर बयान को बेवजह राजनीतिक मुद्दा बनाने का आरोप लगाया है।
राहुल गांधी और संदीप दीक्षित के बीच क्या हुआ?
कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन में राहुल गांधी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति और विदेशी नेताओं के साथ उनके संबंधों पर अपनी बात रख रहे थे। इसी दौरान उन्होंने पार्टी नेता संदीप दीक्षित को गले लगाया। इसी क्षण संदीप दीक्षित ने मजाकिया अंदाज में राहुल गांधी से पूछा, “मेलोनी समझ के तो नहीं पकड़ा था?” उनका इशारा इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की ओर था।
बातचीत का यह हिस्सा सामने आने के बाद बीजेपी नेताओं ने राहुल गांधी और संदीप दीक्षित को घेरना शुरू कर दिया। बीजेपी का कहना है कि सार्वजनिक जीवन में सक्रिय नेताओं से इस तरह की भाषा की अपेक्षा नहीं की जाती और महिलाओं तथा विदेशी नेताओं को लेकर सार्वजनिक मंचों पर मर्यादा बनाए रखनी चाहिए।
अमित मालवीय ने राहुल गांधी और संदीप दीक्षित पर साधा निशाना
बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर राहुल गांधी और संदीप दीक्षित की टिप्पणी पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह बातचीत महज ‘लॉकर-रूम बातचीत’ तक सीमित मामला नहीं है, बल्कि इससे सार्वजनिक जीवन में महिलाओं को देखने की मानसिकता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
मालवीय ने आरोप लगाया कि प्रभावशाली पुरुषों की ओर से महिलाओं को उनकी पहचान, नेतृत्व क्षमता और पेशेवर भूमिका के बजाय किसी अन्य नजरिए से देखना चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि इस तरह की टिप्पणियों को मजाक कहकर सामान्य नहीं किया जाना चाहिए।
महिलाओं को लेकर सार्वजनिक संवाद की मर्यादा पर बीजेपी का सवाल
अमित मालवीय ने कहा कि महिलाओं को किसी की निजी कल्पनाओं या अशोभनीय टिप्पणियों का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए। उनके मुताबिक, सार्वजनिक जीवन में प्रभाव रखने वाले नेताओं की भाषा और व्यवहार का समाज पर व्यापक प्रभाव पड़ता है। इसलिए ऐसी टिप्पणियों को केवल राजनीतिक बयानबाजी मानकर नजरअंदाज करना उचित नहीं है।
बीजेपी नेता ने यह भी आरोप लगाया कि इस तरह की भाषा महिलाओं के सम्मान और सार्वजनिक संवाद की मर्यादा को प्रभावित करती है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं से जवाबदेही की मांग करते हुए कहा कि राजनीतिक बहस में व्यक्तिगत और आपत्तिजनक टिप्पणियों से बचना चाहिए।
संबित पात्रा ने भी राहुल गांधी और कांग्रेस पर बोला हमला
बीजेपी सांसद और प्रवक्ता संबित पात्रा ने भी इस मामले को लेकर राहुल गांधी और संदीप दीक्षित पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के संदर्भ में जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया गया, वह शर्मनाक है। संबित पात्रा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी की राजनीतिक भाषा और आचरण लगातार गिरता जा रहा है। उन्होंने कहा कि संवैधानिक पदों पर बैठे नेताओं और विदेशी राष्ट्राध्यक्षों के संदर्भ में बातचीत करते समय राजनीतिक मर्यादा का ध्यान रखना जरूरी है।
कांग्रेस ने किया राहुल गांधी का बचाव
बीजेपी के लगातार हमलों के बीच कांग्रेस ने राहुल गांधी का बचाव किया है। पार्टी की ओर से कहा गया कि राहुल गांधी ने अपने बयान में जॉर्जिया मेलोनी का नाम तक नहीं लिया था। कांग्रेस ने बीजेपी पर बातचीत के एक हिस्से को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया। कांग्रेस का कहना है कि बीजेपी इस पूरे मामले को अनावश्यक रूप से बड़ा मुद्दा बना रही है। पार्टी ने संकेत दिया कि राहुल गांधी की टिप्पणी को उस संदर्भ में देखा जाना चाहिए, जिसमें वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति और विदेशी नेताओं के साथ उनके संबंधों पर चर्चा कर रहे थे।
राहुल गांधी की टिप्पणी पर फिर छिड़ी राजनीतिक बहस
राहुल गांधी और संदीप दीक्षित की बातचीत को लेकर शुरू हुआ विवाद अब कई राजनीतिक मुद्दों से जुड़ गया है। एक तरफ बीजेपी इसे महिलाओं के सम्मान और सार्वजनिक जीवन की भाषा से जोड़ रही है, वहीं कांग्रेस इसे राजनीतिक हमला बता रही है। इस विवाद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति, जॉर्जिया मेलोनी के साथ उनके संबंधों और राजनीतिक संवाद की मर्यादा पर भी नई बहस छेड़ दी है।
कांग्रेस-बीजेपी के बीच बयानबाजी तेज
इस मामले के सामने आने के बाद कांग्रेस और बीजेपी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। बीजेपी जहां राहुल गांधी और संदीप दीक्षित की टिप्पणी को लेकर सवाल उठा रही है, वहीं कांग्रेस का कहना है कि राहुल गांधी के बयान को गलत संदर्भ में पेश किया जा रहा है। अब देखना होगा कि यह विवाद आने वाले दिनों में राजनीतिक मंचों पर कितना आगे बढ़ता है।










