Rahul Gandhi Ravneet Bittu Fight: संसद परिसर बुधवार को भारी राजनीतिक ड्रामे का गवाह बना, जब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के बीच सीधा टकराव हो गया। राहुल गांधी ने बिट्टू को ‘गद्दार दोस्त’ कहकर संबोधित किया, जिस पर बिट्टू ने उन्हें ‘देश का दुश्मन’ करार दिया। यह वाकया उस समय हुआ जब राहुल गांधी विपक्षी सांसदों के निलंबन और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे।
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दलबदल पर तंज और ‘गद्दार’ संबोधन
बताते चले कि, राहुल गांधी ने रवनीत सिंह बिट्टू पर निशाना साधते हुए कहा, “नमस्ते भाई, मेरे गद्दार दोस्त। चिंता मत करो, तुम फिर से कांग्रेस में वापस आ जाओगे।” गौरतलब है कि बिट्टू 2024 के चुनावों से ठीक पहले कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। राहुल गांधी ने जब हाथ मिलाने के लिए हाथ बढ़ाया, तो बिट्टू ने इनकार कर दिया और बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि राहुल गांधी देश के दुश्मनों की भाषा बोल रहे हैं।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर पीएम को घेरा
आपको बता दे कि, संसद की सीढ़ियों पर विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस सांसद एक पोस्टर थामे नजर आए, जिस पर लिखा था “PM कॉम्प्रोमाइज्ड हैं”। राहुल गांधी ने भारत और अमेरिका के बीच हुए हालिया ट्रेड एग्रीमेंट पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस समझौते में राष्ट्रीय हितों के साथ समझौता किया गया है। राहुल ने मंगलवार को भी मीडिया के सामने यही दावे किए थे, जिसके बाद से सदन का माहौल गर्माया हुआ है।
आठ विपक्षी सांसदों का निलंबन
सदन की कार्यवाही में बाधा डालने के आरोप में मंगलवार को विपक्ष के 8 सांसदों को बजट सत्र के लिए सस्पेंड कर दिया गया। निलंबित सांसदों में गुरजीत सिंह औजला, हिबी ईडन, और अमरिंदर सिंह राजा वारिंग जैसे दिग्गज नाम शामिल हैं। विपक्ष का आरोप है कि सरकार उनकी आवाज दबाने के लिए निलंबन का सहारा ले रही है, जबकि वे केवल महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की मांग कर रहे हैं।
जनरल नरवणे की किताब और चीन विवाद
विवाद की असली जड़ पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की अप्रकाशित किताब से जुड़े खुलासे हैं। राहुल गांधी ने सदन में इस किताब का हवाला देते हुए दावा किया कि 2020 के चीन संघर्ष के दौरान जब चीनी टैंक कैलाश रिज तक पहुंच गए थे, तब सेना प्रमुख को कोई स्पष्ट आदेश नहीं दिया गया। राहुल ने आरोप लगाया कि राजनाथ सिंह ने ‘ऊपर’ (पीएम) से पूछने की बात कही और अंत में सेना को अपने हाल पर छोड़ दिया गया।
राष्ट्रीय सुरक्षा और सरकार की जवाबदेही
राहुल गांधी ने जनरल नरवणे के हवाले से कहा कि उस संकट के समय सेना प्रमुख ने खुद को “अकेला” महसूस किया था। उन्होंने पीएम मोदी पर अपना कर्तव्य न निभाने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब सेना को स्पष्ट आदेश की जरूरत थी, तब उन्हें ‘जो उचित समझो वो करो’ कहकर टाल दिया गया। राहुल के अनुसार, यह भारतीय क्षेत्र की रक्षा में सरकार की विफलता को दर्शाता है।










