Petrol-Diesel Price: मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में गहराते युद्ध के संकट और भारत के कई राज्यों में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों की सरगर्मी के बीच, देश की आर्थिक स्थिति को लेकर सियासत तेज हो गई है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने देश की अर्थव्यवस्था और भविष्य में बढ़ने वाली महंगाई को लेकर एक बड़ी भविष्यवाणी की है। उन्होंने आगाह किया है कि वर्तमान में चुनावों के कारण थमी हुई तेल और गैस की कीमतें, मतदान प्रक्रिया संपन्न होते ही आसमान छूने लगेंगी।
राहुल गांधी का ‘X’ पोस्ट: गिरते रुपये और बढ़ती कीमतों पर सरकार को घेरा
शनिवार, 21 मार्च 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर साझा किए गए एक विस्तृत पोस्ट में राहुल गांधी ने केंद्र की मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने विशेष रूप से अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की ऐतिहासिक गिरावट की ओर ध्यान आकर्षित किया। राहुल गांधी ने लिखा कि रुपये का मूल्य गिरकर 100 के स्तर की ओर बढ़ना भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक खतरे की घंटी है। उनके अनुसार, यह केवल सांख्यिकीय आंकड़े नहीं हैं, बल्कि आम आदमी की रसोई पर पड़ने वाली भारी मार के स्पष्ट संकेत हैं।
महंगाई के चक्रव्यूह में फंसेगा आम आदमी और सूक्ष्म उद्योग
कांग्रेस सांसद ने विस्तार से समझाया कि कैसे इंडस्ट्रियल फ्यूल (औद्योगिक ईंधन) की कीमतों में हो रही वृद्धि देश के विनिर्माण क्षेत्र को प्रभावित करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार भले ही इन परिस्थितियों को सामान्य बताने की कोशिश करे, लेकिन वास्तविकता यह है कि उत्पादन लागत और परिवहन खर्च बढ़ने से अंततः रोजमर्रा की चीजों के दाम बढ़ेंगे। राहुल गांधी ने चिंता जताई कि इसका सबसे बुरा प्रभाव MSMEs (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों) पर पड़ेगा, जो पहले से ही चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। जब लागत बढ़ेगी, तो छोटे उद्योगों के लिए टिक पाना मुश्किल हो जाएगा, जिससे रोजगार पर भी संकट आ सकता है।
शेयर बाजार और विदेशी निवेश पर पड़ता नकारात्मक असर
राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में शेयर बाजार की अस्थिरता का भी जिक्र किया। उन्होंने तर्क दिया कि रुपये की कमजोरी और महंगाई के डर से FII (विदेशी संस्थागत निवेशक) अपना पैसा भारतीय बाजार से तेजी से बाहर निकाल रहे हैं। इससे शेयर बाजार पर दबाव बढ़ेगा और मध्यम वर्ग के उन निवेशकों को नुकसान होगा जिन्होंने अपनी जमा पूंजी बाजार में लगा रखी है। उनके अनुसार, विदेशी मुद्रा भंडार में आ रही यह उथल-पुथल देश की दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता के लिए हानिकारक साबित हो सकती है।
https://x.com/RahulGandhi/status/2035312768736485606?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E2035312768736485606%7Ctwgr%5E2359b0428d1c2435700d668f9f24f751f2f775ef%7Ctwcon%5Es1_c10&ref_url=https%3A%2F%2Fwww.abplive.com%2Fnews%2Findia%2Frahul-gandhi-predicts-petrol-diesel-lpg-price-high-after-assembly-elections-in-india-us-israel-iran-war-3104600
चुनाव के बाद पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस में उछाल की आशंका
लेख के अंत में राहुल गांधी ने एक गंभीर राजनीतिक और आर्थिक दावा किया। उन्होंने कहा कि सरकार वर्तमान में चुनावों को देखते हुए पेट्रोल, डीजल और एलपीजी (LPG) सिलेंडर की कीमतों को कृत्रिम रूप से नियंत्रित कर रही है। राहुल के मुताबिक, जैसे ही विधानसभा चुनावों की प्रक्रिया पूरी होगी, तेल कंपनियां और सरकार कीमतों में भारी इजाफा करेंगी। उन्होंने जनता को मानसिक रूप से तैयार रहने का संकेत देते हुए कहा कि हर परिवार की जेब पर इसका सीधा और गहरा असर पड़ना तय है।
जनता की जेब और चुनावी वादे
राहुल गांधी के इन आरोपों ने चुनावी माहौल में महंगाई के मुद्दे को केंद्र में ला दिया है। विपक्ष का तर्क है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और रुपये की गिरावट का बोझ अंततः जनता पर ही डाला जाएगा। अब देखना यह है कि सत्ता पक्ष इन आर्थिक चिंताओं का क्या जवाब देता है और आने वाले दिनों में आम आदमी को महंगाई से कोई राहत मिलती है या नहीं।









