Rahul Gandhi on Trump: ट्रंप-मोदी की दोस्ती पर राहुल का हमला, कहा- फर्क समझो, इंदिरा ने झुकाया था अमेरिका

डोनाल्ड ट्रंप ने पीएम मोदी की तारीफों के पुल बांधे तो लगा कि यह कूटनीतिक जीत है, लेकिन राहुल गांधी ने एक पुराने जख्म को कुरेदकर पूरी बाजी पलट दी। राहुल ने 1971 का जिक्र करते हुए पूछा- क्या आज का भारत अमेरिका के सामने झुक गया है? ट्रंप की दोस्ती या कूटनीतिक दबाव? आखिर राहुल गांधी के इस 'सरेंडर' वाले बयान के पीछे की असली कहानी क्या है?

Rahul Gandhi on Trump

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जनवरी 7, 2026

Rahul Gandhi on Trump: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लीडरशिप पर तीखा हमला किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म X पर 3 जून का एक वीडियो साझा करते हुए ‘फर्क समझो सर जी’ कैप्शन लिखा। इस वीडियो में राहुल ने मोदी और इंदिरा गांधी की विदेश नीति को आपस में तुलना की और आरोप लगाया कि मोदी अमेरिकी दबाव में आसानी से झुक जाते हैं, जबकि इंदिरा गांधी ने अमेरिका को भी अपनी इच्छानुसार काम करने के लिए मजबूर किया।

वीडियो में 1971 के युद्ध का जिक्र

वीडियो में राहुल गांधी ने 1971 के भारत-पाक युद्ध का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि उस समय फोन कॉल या तत्काल संवाद की सुविधा नहीं थी, लेकिन सातवां अमेरिकी फ्लीट भारत के तट पर आ गया था। अमेरिका ने हथियार और एक एयरक्राफ्ट कैरियर भेजा था। राहुल ने बताया कि उस समय इंदिरा गांधी ने कहा था, ‘मुझे जो करना है, मैं करूंगी।’ उन्होंने इसे साबित करने वाला उदाहरण बताते हुए कहा कि इंदिरा गांधी ने अपनी दृढ़ता से अंतरराष्ट्रीय दबावों को टाला।

मोदी को दबाव में झुकते बताया

राहुल ने वीडियो में वर्तमान प्रधानमंत्री पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि मोदी थोड़े से दबाव में ही सरेंडर कर देते हैं। राहुल ने BJP और RSS नेताओं को भी निशाना बनाया और कहा कि उन्हें थोड़ा धक्का देने पर वे डर के मारे पीछे हट जाते हैं। उन्होंने यह बात प्रधानमंत्री की अंतरराष्ट्रीय और घरेलू नीतियों की तुलना में कही।यह वीडियो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान के ठीक एक दिन बाद आया। ट्रंप ने कहा था कि प्रधानमंत्री मोदी उनसे मिलने आए और कहा, ‘सर, क्या मैं आपसे मिल सकता हूं।’ राहुल ने इस बयान का जिक्र करते हुए इसे मोदी की “अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कमजोर छवि” के उदाहरण के तौर पर प्रस्तुत किया।

राजनीतिक संदेश और आलोचना

राहुल गांधी का यह वीडियो सिर्फ आलोचना तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने इसका राजनीतिक संदेश भी दिया। उनका कहना था कि भारतीय जनता को यह समझना चाहिए कि किस नेता की नीति और कूटनीति देश के लिए लाभकारी है। राहुल ने यह संदेश देते हुए इंदिरा गांधी को प्रेरक उदाहरण बताया और मोदी पर लगातार दबाव में झुकने का आरोप लगाया।इस वीडियो को X पर साझा करने के बाद यह तेजी से वायरल हो गया। कांग्रेस समर्थक इसे इंदिरा गांधी की कूटनीति और दृढ़ निर्णय क्षमता का उदाहरण मान रहे हैं, जबकि बीजेपी समर्थकों ने इसे आलोचना के रूप में देखा। राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, यह राहुल गांधी की कोशिश है कि वे मोदी की विदेश नीति पर सवाल उठाकर जनता का ध्यान केंद्रित करें।

राजनीतिक माहौल पर प्रभाव

इस बयान और वीडियो ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक बहस को बढ़ा दिया है। कई विश्लेषक मानते हैं कि राहुल गांधी का यह आरोप मोदी की नेतृत्व शैली को चुनौती देता है और आगामी चुनावों में इसे विपक्ष की रणनीति का हिस्सा माना जा सकता है।राहुल गांधी ने वीडियो में मोदी की अंतरराष्ट्रीय नीतियों की तुलना इंदिरा गांधी से की और आरोप लगाया कि मोदी अमेरिकी दबाव में आसानी से झुक जाते हैं। उन्होंने 1971 के युद्ध में इंदिरा गांधी की दृढ़ता को उदाहरण के रूप में पेश किया। इस वीडियो ने राजनीतिक बहस को फिर से सक्रिय कर दिया है और सोशल मीडिया पर इसका व्यापक प्रभाव देखा जा रहा है।

Read More: Turkman Gate Demolition: तुर्कमान गेट से 2026 तक बुलडोजर की गूंज, इमरजेंसी काल की यादें फिर हुईं ताजा