Rahul Gandhi Mohammad Deepak Meeting: उत्तराखंड के कोटद्वार में मानवता की मिसाल पेश करने वाले जिम संचालक दीपक कुमार ने हाल ही में दिल्ली स्थित ’10 जनपथ’ पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान राहुल गांधी ने न केवल दीपक की बहादुरी की सराहना की, बल्कि उन्हें कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी से भी मिलवाया। यह भेंट उस साहसी कदम का सम्मान थी, जो दीपक ने सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए अपने शहर में उठाया था।
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राहुल गांधी का बड़ा वादा
बताते चले कि, मुलाकात के बाद उत्साहित दीपक कुमार ने मीडिया को बताया कि राहुल गांधी ने उन्हें विशेष रूप से मिलने के लिए आमंत्रित किया था। बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने दीपक का ढांढस बंधाया और कहा, “डरने की कोई जरूरत नहीं है, आपने कोई गलत काम नहीं किया है।” इस संवाद का सबसे दिलचस्प हिस्सा वह था जब राहुल गांधी ने दीपक से वादा किया कि वे जल्द ही कोटद्वार आएंगे और उनके जिम की मेंबरशिप लेंगे। राहुल ने दीपक की पत्नी से भी फोन पर बात की और परिवार को अपना समर्थन दिया।
इंसानियत और भाईचारे की जीत
आपको बता दे कि, दीपक कुमार की चर्चा ‘मोहम्मद दीपक’ के रूप में तब शुरू हुई जब उन्होंने कोटद्वार में अपने एक मुस्लिम मित्र की दुकान को भीड़ के कोपभाजन से बचाया था। इस घटना का जिक्र करते हुए राहुल गांधी के साथ मौजूद कांग्रेस नेता वैभव वालिया ने कहा कि राहुल गांधी ने ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के माध्यम से जो ‘मोहब्बत की दुकान’ खोलने का संदेश दिया था, दीपक ने उसे धरातल पर सच कर दिखाया है। पार्टी ने दीपक को नफरत के खिलाफ खड़े होने वाले एक सजग नागरिक के रूप में सम्मानित किया है।
बजरंग दल के विरोध के सामने ढाल बने दीपक
इस पूरी कहानी की शुरुआत गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) को हुई थी। कोटद्वार में वकील अहमद की कपड़ों की दुकान ‘बाबा’ का नाम बदलने के लिए कुछ कट्टरपंथी संगठनों के कार्यकर्ता दबाव बना रहे थे। जब माहौल बिगड़ने लगा, तो वकील अहमद के बेटे शोएब के दोस्त दीपक कुमार वहां ढाल बनकर खड़े हो गए। 42 वर्षीय जिम मालिक दीपक ने अकेले ही प्रदर्शनकारियों का विरोध किया और उन्हें वहां से हटने पर मजबूर कर दिया। दीपक के इसी अदम्य साहस को देखते हुए राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर उन्हें ‘भारत का हीरो’ करार दिया था।
सांप्रदायिक सौहार्द का संदेश
10 जनपथ पर हुई इस बैठक में कांग्रेस नेता वैभव वालिया और दीपक के मित्र विजय रावत भी उपस्थित थे। यह मुलाकात केवल एक राजनीतिक भेंट नहीं थी, बल्कि यह संदेश देने की कोशिश थी कि जो लोग समाज को जोड़ने का काम करेंगे, उनके साथ देश का नेतृत्व खड़ा रहेगा। दीपक ने अंत में कहा कि राहुल गांधी से मिलकर उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और वे समाज में इसी तरह भाईचारा फैलाने का काम जारी रखेंगे।
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