Rahul Gandhi: ‘हिंदू धर्मग्रंथों को राजनीतिक चश्मे से न देखें’, मनुस्मृति पर BJP का राहुल को जवाब

Rahul Gandhi Manusmriti Controversy: राहुल गांधी के मनुस्मृति को लेकर दिए बयान पर बीजेपी ने पलटवार किया है। अमित मालवीय ने कांग्रेस पर हिंदू-विरोधी नैरेटिव बनाने का आरोप लगाया और राहुल गांधी को धर्मग्रंथों को राजनीतिक नजरिए से नहीं देखने की सलाह दी। जानिए मनुस्मृति विवाद पर दोनों पक्षों ने क्या कहा।

‘हिंदू धर्मग्रंथों को राजनीतिक चश्मे से न देखें

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

अगस्त 23, 2026

Rahul Gandhi: पुणे में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी की ओर से मनुस्मृति का जिक्र किए जाने के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। राहुल गांधी ने महिलाओं की स्थिति को लेकर मनुस्मृति में बताए गए कथित प्रावधानों पर सवाल उठाए थे। अब भारतीय जनता पार्टी ने उनके बयान को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा है।

बीजेपी नेता अमित मालवीय ने आरोप लगाया कि कांग्रेस हिंदू धर्मग्रंथों को अपनी राजनीतिक सुविधा के अनुसार पेश करके हिंदू-विरोधी धारणा बनाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने राहुल गांधी को सलाह दी कि किसी भी धर्मग्रंथ पर टिप्पणी करने से पहले उसे पूरी तरह और निष्पक्ष तरीके से पढ़ना चाहिए।

अमित मालवीय ने राहुल गांधी पर साधा निशाना

अमित मालवीय ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए राहुल गांधी और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की ओर से किया गया पोस्ट हिंदू धर्मग्रंथों को एक खास राजनीतिक नजरिए से प्रस्तुत करने का उदाहरण है। बीजेपी नेता के मुताबिक, हिंदू धर्म और उसके ग्रंथों को समझने के लिए उन्हें राजनीतिक चश्मे से देखने के बजाय गंभीरता से पढ़ने और समझने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि अगर राहुल गांधी किसी विषय पर बहस करना चाहते हैं तो उन्हें संबंधित धर्मग्रंथों का ईमानदारी से अध्ययन करना चाहिए। मालवीय ने यह भी कहा कि भारत की सभ्यता और परंपराओं को केवल पश्चिमी या राजनीतिक नजरिए से नहीं समझा जा सकता। उन्होंने राहुल गांधी के बयान को राजनीतिक प्रचार का हिस्सा बताया।

निशिकांत दुबे ने भी कसा तंज

इस विवाद में झारखंड के गोड्डा से बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे भी शामिल हो गए। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए राहुल गांधी पर व्यक्तिगत और राजनीतिक तंज कसा।

निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी की बहन प्रियंका गांधी का जिक्र करते हुए कहा कि वह उनसे ज्यादा समझदार हैं और राहुल को अपनी जगह उन्हें दे देनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस के इतिहास और गांधी-नेहरू परिवार से जुड़े पुराने राजनीतिक घटनाक्रमों का हवाला देते हुए पार्टी पर परिवारवाद और दोहरे राजनीतिक मानदंड अपनाने का आरोप लगाया।

दुबे ने जवाहरलाल नेहरू, विजयलक्ष्मी पंडित, इंदिरा गांधी, सरोजिनी नायडू और फिरोज गांधी से जुड़े पुराने घटनाक्रमों का उल्लेख करते हुए कांग्रेस के राजनीतिक सिद्धांतों पर सवाल उठाए।

राहुल गांधी ने महिलाओं की स्वतंत्रता पर दिया जोर

दरअसल, राहुल गांधी ने पुणे के कार्यक्रम में महिलाओं की स्वतंत्रता और उनकी अलग पहचान पर जोर दिया था। उन्होंने कहा कि महिलाओं की पहचान उनके पिता, पति या बेटे के नाम से तय नहीं होनी चाहिए। मनुस्मृति का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने दावा किया कि इसमें महिलाओं को जीवन के अलग-अलग चरणों में पिता, पति और बेटों के अधीन रहने की बात कही गई है। उन्होंने इस विचार को महिलाओं की स्वतंत्रता के खिलाफ बताते हुए इसे शर्मनाक करार दिया।

महिलाओं के अधिकार पर राहुल का जोर

राहुल गांधी ने अपने संबोधन में भारत की करोड़ों महिलाओं को देश की बड़ी ताकत बताया। उन्होंने महिलाओं से अपनी बात खुलकर रखने, अपनी पहचान पर गर्व करने और अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि महिलाओं के अपने सपने, अनुभव और विचार हैं और उन्हें किसी दूसरे व्यक्ति के अधीन नहीं माना जाना चाहिए।

बयान के बाद बढ़ी राजनीतिक गर्मी

राहुल गांधी के मनुस्मृति वाले बयान और बीजेपी के पलटवार के बाद यह मुद्दा राजनीतिक बहस का नया केंद्र बन गया है। कांग्रेस जहां महिलाओं की स्वतंत्रता और समान अधिकारों की बात कर रही है, वहीं बीजेपी राहुल गांधी पर हिंदू धर्मग्रंथों को राजनीतिक नजरिए से पेश करने का आरोप लगा रही है। इस बयानबाजी के बीच अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में कांग्रेस और बीजेपी की ओर से इस मुद्दे पर और क्या प्रतिक्रियाएं सामने आती हैं।

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