Akashvani Rahul Gandhi : मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर मंगलवार को दिल्ली में INDIA गठबंधन के सांसदों ने जोरदार प्रदर्शन किया। विपक्षी सांसद चुनाव आयोग के कार्यालय तक मार्च निकालने के लिए आगे बढ़े। इस प्रदर्शन में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कई विपक्षी नेता शामिल रहे। विपक्ष का आरोप है कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर लगातार गंभीर सवाल उठ रहे हैं और इन मुद्दों पर जवाबदेही तय होना जरूरी है।
राहुल गांधी ने किया 300 सांसदों के समर्थन का दावा
प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी ने दावा किया कि विपक्ष के करीब 300 सांसद इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष लोकतंत्र और मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े अहम सवाल उठा रहा है। राहुल गांधी के मुताबिक, विपक्षी सांसद चुनाव आयोग के अधिकारियों से मिलकर अपनी बात रखना चाहते हैं, लेकिन उन्हें आयोग के कार्यालय तक जाने से रोका जा रहा है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा बताया।

आकाशवाणी भवन परिसर में पहुंचे राहुल और प्रियंका
मार्च के दौरान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी आकाशवाणी भवन के परिसर के अंदर पहुंच गए। राहुल गांधी ने वहीं से मीडिया को संबोधित किया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब विपक्षी सांसद मुख्य चुनाव आयुक्त से मुलाकात करना चाहते हैं, तो उन्हें चुनाव आयोग के कार्यालय तक जाने की अनुमति क्यों नहीं दी जा रही है। राहुल ने कहा कि विपक्ष चुनाव प्रक्रिया से जुड़े अपने सवाल सीधे चुनाव आयोग के सामने रखना चाहता है।
राहुल गांधी ने बीजेपी और आरएसएस पर लगाए आरोप
राहुल गांधी ने प्रदर्शन के दौरान बीजेपी और आरएसएस पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी और आरएसएस देश के लोकतांत्रिक ढांचे को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। कांग्रेस नेता ने कहा कि विपक्ष देश की आवाज उठाने के लिए सड़कों पर उतरा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी गंभीर राजनीतिक आरोप लगाए और दावा किया कि दोनों ने देश को अपने नियंत्रण में ले लिया है।

‘मुकाबला करेंगे और राजनीतिक रूप से खत्म करेंगे’
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में कहा कि विपक्ष बीजेपी का मुकाबला करेगा और उसे राजनीतिक रूप से खत्म करने के लिए संघर्ष करेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि देश के साथ जो कुछ किया गया है, वह उनके अनुसार देशद्रोह के समान है। राहुल ने दावा किया कि इस पूरे मामले में किसी को भी बचने नहीं दिया जाएगा। उनके इस बयान के बाद प्रदर्शन स्थल पर राजनीतिक माहौल और अधिक गरमा गया।
INDIA गठबंधन के नेताओं ने दिया धरना
प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कई विपक्षी नेता आकाशवाणी भवन परिसर में बैठ गए। धीरे-धीरे विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं की संख्या भी बढ़ने लगी। एनएसयूआई के कई कार्यकर्ता भी परिसर के भीतर पहुंच गए। बड़ी संख्या में अन्य कार्यकर्ताओं ने भी अंदर जाने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस और सुरक्षा बलों ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकना शुरू किया।

पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं में हुई धक्का-मुक्की
प्रदर्शनकारियों को रोकने के दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी देखने को मिली। सुरक्षा बलों ने भीड़ को नियंत्रित करने और प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने का प्रयास किया। वहीं कांग्रेस और विपक्षी नेताओं का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें चुनाव आयोग के सामने रखना चाहते हैं और उन्हें आयोग तक जाने की अनुमति मिलनी चाहिए।
चुनाव आयोग से मुलाकात की मांग पर अड़ा विपक्ष
विपक्षी सांसदों का कहना है कि वे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मुलाकात कर चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े सवालों पर चर्चा करना चाहते हैं। राहुल गांधी ने कहा कि चुनाव आयोग की जिम्मेदारी निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करना है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब विपक्षी सांसद आयोग के प्रमुख से मिलना चाहते हैं, तो उन्हें कार्यालय तक पहुंचने से क्यों रोका जा रहा है। प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रखी गई।
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