Rajya Sabha Election: उत्तराखंड राज्यसभा चुनाव 2026 में भाजपा प्रत्याशी दिनेश आर्य ने मंगलवार को विधानसभा भवन में अपना नामांकन दाखिल किया। इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और विधायक इस दौरान मौजूद रहे। कांग्रेस की ओर से उम्मीदवार नहीं उतारे जाने के कारण आर्य का निर्विरोध चुना जाना लगभग तय है।
दिनेश आर्य ने दाखिल किया नामांकन

उत्तराखंड की खाली हो रही एक राज्यसभा सीट के लिए भाजपा उम्मीदवार दिनेश आर्य ने मंगलवार को विधानसभा भवन में नामांकन पत्र दाखिल किया। नामांकन के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट और पार्टी के कई वरिष्ठ नेता तथा विधायक मौजूद रहे। नामांकन का मंगलवार को अंतिम दिन था। भाजपा ने रविवार को दिनेश आर्य के नाम की घोषणा की थी। निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार उत्तराखंड की इस राज्यसभा सीट के लिए 16 अक्टूबर को चुनाव निर्धारित है।
कांग्रेस ने नहीं उतारा अपना प्रत्याशी
बताते चले कि, राज्यसभा चुनाव के इस मुकाबले में कांग्रेस ने अपना प्रत्याशी मैदान में नहीं उतारा है। ऐसे में भाजपा के दिनेश आर्य के सामने कोई प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार नहीं है और उनका निर्विरोध निर्वाचन लगभग तय माना जा रहा है। हालांकि, निर्वाचन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही आधिकारिक रूप से परिणाम घोषित किया जाएगा। उपलब्ध चुनाव कार्यक्रम के अनुसार नामांकन पत्रों की जांच 7 अक्टूबर को होगी और आगे की प्रक्रिया निर्धारित कार्यक्रम के तहत पूरी की जाएगी।
25 नवंबर को खत्म होगा नरेश बंसल का राज्यसभा कार्यकाल
आपकी जानकारी के लिए बता दे कि, उत्तराखंड की यह राज्यसभा सीट मौजूदा सांसद नरेश बंसल का कार्यकाल 25 नवंबर 2026 को समाप्त होने के कारण खाली हो रही है। भाजपा ने इस सीट के लिए दिनेश आर्य को प्रत्याशी बनाया है। पार्टी के इस फैसले के बाद उत्तराखंड की राजनीति में आर्य की उम्मीदवारी चर्चा का विषय बनी हुई है। राज्यसभा चुनाव कार्यक्रम के मुताबिक इस सीट के लिए 16 अक्टूबर को मतदान और मतगणना निर्धारित है, हालांकि कांग्रेस द्वारा प्रत्याशी नहीं उतारे जाने के कारण मतदान की स्थिति नहीं बनती दिख रही है।
कौन हैं दिनेश आर्य?

दिनेश आर्य उत्तराखंड भाजपा के लंबे समय से सक्रिय संगठनात्मक कार्यकर्ता रहे हैं। वह नैनीताल भाजपा के जिलाध्यक्ष भी रह चुके हैं और लंबे समय तक मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के जनसंपर्क अधिकारी के रूप में काम कर चुके हैं। वर्तमान में भी वह प्रदेश की राजनीति और संगठन में सक्रिय भूमिका से जुड़े रहे हैं। भाजपा की ओर से उन्हें राज्यसभा प्रत्याशी बनाए जाने के बाद पार्टी के भीतर उनके संगठनात्मक अनुभव और लंबे सार्वजनिक जीवन को प्रमुखता से रेखांकित किया गया है।
दलित चेहरे के तौर पर दिनेश आर्य की उम्मीदवारी पर नजर
भाजपा ने दिनेश आर्य को दलित चेहरे के रूप में राज्यसभा चुनाव में उतारा है। पार्टी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि आर्य की उम्मीदवारी से यह संदेश जाता है कि भाजपा समर्पित और जमीनी कार्यकर्ताओं को संगठन में महत्व देती है। उन्होंने आर्य के लंबे संगठनात्मक अनुभव का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे राज्यसभा में उत्तराखंड के प्रतिनिधित्व को लाभ मिलेगा।
हल्द्वानी के ‘शुद्धिकरण’ विवाद के बीच भाजपा का फैसला

दिनेश आर्य की उम्मीदवारी को लेकर हल्द्वानी के ‘शुद्धिकरण’ विवाद का राजनीतिक संदर्भ भी सामने आया है। जुलाई में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद रैली स्थल पर कथित तौर पर ‘शुद्धिकरण हवन’ किए जाने को लेकर दोनों दलों के बीच राजनीतिक बयानबाजी हुई थी। कुछ रिपोर्टों में आर्य को उम्मीदवार बनाए जाने को इस विवाद के बीच भाजपा की सामाजिक पहुंच से जोड़कर देखा गया है। हालांकि, यह राजनीतिक विश्लेषण है और भाजपा ने आधिकारिक तौर पर अपनी उम्मीदवारी को संगठनात्मक अनुभव तथा सामाजिक प्रतिनिधित्व के संदर्भ में प्रस्तुत किया है।
भाजपा ने 2022 में भी चौंकाया था राज्यसभा उम्मीदवार के चयन से
उत्तराखंड में राज्यसभा उम्मीदवार के चयन को लेकर भाजपा पहले भी अप्रत्याशित नाम सामने ला चुकी है। वर्ष 2022 में पार्टी ने कल्पना सैनी को राज्यसभा का टिकट दिया था। इस बार दिनेश आर्य को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद एक बार फिर पार्टी के संगठनात्मक कार्यकर्ताओं और सामाजिक प्रतिनिधित्व को लेकर चर्चा तेज हुई है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने आर्य को बधाई देते हुए उनके लंबे सार्वजनिक और संगठनात्मक अनुभव को पार्टी के लिए महत्वपूर्ण बताया है।
निर्वाचन प्रक्रिया के अगले चरण पर नजर
नामांकन दाखिल होने के बाद अब निर्वाचन प्रक्रिया के अगले चरण पर नजर है। यदि जांच के बाद दिनेश आर्य का नामांकन वैध रहता है और कोई अन्य उम्मीदवार मैदान में नहीं आता है, तो उनका निर्विरोध निर्वाचन औपचारिक रूप से पूरा होगा। कांग्रेस द्वारा प्रत्याशी नहीं उतारे जाने के कारण मुकाबले की स्थिति फिलहाल नहीं है। आधिकारिक चुनाव प्रक्रिया के तहत आगे की घोषणा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार की जाएगी।
कुल मिलाकर, उत्तराखंड राज्यसभा चुनाव 2026 में दिनेश आर्य का नामांकन भाजपा के लिए संगठनात्मक अनुभव और सामाजिक प्रतिनिधित्व, दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। अब निगाहें नामांकन जांच और निर्वाचन की औपचारिक प्रक्रिया पर हैं।










