Assembly Election 2026: ‘लेफ्ट में अब कुछ भी लेफ्ट नहीं बचा’, अलाप्पुझा में बरसे राहुल गांधी, LDF और BJP पर लगाया सांठगांठ का आरोप

केरलम विधानसभा चुनाव 2026 के प्रचार के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अलाप्पुझा में सत्तारूढ़ वाम मोर्चे (LDF) और भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि वामपंथी नेता आरएसएस-भाजपा से गुप्त समझौता कर रहे हैं। साथ ही राहुल ने सरकार बनने पर महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा और भारी-भरकम स्वास्थ्य बीमा जैसे बड़े वादे भी किए।

Assembly Election 2026

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अप्रैल 4, 2026

Assembly Election 2026: केरलम विधानसभा चुनाव 2026 के अंति

म और बेहद निर्णायक चरण में राजनीतिक रैलियों का दौर चरम पर पहुंच गया है। इसी कड़ी में शनिवार (4 अप्रैल 2026) को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने राज्य की सत्तारूढ़ वामपंथी सरकार और केंद्र की मोदी सरकार पर जमकर सियासी तीर चलाए। अलाप्पुझा में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) पर तीखा हमला बोला। राहुल गांधी ने दो टूक कहा कि वर्तमान में लेफ्ट पार्टियों में अब कुछ भी ‘लेफ्ट’ (वामपंथी विचारधारा) नहीं बचा है और यह मोर्चा केरलम की आम जनता से पूरी तरह कट चुका है।

यूडीएफ उम्मीदवारों के पक्ष में बड़ा संकेत

चुनावी जनसभा के दौरान मंच साझा करते हुए राहुल गांधी ने पूर्व कद्दावर वामपंथी नेता जी. सुधाकरन की मौजूदगी को केरलम की राजनीति में एक बड़े बदलाव और क्रांति का स्पष्ट संकेत बताया। कांग्रेस नेता ने मंच से कहा कि सुधाकरन किसी राजनीतिक अवसरवाद या स्वार्थ के चलते यूडीएफ (UDF) के पाले में नहीं आए हैं, बल्कि हकीकत यह है कि मौजूदा वामपंथी दलों के बुनियादी ढांचे और विचारों के भीतर ही कुछ बहुत खराब बदलाव हो चुके हैं। गौरतलब है कि चार बार के विधायक और दो बार के पूर्व कद्दावर मंत्री रह चुके सुधाकरन को सीपीएम (CPIM) से तब निष्कासित कर दिया गया था, जब उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला किया था और बाद में कांग्रेस नीत यूडीएफ ने उन्हें अपना पूरा समर्थन दे दिया।

एलडीएफ और आरएसएस-भाजपा में गुप्त समझौते का आरोप

राहुल गांधी ने रैली में एक बेहद गंभीर और सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा कि केरलम में सत्तारूढ़ वाम नेतृत्व के भीतर एक छिपा हुआ सांप्रदायिक प्रभाव बहुत तेजी से काम कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि कुछ बड़े वामपंथी नेता अपने संकुचित राजनीतिक फायदे के लिए अंदरखाने भाजपा-आरएसएस (BJP-RSS) के साथ गुप्त समझौता करने को पूरी तरह तैयार बैठे हैं। कांग्रेस सांसद ने कहा कि शीर्ष नेताओं की इस दोहरी नीति और सांठगांठ की वजह से वाम दलों के जमीन से जुड़े समर्पित कार्यकर्ता आज खुद को ठगा हुआ और असहाय महसूस कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन पर कसा तंज

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन पर एक साथ कड़ा प्रहार करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि ये दोनों ही शीर्ष नेता अब जमीन से और जनता से पूरी तरह कट चुके हैं। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक निरंकुश सत्ता में बने रहने से नेताओं में अक्सर एक किस्म का भ्रम और भारी अहंकार पैदा हो जाता है। उन्होंने प्रधानमंत्री पर राज्य के ज्वलंत और अहम मुद्दों पर रहस्यमयी चुप्पी साधने का भी आरोप लगाया और कहा कि भाजपा की असली वैचारिक लड़ाई सिर्फ कांग्रेस और यूडीएफ से है, इसीलिए वह केंद्र की जांच एजेंसियों का डर दिखाकर वाम दलों के प्रति हमेशा एक नरम और दोस्ताना रुख अपनाती है।

नशे की समस्या, बेरोजगारी और यूडीएफ के बड़े चुनावी वादे

राहुल गांधी ने राज्य में तेजी से बढ़ते नशे के मामलों, बदहाल किसानों की परेशानी और रिकॉर्ड तोड़ बेरोजगारी को लेकर भी केरलम सरकार की तीखी घेराबंदी की। उन्होंने कहा कि कॉयर और धान जैसे पारंपरिक और जीवनदायी क्षेत्रों को बचाने में भी वामपंथी सरकार पूरी तरह विफल साबित हुई है। इस दौरान उन्होंने सत्ता में आने पर यूडीएफ (UDF) के बड़े वादों का पिटारा खोलते हुए कहा कि वे राज्य की महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा, कॉलेज छात्राओं को हर महीने 1,000 रुपए की आर्थिक मदद, बुजुर्गों को 3,000 रुपए की सामाजिक पेंशन और प्रत्येक परिवार के लिए 25 लाख रुपए तक का कैशलेस स्वास्थ्य बीमा प्रदान करेंगे।