UP News: उत्तर प्रदेश के शामली जिले में खनन विभाग से जुड़ा रिश्वतखोरी का मामला सामने आने के बाद मेरठ एंटी करप्शन टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने खनन विभाग के लिपिक सदाम और खनन अधिकारी सुधाकर सिंह को हिरासत में लिया है। दोनों पर एक व्यक्ति से रिश्वत मांगने के आरोप हैं। कार्रवाई के बाद जिले के प्रशासनिक और खनन विभाग में हड़कंप की स्थिति बताई जा रही है।
रिश्वत मांगने की शिकायत पर एंटी करप्शन टीम ने की कार्रवाई

जानकारी के मुताबिक, शामली के एक व्यक्ति ने खनन विभाग के अधिकारियों पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाते हुए मेरठ एंटी करप्शन टीम से शिकायत की थी। शिकायत मिलने के बाद टीम ने मामले की जांच शुरू की। इसके बाद टीम शामली पहुंची और खनन विभाग से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की। जांच के दौरान शिकायत में लगाए गए आरोपों और रिश्वत की कथित मांग से जुड़े तथ्यों को खंगाला गया।
खनन पट्टा कराने के नाम पर 1.85 लाख रुपये की रिश्वत का आरोप
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मामला खनन पट्टा कराने से जुड़ा बताया जा रहा है। आरोप है कि पट्टा धारक से काम कराने के नाम पर 1 लाख 85 हजार रुपये की रिश्वत ली गई थी। बताया जा रहा है कि संबंधित पट्टा धारक करीब एक महीने से अधिकारियों और कर्मचारियों के चक्कर लगा रहा था। आरोप है कि इस दौरान उसे लगातार टालने की कोशिश की जा रही थी। शिकायत के बाद एंटी करप्शन टीम ने मामले में कार्रवाई की।
खनन अधिकारी के कार्यालय और आवास पर भी जांच
एंटी करप्शन टीम ने कार्रवाई के दौरान खनन अधिकारी के कार्यालय की जांच की। इसके साथ ही डीएम आवास के पास स्थित खनन अधिकारी के आवास पर भी जांच किए जाने की जानकारी सामने आई है। टीम ने कथित रिश्वत प्रकरण से जुड़े दस्तावेजों और अन्य संभावित साक्ष्यों को भी खंगाला। कार्रवाई के दौरान नकदी बरामद होने की बात भी सामने आई है।
शामली खनन विभाग में लाखों रुपये की नकदी बरामद होने का दावा

आपकी जानकारी के लिए बता दे कि, कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में नकदी मिलने की जानकारी सामने आई है। उपलब्ध जानकारी में बरामद रकम को लेकर अलग-अलग आंकड़े सामने आए हैं। कुछ रिपोर्टों में करीब 65 लाख रुपये, जबकि कुछ जानकारी में लिपिक सदाम के घर से लगभग 70 लाख रुपये बरामद होने की बात कही गई है। हालांकि, बरामद रकम की वास्तविक मात्रा और आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
बरामद नकदी के स्रोत की जांच में जुटी एंटी करप्शन टीम
एंटी करप्शन टीम अब बरामद नकदी के स्रोत की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि बरामद रकम का कथित रिश्वत प्रकरण से कोई संबंध है या नहीं। टीम द्वारा नकदी की गिनती, दस्तावेजों की जांच और शिकायत में लगाए गए आरोपों से जुड़े तथ्यों का मिलान किया जा रहा है। फिलहाल किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले जांच पूरी होना जरूरी है।
हिरासत में लिए गए आरोपियों से पूछताछ जारी
कार्रवाई के बाद खनन अधिकारी सुधाकर सिंह और लिपिक सदाम को थाना आदर्श मंडी ले जाया गया, जहां उनसे पूछताछ किए जाने की जानकारी है। एंटी करप्शन टीम रिश्वत की कथित रकम, खनन पट्टे से जुड़े मामले और बरामद नकदी को लेकर जानकारी जुटा रही है। मामले में दस्तावेजी साक्ष्यों और अन्य तथ्यों की भी जांच की जा रही है।
खनन विभाग रिश्वत मामले में आगे की कार्रवाई पर नजर
फिलहाल शामली खनन विभाग से जुड़े इस मामले में एंटी करप्शन टीम की जांच जारी है। बरामद नकदी की सही मात्रा, उसके स्रोत और रिश्वत के आरोपों से उसके संभावित संबंध की जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी। अधिकारियों की ओर से जांच के निष्कर्ष और आधिकारिक कार्रवाई की जानकारी सामने आने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।










