Raghav Chadha vs AAP : आम आदमी पार्टी (AAP) के भीतर चल रहा अंदरूनी कलह अब सार्वजनिक युद्ध में बदल चुका है। राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने एक नया वीडियो जारी कर अपनी ही पार्टी के नेतृत्व द्वारा लगाए गए आरोपों का कड़ा जवाब दिया है। चड्ढा ने इसे एक “स्क्रिप्टेड कैंपेन” करार देते हुए कहा कि कल से उनके खिलाफ एक सोची-समझी साजिश के तहत एक ही भाषा और एक ही तरह के आरोपों का इस्तेमाल किया जा रहा है। वीडियो के थंबनेल पर उन्होंने बड़े अक्षरों में लिखा है— “घायल हूं इसलिए घातक हूं।” उनका यह बयान पार्टी के भीतर उनकी मौजूदा स्थिति और भविष्य के तेवरों को साफ जाहिर करता है।
वॉकआउट के आरोपों पर सीसीटीवी फुटेज की चुनौती
पार्टी द्वारा लगाए गए पहले आरोप पर कि वे विपक्ष के वॉकआउट में शामिल नहीं हुए, राघव चड्ढा ने इसे “सरासर झूठ” बताया। उन्होंने सीधे तौर पर चुनौती देते हुए कहा कि संसद के हर कोने में सीसीटीवी कैमरे लगे होते हैं। AAP नेतृत्व को चाहिए कि वह कोई भी एक ऐसा फुटेज सार्वजनिक करे जिसमें उन्होंने विपक्ष के वॉकआउट का साथ न दिया हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे हमेशा विपक्षी एकजुटता के साथ खड़े रहे हैं और उनके खिलाफ लगाए जा रहे ये आरोप केवल उनकी छवि धूमिल करने की कोशिश हैं।
प्रस्ताव पर हस्ताक्षर का विवाद: संख्या बल का गणित
दूसरे महत्वपूर्ण आरोप पर सफाई देते हुए राघव चड्ढा ने कहा कि पार्टी के किसी भी नेता ने उनसे किसी खास प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने के लिए न तो औपचारिक रूप से और न ही अनौपचारिक रूप से कहा था। उन्होंने पार्टी के भीतर की गुटबाजी की पोल खोलते हुए बताया कि राज्यसभा में AAP के कुल 10 सांसद हैं, जिनमें से 6-7 सांसदों ने स्वयं उस प्रस्ताव पर हस्ताक्षर नहीं किए थे। चड्ढा ने तार्किक रूप से कहा कि राज्यसभा में किसी भी प्रस्ताव को लाने के लिए महज 50 हस्ताक्षरों की आवश्यकता होती है, जबकि विपक्ष के पास 105 सांसद मौजूद हैं। ऐसे में उन पर दोष मढ़ना तर्कहीन है।
मैं बोलना नहीं चाहता था, मगर चुप रहता तो बार-बार दोहराया गया झूठ भी सच लगने लगता।
Three Allegations. Zero Truth.
My Response: pic.twitter.com/tPdjp04TLt
— Raghav Chadha (@raghav_chadha) April 4, 2026
संसद में कार्यशैली पर सवाल: ‘शोरगुल नहीं, मुद्दे उठाए’
पार्टी के इस आरोप पर कि वे अब डर गए हैं और केवल बेकार के मुद्दे उठा रहे हैं, चड्ढा ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “मैं राज्यसभा में गाली-गलौज करने, माइक तोड़ने या चीखने-चिल्लाने नहीं गया हूं।” उन्होंने अपनी उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा जनता से जुड़े गंभीर विषय जैसे जीएसटी, इनकम टैक्स, पंजाब का पानी, दिल्ली का प्रदूषण, सरकारी स्कूल, बेरोजगारी और महंगाई पर आवाज उठाई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका लक्ष्य संसद में ‘इम्पैक्ट’ (प्रभाव) पैदा करना है, न कि ‘रकस’ (शोरगुल) मचाना।
संगठनात्मक फेरबदल और राजनीतिक भविष्य की लड़ाई
उल्लेखनीय है कि आम आदमी पार्टी ने हाल ही में राघव चड्ढा को राज्यसभा में पार्टी के उपनेता पद से हटाकर डॉ. अशोक मित्तल को यह जिम्मेदारी सौंप दी है। इतना ही नहीं, पार्टी ने सचिवालय को पत्र लिखकर यहां तक कह दिया कि राघव चड्ढा को सदन में बोलने का समय न दिया जाए। इन घटनाक्रमों पर चड्ढा ने संकेत दिया कि उन्हें खामोश करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन वे हार मानने वाले नहीं हैं। उन्होंने अंत में चेतावनी भरे लहजे में कहा कि वे हर झूठ को बेनकाब करेंगे क्योंकि घायल होने के बाद वे और अधिक घातक हो गए हैं।










