SIR controversy: SIR को लेकर राहुल गांधी बनाम चुनाव आयोग, अब किरेन रिजिजू ने दिया जवाब

SIR विवाद को लेकर कांग्रेस, केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के बीच घमासान बढ़ गया है। राहुल गांधी ने चुनावी प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर सवाल उठाए, जिसके बाद किरेन रिजिजू ने प्रतिक्रिया दी। वहीं चुनाव आयोग ने SIR के फैसलों को तीनों आयुक्तों की सर्वसम्मति से लिया गया बताया है।

SIR controversy

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

सितम्बर 27, 2026

SIR controversy: SIR यानी Special Intensive Revision को लेकर केंद्र सरकार, कांग्रेस और चुनाव आयोग के बीच राजनीतिक और संवैधानिक बहस तेज हो गई है। इसी कड़ी में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर दिए गए बयानों पर प्रतिक्रिया दी। रिजिजू ने कहा कि सार्वजनिक स्तर पर ऐसी टिप्पणियों को बढ़ावा देना उचित नहीं है, क्योंकि इससे समाज में गलत संदेश जा सकता है।

राहुल गांधी ने SIR और चुनावी प्रक्रिया पर उठाए सवाल

बताते चले कि, राहुल गांधी ने हाल में SIR और मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर सवाल खड़े किए थे। उन्होंने 2024 के लोकसभा और विधानसभा चुनावों में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। राहुल गांधी ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर नहीं होने दिया जाएगा और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े आरोपों की जांच होनी चाहिए।

SIR controversy

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी गंभीर राजनीतिक आरोप लगाए। हालांकि, ये आरोप कांग्रेस और राहुल गांधी की ओर से लगाए गए हैं। केंद्र सरकार और चुनाव आयोग ने इन दावों पर अलग रुख रखा है।

किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी के बयानों पर जताई आपत्ति

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र में इस तरह की टिप्पणियों को बढ़ावा देना उचित नहीं है। उनके मुताबिक ऐसी बयानबाजी से समाज में गलत संदेश जाने की आशंका है। SIR और मतदाता सूची में बदलाव को लेकर कांग्रेस लगातार सवाल उठा रही है, जबकि चुनाव आयोग ने अपने स्तर पर सामने आई आपत्तियों और फैसलों को लेकर स्पष्टीकरण जारी किया है।

चुनाव आयोग ने कहा- SIR के फैसले सर्वसम्मति से लिए गए

SIR विवाद के बीच चुनाव आयोग ने 26 सितंबर को अपने फैसलों को लेकर महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण दिया। आयोग के अनुसार SIR से जुड़े आदेश और कार्यक्रम तीनों चुनाव आयुक्तों की सर्वसम्मति से मंजूर किए गए। आयोग ने कहा कि 24 जून 2025 को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR शुरू करने से संबंधित आदेश भी सर्वसम्मति से स्वीकृत हुआ था।

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आयोग ने कैबिनेट सचिव को भेजे गए एक पत्र को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की। आयोग के मुताबिक यह पत्र किसी चुनावी नीति या SIR के फैसले से संबंधित नहीं था, बल्कि चुनाव आयोग में प्रतिनियुक्ति पर तैनात एक अधिकारी के कामकाज से जुड़ा विषय था।

दो चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों से बढ़ा मतदाता सूची विवाद

SIR को लेकर विवाद उस समय और चर्चा में आया, जब द इंडियन एक्सप्रेस की 23 सितंबर की रिपोर्ट में चुनाव आयोग की आंतरिक प्रक्रियाओं को लेकर जानकारी प्रकाशित हुई। रिपोर्ट के मुताबिक चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने करीब 10 महीनों के दौरान कम से कम 14 बार आयोग के कुछ फैसलों और प्रक्रियाओं पर औपचारिक आपत्तियां दर्ज की थीं।

इन आपत्तियों में नए मतदाताओं के पंजीकरण, मतदाता सूची से नाम हटाने और दोबारा जोड़ने, Form 6 में बदलाव और मतदाता सूची के डिजिटल डेटाबेस तक पहुंच जैसे मुद्दे शामिल बताए गए। रिपोर्ट के अनुसार कुछ मामलों में दोनों चुनाव आयुक्तों ने अपनी जानकारी या मंजूरी के बिना कार्रवाई किए जाने पर भी सवाल उठाए थे।

हालांकि, चुनाव आयोग ने बाद में स्पष्ट किया कि SIR से जुड़े अंतिम फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों की मंजूरी से लिए गए थे। इसी वजह से आयोग की आंतरिक प्रक्रियाओं और SIR के फैसलों को लेकर राजनीतिक बहस जारी है।

योगी आदित्यनाथ ने SIR विरोध को लेकर कांग्रेस पर साधा निशाना

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी SIR और मतदाता सूची पुनरीक्षण विवाद को लेकर कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को संवैधानिक संस्थाओं और देश की जनता के सामने अपने रुख को स्पष्ट करना चाहिए। सीएम योगी आदित्यनाथ ने यह भी कहा कि SIR कोई नई प्रक्रिया नहीं है। उन्होंने पुराने मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियानों का जिक्र करते हुए 1952, 1957, 1961, 1965-66 और 2003 के अभ्यासों का उल्लेख किया। उन्होंने SIR का विरोध कर रहे कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, राजद और अन्य दलों के रुख को दुर्भाग्यपूर्ण बताया।

SIR को लेकर आगे भी जारी रह सकती है राजनीतिक बहस

फिलहाल SIR, मतदाता सूची और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर कांग्रेस, केंद्र सरकार और विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। एक तरफ विपक्ष चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर सवाल उठा रहा है, वहीं चुनाव आयोग अपने फैसलों को सर्वसम्मति से लिया गया बता रहा है। ऐसे में SIR को लेकर राजनीतिक बहस के साथ-साथ चुनावी प्रक्रिया और संवैधानिक संस्थाओं की भूमिका पर भी चर्चा तेज हो गई है।