Raghav Chadha On NEET Paper Leak: NEET पेपर लीक पर राघव चड्ढा के इस खुलासे से मचा सियासी भूचाल

राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने संसद में NEET पेपर लीक विवाद पर अपनी चुप्पी का कारण बताया है। उन्होंने कहा कि इस गंभीर मुद्दे पर सतही बयानों के बजाय संस्थागत सुधारों की जरूरत थी। साथ ही, उन्होंने केंद्र सरकार के कदमों की सराहना करते हुए कहा कि अब परीक्षाएं कंप्यूटर-बेस्ड होंगी, जिससे शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी।

Raghav Chadha On NEET Paper Leak

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

जुलाई 31, 2026

Raghav Chadha On NEET Paper Leak: राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने संसद के उच्च सदन में चल रही कार्यवाही के दौरान आखिरकार यह खुलकर स्पष्ट किया है कि उन्होंने चर्चित NEET पेपर लीक विवाद पर पहले सार्वजनिक रूप से कोई बयान क्यों नहीं दिया था। संसद में पेश ‘एंटी-पेपर लीक बिल’ पर हो रही महत्वपूर्ण बहस के दौरान अपनी बात रखते हुए चड्ढा ने कहा कि इस तरह के बेहद संवेदनशील और गंभीर मुद्दों के समाधान के लिए केवल सतही राजनीतिक बयानों के बजाय लंबे समय तक चलने वाले और ठोस संस्थागत सुधारों की अत्यधिक आवश्यकता होती है।

विपक्ष से सत्ता पक्ष में आने के बाद जिम्मेदारियों में बदलाव

संसद को संबोधित करते हुए राघव चड्ढा ने अपने राजनीतिक सफर का हवाला देते हुए कहा कि जब वे विपक्ष में हुआ करते थे, तब वे सार्वजनिक मुद्दों पर सरकार से मुखर होकर सक्रिय रूप से सवाल पूछते थे, लेकिन अब सत्ता पक्ष के करीब आने के बाद उनकी भूमिका और जिम्मेदारियां पूरी तरह से बदल चुकी हैं। अब उनका मुख्य फोकस केवल राजनीतिक बयानबाजी नहीं, बल्कि देश की व्यवस्था को सुधारने के लिए जमीनी स्तर पर प्रैक्टिकल सॉल्यूशन में अपना सकारात्मक योगदान देना है।

मीडिया का ध्यान खींचने के बजाय मीनिंगफुल आउटकम

राघव चड्ढा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उन्हें मीडिया की सुर्खियां और ध्यान खींचने के मुकाबले किसी भी विषय के सार्थक और मीनिंगफुल आउटकम में कहीं अधिक दिलचस्पी है। उन्होंने NEET पेपर लीक की वजह से बुरी तरह प्रभावित हुए देश भर के लाखों छात्रों और उनके परिवारों के प्रति गहरी एकजुटता जाहिर की। उन्होंने एस्पिरेंट्स द्वारा की गई कड़ी मेहनत, उनके परिवारों की भारी कुर्बानियों और उठाए गए बड़े वित्तीय बोझ को स्वीकार करते हुए कहा कि आज छात्रों के मन में जो निराशा और मायूसी है, वह पूरी तरह से जायज और समझ में आने वाली है।

पीएम मोदी की तारीफ और कंप्यूटर-बेस्ड परीक्षा का ऐलान

केंद्र सरकार की प्रतिक्रिया का जिक्र करते हुए चड्ढा ने बताया कि छात्रों की वाजिब चिंताओं को सुनने के बाद सरकार ने बिना देर किए तुरंत और सख्त कदम उठाए। उन्होंने इस गंभीर मुद्दे पर तुरंत रिएक्ट करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना की और जानकारी दी कि इस पूरे मामले की जांच बेहद तेजी से पूरी करके महज 75 दिनों के भीतर फास्ट-ट्रैक कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी गई थी। इसके साथ ही उन्होंने यह भी ऐलान किया कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए भविष्य में NEET एग्जाम पुरानी OMR शीट के बजाय आधुनिक कंप्यूटर-बेस्ड सिस्टम के जरिए कराए जाएंगे।

राजनीतिक दलों से अपील और एंटी-पेपर लीक बिल पास

पेपर लीक को देश की एक पुरानी और गंभीर राष्ट्रीय समस्या करार देते हुए चड्ढा ने सभी राजनीतिक दलों से हाथ जोड़कर गुजारिश की कि वे इस संवेदनशील मुद्दे को क्षुद्र दलीय राजनीति का अखाड़ा न बनाएं। उन्होंने पंजाब और कर्नाटक जैसे राज्यों की भर्ती परीक्षाओं में हुई कथित अनियमितताओं का उदाहरण देते हुए तर्क दिया कि ऐसी घटनाएं अलग-अलग दलों की सरकारों के कार्यकाल में होती रही हैं। अंत में, विपक्षी दलों के विरोध प्रदर्शन और सदन से वॉकआउट के बीच संसद के दोनों सदनों ने ध्वनि मत के जरिए ऐतिहासिक ‘एंटी-पेपर लीक बिल’ को पारित कर दिया।