Raghav Chadha: देश की राजधानी दिल्ली में राजनीतिक गतिविधियों ने अचानक तेजी पकड़ ली है। भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के हालिया दौरों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बुलाई गई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक ने सियासी गलियारों में कैबिनेट फेरबदल की अटकलों को हवा दे दी है। इस हलचल के केंद्र में पंजाब की राजनीति और कुछ प्रमुख युवा चेहरे हैं, जिनकी भूमिका को लेकर कयासों का दौर जारी है।
दिल्ली में सक्रियता और अचानक हुई वापसी
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन का पंजाब दौरा निर्धारित कार्यक्रम से पहले ही समाप्त हो गया। चंडीगढ़ में राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया और प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों के साथ रणनीतिक चर्चा के बाद, उन्हें मंगलवार को दिल्ली लौटना था। लेकिन, अचानक वे बीती शाम ही राजधानी लौट आए। उनके साथ पंजाब की राजनीति से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण चेहरे भी दिल्ली पहुंचे, जिनमें राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा, भाजपा महासचिव तरुण चुघ और राज्यसभा सांसद विक्रमजीत साहनी शामिल हैं। इन चारों नेताओं का लुधियाना के हलवारा एयरपोर्ट से एक साथ दिल्ली पहुंचना राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक
इन मुलाकातों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कल सुबह 11 बजे केंद्रीय मंत्रिमंडल की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। इस बैठक का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि हाल ही में केंद्रीय राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने अपने पद से इस्तीफा दिया है, जिससे कैबिनेट में रिक्तियां पैदा हुई हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस बैठक में न केवल विभिन्न मंत्रालयों के नीतिगत फैसलों पर मुहर लगेगी, बल्कि मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल की तस्वीर भी साफ हो सकती है।
राघव चड्ढा की बढ़ती भूमिका और पंजाब चुनाव की रणनीति
सियासी गलियारों में सबसे अधिक चर्चा राघव चड्ढा को लेकर है। अप्रैल 2026 में आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल होने वाले राघव चड्ढा, अपनी युवा छवि और चार्टर्ड अकाउंटेंट के पेशेवर अनुभव के कारण भाजपा नेतृत्व की पसंद बने हुए हैं। चूंकि पंजाब में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं, इसलिए भाजपा चड्ढा की लोकप्रियता का लाभ उठाना चाहती है। कयास लगाए जा रहे हैं कि उन्हें केंद्रीय कैबिनेट में जगह देकर पंजाब में पार्टी का प्रमुख चेहरा बनाया जा सकता है। इसके साथ ही, तरुण चुघ को भी संगठन या मंत्रिमंडल में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दिए जाने की चर्चा है।
भाजपा का संगठनात्मक विस्तार
यह फेरबदल केवल कैबिनेट तक सीमित नहीं है। भाजपा अपने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में भी काम कर रही है। पिछले दिनों हुई उच्च स्तरीय बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की नई टीम के गठन पर मंथन हुआ था, जिसकी घोषणा इस महीने के अंत तक होने की उम्मीद है। पंजाब, हरियाणा और दिल्ली जैसे राज्यों में हालिया नियुक्तियों के बाद, अब केंद्र और संगठन स्तर पर तालमेल बैठाने की कवायद की जा रही है।
आगामी कैबिनेट बैठक में लिए जाने वाले फैसले न केवल केंद्र सरकार की भविष्य की कार्ययोजना तय करेंगे, बल्कि पंजाब में भाजपा के आगामी चुनावी रोडमैप की भी नींव रखेंगे। क्या राघव चड्ढा वास्तव में मोदी कैबिनेट का हिस्सा बनेंगे? इसका जवाब कल की बैठक के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
मध्य प्रदेश में UCC बिल की तैयारी, क्या इंटरकास्ट मैरिज से प्रभावित होंगे आदिवासी अधिकार?










