Raghav Chadha News: राघव चड्ढा बनाएंगे नई पार्टी? सोशल मीडिया पोस्ट से मची खलबली

आम आदमी पार्टी (AAP) और सांसद राघव चड्ढा के बीच बढ़ती तल्खी अब सार्वजनिक हो गई है। हाल ही में राज्यसभा उपनेता पद से हटाए जाने के बाद, राघव ने एक सोशल मीडिया रील साझा की है जिसमें उन्हें नई 'Gen-Z' पार्टी बनाने का सुझाव दिया गया है। राघव की 'Interesting Thought' वाली टिप्पणी ने उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर चर्चाएं तेज कर दी हैं।

Raghav Chadha News:

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अप्रैल 9, 2026

Raghav Chadha News: दिल्ली और पंजाब की राजनीति में इन दिनों एक नई हलचल पैदा हो गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) के दिग्गज नेता और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा और पार्टी आलाकमान के बीच बढ़ती दूरियों ने सियासी पारा बढ़ा दिया है। चड्ढा के हालिया सोशल मीडिया पोस्ट ने इन अटकलों को और हवा दे दी है कि वे जल्द ही कोई बड़ा धमाका कर सकते हैं।

सोशल मीडिया पर राघव चड्ढा की प्रतिक्रिया

बताते चले कि, राघव चड्ढा ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक ऐसी रील साझा की है, जिसने राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है। दरअसल, ‘रिहान’ नामक एक कंटेंट क्रिएटर (@seedhathok) ने एक रील पोस्ट की थी, जिसमें चड्ढा को खुद की नई पॉलिटिकल पार्टी (New Political Party) बनाने का सुझाव दिया गया था। इस रील को अपनी स्टोरी पर साझा करते हुए राघव चड्ढा ने कैप्शन में लिखा—’Interesting Thought’ (दिलचस्प विचार है)। इस छोटे से कमेंट को जनता और विश्लेषक उनके अगले कदम के बड़े संकेत के रूप में देख रहे हैं।

युवाओं की पसंद ‘जेन-ज़ी पार्टी’ का मिला सुझाव

सांसद को साझा की गई रील में यह सलाह दी गई है कि अब समय आ गया है जब चड्ढा को अपनी अलग पहचान बनानी चाहिए। रील में सुझाव दिया गया कि उनकी पार्टी का नाम ‘Gen-Z Party’ रखा जा सकता है। क्रिएटर का तर्क है कि यदि चड्ढा किसी मौजूदा दल (जैसे भाजपा या कांग्रेस) में शामिल होते हैं, तो उन्हें विरोध झेलना पड़ सकता है, लेकिन अपनी पार्टी बनाने पर उन्हें युवाओं का भारी समर्थन मिलेगा। समर्थकों का मानना है कि वे स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़कर एकतरफा जीत हासिल करने का माद्दा रखते हैं।

राज्यसभा उपनेता पद से निष्कासन की कार्रवाई

पिछले कुछ समय से राघव चड्ढा और आम आदमी पार्टी के बीच संबंधों में कड़वाहट साफ देखी जा रही है। हाल ही में पार्टी ने बड़ा एक्शन लेते हुए उन्हें राज्यसभा में पार्टी उपनेता के पद से हटा दिया और उनकी जगह अशोक कुमार मित्तल को नियुक्त कर दिया। इतना ही नहीं, पार्टी ने सदन में उन्हें बोलने के लिए आवंटित समय देने से भी इनकार कर दिया है। यह कार्रवाई चड्ढा के लिए एक बड़ा झटका मानी जा रही है, जिससे उनके अगले राजनीतिक सफर की चर्चा तेज हो गई है।

सत्ताधारी दल की ओर झुकाव और पार्टी आलाकमान के गंभीर आरोप

पार्टी सूत्रों के अनुसार, राघव चड्ढा पर विपक्षी दल (भाजपा) के प्रति नरम रुख अपनाने के आरोप लग रहे हैं। AAP का कहना है कि वे संसद में महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार को घेरने के बजाय ‘समोसे के बढ़ते दाम’ जैसे गौण विषयों पर चर्चा करते हैं। पार्टी को संदेह है कि चड्ढा का झुकाव सत्तापक्ष की ओर बढ़ रहा है। इन्ही आरोपों और हालिया पद कटौती के बीच, राघव चड्ढा का ‘दिलचस्प विचार’ वाला पोस्ट भविष्य में एक बड़े सियासी अलगाव (Political Split) की ओर इशारा कर रहा है।

फिलहाल राघव चड्ढा की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन उनके समर्थकों और सियासी पंडितों की नजरें अब उनके हर सोशल मीडिया अपडेट पर टिकी हैं। क्या ‘आप’ का यह युवा चेहरा वास्तव में अपनी नई जमीन तैयार करेगा? यह आने वाला वक्त ही बताएगा।