Raghav Chadha News: क्या BJP में शामिल होंगे राघव चड्ढा? मनोज तिवारी के ‘चाय’ वाले न्योते से मची खलबली

आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा के बीजेपी में शामिल होने की अटकलें तेज हैं। पंजाब सरकार द्वारा सुरक्षा वापस लिए जाने और केंद्र द्वारा Z कैटेगरी सुरक्षा दिए जाने के बाद सस्पेंस बढ़ गया है। बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने उन्हें 'चाय पर चर्चा' का न्योता देते हुए कहा कि पार्टी के दरवाजे सबके लिए खुले हैं।

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अप्रैल 16, 2026

Raghav Chadha News: आम आदमी पार्टी (AAP) के युवा चेहरे राघव चड्ढा इन दिनों अपनी ही पार्टी में हाशिए पर नज़र आ रहे हैं। संसद में उनके आक्रामक रुख के बाद हुए एक्शन और फिर पार्टी द्वारा उन्हें राज्यसभा में डिप्टी लीडर के पद से हटाए जाने ने आग में घी डालने का काम किया है। इन फैसलों के बाद से ही सियासी गलियारों में यह चर्चा आम हो गई है कि राघव चड्ढा का मोहभंग हो चुका है और वे जल्द ही झाड़ू छोड़कर कमल थाम सकते हैं। हालांकि, राघव चड्ढा की ओर से अभी तक इन अटकलों पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

मनोज तिवारी का बड़ा बयान

बताते चले कि, बीजेपी के वरिष्ठ नेता और सांसद मनोज तिवारी ने पहली बार इन चर्चाओं पर खुलकर बात की है। एक समाचार कार्यक्रम के दौरान जब उनसे पूछा गया कि क्या राघव चड्ढा भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो रहे हैं, तो मनोज तिवारी ने सधे हुए अंदाज में जवाब दिया कि “बीजेपी का दरवाजा सबके लिए खुला है।” उन्होंने आगे जोड़ा कि राघव राज्यसभा में उनके साथी हैं और वे उनका स्वागत करते हैं। मनोज तिवारी ने एक दिलचस्प संकेत देते हुए कहा कि किसी दिन राघव उनके यहाँ चाय पीने आएं, क्योंकि “चाय पीने के बाद बहुत कुछ हो जाता है।”

जेड कैटेगरी का सियासी संकेत

राघव चड्ढा और ‘आप’ नेतृत्व के बीच बढ़ते मतभेद तब और साफ हो गए जब पंजाब की भगवंत मान सरकार ने अचानक उनकी सुरक्षा वापस ले ली। इसके तुरंत बाद, केंद्र की मोदी सरकार ने तत्परता दिखाते हुए राघव चड्ढा को जेड कैटेगरी (Z-Category) की सुरक्षा प्रदान कर दी। केंद्र के इस कदम को महज प्रोटोकॉल नहीं, बल्कि राघव और बीजेपी के बीच बढ़ते बेहतर सामंजस्य के रूप में देखा जा रहा है। सियासी जानकारों का मानना है कि सुरक्षा का यह अदला-बदली भविष्य के किसी बड़े राजनीतिक गठबंधन की ओर इशारा कर रही है।

आखिर क्यों बागी हो रहे हैं राघव?

जब मनोज तिवारी से राघव चड्ढा के बागी होने के कारणों के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने इसका सीधा ठीकरा अरविंद केजरीवाल पर फोड़ा। तिवारी ने कहा कि राघव के पलटने का मुख्य कारण केजरीवाल की कार्यशैली और उनकी नीतियां हैं। उन्होंने दावा किया कि राघव और केजरीवाल के बीच “कुछ तो गड़बड़ है”, जो अभी पूरी तरह से पर्दे के पीछे है। मनोज तिवारी के अनुसार, ‘आप’ के भीतर मची यह खलबली ही राघव को नए विकल्पों की तलाश करने पर मजबूर कर रही है।

क्या बीजेपी ज्वाइन करेंगे राघव चड्ढा?

राघव चड्ढा का अगला कदम क्या होगा, इस पर पूरे देश की नजरें टिकी हैं। क्या वे मनोज तिवारी के चाय के न्योते को स्वीकार करेंगे या अपनी पुरानी पार्टी में वापसी का कोई रास्ता निकालेंगे? फिलहाल, जिस तरह से बीजेपी के नेता उन्हें ‘ऑफर’ दे रहे हैं और केंद्र सरकार उन पर मेहरबान दिख रही है, उससे साफ है कि राजनीति के इस खेल में अभी कई बड़े मोड़ आने बाकी हैं। यदि राघव बीजेपी में शामिल होते हैं, तो यह न केवल दिल्ली और पंजाब की राजनीति बल्कि राज्यसभा के समीकरणों को भी पूरी तरह बदल देगा।