
भोपाल
दिवाली और छठ पर्व के दौरान ट्रेनों में बढ़ती भीड़ के बीच बिना टिकट यात्रा और आरक्षित कोचों में अनधिकृत प्रवेश की शिकायतें सामने आ रही हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कई वीडियो में यात्रियों के बीच तीखी बहस और रिजर्व कोचों में भारी भीड़ देखी जा सकती है।
इन घटनाओं ने रेलवे की टिकट जांच व्यवस्था, यात्रियों की सुरक्षा और आरक्षित सीटों पर उनके अधिकारों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
भोपाल में सामने आई एक घटना में एसी थ्री-टियर कोच में कन्फर्म टिकट लेकर सफर कर रहे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। यात्रियों के अनुसार, उनका कोच बिना टिकट यात्रा करने वाले लोगों से भरा हुआ था। हालात ऐसे हो गए कि गलियारे से निकलना, वॉशरूम तक पहुंचना और सामान्य रूप से सफर करना मुश्किल हो गया। भीड़ से परेशान कुछ यात्रियों ने इमरजेंसी चेन खींच दी, जिसके बाद ट्रेन रुक गई।
टीटीई और आरपीएफ से मदद नहीं मिलने का आरोप
ऑनलाइन सामने आई जानकारी के मुताबिक, यात्रियों ने कई बार ट्रेनिंग टिकट एग्जामिनर (टीटीई) और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) से मदद मांगी, लेकिन उन्हें राहत नहीं मिली। इसके बाद पश्चिम बंगाल के यात्रियों के एक समूह ने खुद पहल करते हुए बिना टिकट यात्रा कर रहे लोगों का विरोध किया और कोच खाली कराया।
महिलाओं की आरक्षित सीटों पर कब्जे की शिकायत
इसी तरह के एक अन्य वायरल वीडियो में स्लीपर कोच में सफर कर रही कन्फर्म टिकट वाली महिलाओं ने उनकी आरक्षित सीटों पर दूसरे यात्रियों के कब्जे की शिकायत की है। महिलाओं का आरोप है कि रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 पर संपर्क करने के बावजूद उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ।
इन घटनाओं को लेकर सोशल मीडिया पर रेलवे की व्यवस्था की आलोचना हो रही है। यात्रियों का सवाल है कि कन्फर्म टिकट के लिए पूरी कीमत चुकाने के बाद भी उन्हें अपनी सीट और बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष क्यों करना पड़ रहा है। लोगों ने ट्रेनों में सख्त टिकट जांच, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
पश्चिम रेलवे ने शुरू किया ऑपरेशन डीप
त्योहारों के दौरान बिना टिकट यात्रा और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पश्चिम रेलवे ने 15 दिनों का विशेष टिकट जांच अभियान 'ऑपरेशन डीप' शुरू किया है। इसके तहत ट्रेनों में टिकट जांच तेज करने और अनधिकृत यात्रियों के खिलाफ कार्रवाई पर जोर दिया जा रहा है।











