नेतन्याहू सरकार की छवि पर उठे सवाल, जनता में बढ़ा असंतोष

नई दिल्ली अमेरिका और ईरान के बीच भले ही समझौता हो गया है, लेकिन अभी भी मिडिल ईस्ट में तनाव जारी है। इजरायल लेबनान के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। इस बीच एक चौंकाने वाले सर्वे रिपोर्ट सामने आया है। सर्वेक्षण के अनुसार, इजरायली जनता ने साफ संकेत दिया है कि हालिया पश्चिम एशिया संघर्ष और अमेरिका-ईरान समझौते के बाद ईरान मजबूत होकर उभरा है, जबकि प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सरकार की छवि बुरी तरह धूमिल हुई है। हिब्रू विश्वविद्यालय और अगम संस्थान के सहयोग से 17 से 20 जून के बीच कराए गए सर्वेक्षण में 3,644 लोगों ने भाग

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Published On :

जून 22, 2026

नई दिल्ली
अमेरिका और ईरान के बीच भले ही समझौता हो गया है, लेकिन अभी भी मिडिल ईस्ट में तनाव जारी है। इजरायल लेबनान के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। इस बीच एक चौंकाने वाले सर्वे रिपोर्ट सामने आया है। सर्वेक्षण के अनुसार, इजरायली जनता ने साफ संकेत दिया है कि हालिया पश्चिम एशिया संघर्ष और अमेरिका-ईरान समझौते के बाद ईरान मजबूत होकर उभरा है, जबकि प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सरकार की छवि बुरी तरह धूमिल हुई है। हिब्रू विश्वविद्यालय और अगम संस्थान के सहयोग से 17 से 20 जून के बीच कराए गए सर्वेक्षण में 3,644 लोगों ने भाग लिया।

न्यूज एजेंसी एएफपी के मुताबिक, सर्वे में शामिल 92.1 प्रतिशत लोगों का मानना है कि ईरान ने संघर्ष जीत लिया या इजरायल की तुलना में उसे ज्यादा फायदा हुआ। 82.9 प्रतिशत इजरायलियों ने कहा कि इस युद्ध और उसके परिणामों से इजरायल की दीर्घकालिक सुरक्षा कमजोर हुई है। खास बात यह है कि यह धारणा केवल विपक्षी समर्थकों तक सीमित नहीं है। नेतन्याहू के दक्षिणपंथी राजनीतिक आधार वाले मतदाताओं में भी 93.1 प्रतिशत ने ईरान को मजबूत बताते हुए इसे इजरायल की हार माना।

अमेरिका-ईरान समझौते का भारी विरोध
इतना ही नहीं, सर्वेक्षण में अमेरिका-ईरान समझौते को इजरायलियों का भारी बहुमत विरोध करता दिखा। 63.2 प्रतिशत लोगों ने समझौते का विरोध किया, जबकि केवल 12.1 प्रतिशत ने इसका समर्थन किया। नेतन्याहू सरकार की छवि पर सबसे गंभीर प्रहार यह रहा कि 72.5 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने प्रधानमंत्री के ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान की सफलता वाले दावों पर भरोसा नहीं जताया। 56.4 प्रतिशत लोगों ने युद्ध प्रबंधन को 'विफल' या 'खराब' करार दिया।

स्विट्जरलैंड में फिर शुरू हुई अमेरिका-ईरान वार्ता
यह सर्वेक्षण ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिकी और ईरानी अधिकारी रविवार को स्विट्जरलैंड में दीर्घकालिक समझौते पर बातचीत कर रहे हैं। अस्थायी समझौते को स्थायी बनाने के लिए हो रही इन वार्ताओं में तेहरान का परमाणु कार्यक्रम, तेल निर्यात और क्षेत्रीय सुरक्षा प्रमुख मुद्दे हैं।

ये वार्ताएं लेबनान में जारी तनाव के बीच हो रही हैं। दक्षिणी लेबनान में इजरायली सैनिकों और हिजबुल्लाह के बीच झड़पों के बाद शुक्रवार को घोषित युद्धविराम का दोनों पक्ष उल्लंघन करने का आरोप लगा रहे हैं। ईरान ने स्पष्ट किया है कि लेबनान में स्थायी युद्धविराम वार्ता की सफलता के लिए जरूरी है, जबकि अमेरिका अगले 60 दिनों में व्यापक समझौते की उम्मीद जता रहा है।