पंजाब में रात और सुबह हो रहा गुलाबी ठंड का एहसास

चंडीगढ़. मौसम विज्ञान विभाग, चंडीगढ़ ने 25 फरवरी 2026 के लिए मौसम का पूर्वानुमान जारी कर दिया है। IMD के मुताबिक, इस हफ्ते (28 फरवरी) तक राज्य में कोई खास बारिश नहीं होगी। मौसम विभाग के अनुसार, रविवार तक राज्य में तापमान नॉर्मल रहने की संभावना है। प्रदेश में इन दिनों दिन में ठंड बिल्कुल खत्म हो गई है। हालांकि, रात और सुबह से समय गुलाबी ठंड का एहसास होता है। गेहूं की फसल के लिए खतरे की घंटी पंजाब के तापमान में लगातार होने वाली बढ़ोतरी गेहूं की फसल के लिए खतरे की घंटी बन सकती है, जिससे किसानों

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फ़रवरी 25, 2026

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चंडीगढ़.

मौसम विज्ञान विभाग, चंडीगढ़ ने 25 फरवरी 2026 के लिए मौसम का पूर्वानुमान जारी कर दिया है। IMD के मुताबिक, इस हफ्ते (28 फरवरी) तक राज्य में कोई खास बारिश नहीं होगी। मौसम विभाग के अनुसार, रविवार तक राज्य में तापमान नॉर्मल रहने की संभावना है। प्रदेश में इन दिनों दिन में ठंड बिल्कुल खत्म हो गई है। हालांकि, रात और सुबह से समय गुलाबी ठंड का एहसास होता है।

गेहूं की फसल के लिए खतरे की घंटी
पंजाब के तापमान में लगातार होने वाली बढ़ोतरी गेहूं की फसल के लिए खतरे की घंटी बन सकती है, जिससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ सकता है। किसानों को होने वाले नुकसान से बचाने के लिए पंजाब कृषि विश्व विद्यालय (पीएयू) लुधियाना के निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ. मखन सिंह भुल्लर द्वारा एडवाइजरी जारी की गई है। डॉ. भुल्लर का कहना है कि पंजाब अंदर 25 अक्टूबर से 15 नवंबर के बीच सीजन दौरान 95 प्रतिशत रकबे में किसानों द्वारा गेहूं की बिजाई की गई है। उनके अनुसार, फसल में जब दाना पड़ने का समय आता है तो फसल के लिए उच्च तापमान काफी संवेदनशील होता है। क्योंकि इस दौरान बढ़े तापमान का गेहूं के दाने के वजन पर बुरा असर पड़ता है, जिसके चलते फसल का झाड़ व गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।

गेहूं की फसल को हल्का पानी लगाने की सलाह
डॉ. भुल्लर के अनुसार, हल्की व दरमियानी जमीन पर एडवांस बिजाई वाली गेहूं की फसल के सिट्टे अधिक तापमान के कारण समय से पहले पक जाते हैं, जिसके चलते दाना कमजोर रह जाता है। उन्होंने बताया कि फरवरी 2026 के दूसरे सप्ताह के दौरान पिछले वर्ष की तुलना में इस बार तापमान में दो से चार डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जोकि फसल के लिए चिंताजनक है। उन्होंने वर्तमान हालातों को देखते हुए किसानों को गेहूं की फसल को हल्का पानी लगाने की सलाह दी। इसके साथ विशेष रूप से कहा कि सिंचाई करते वक्त हवा के रुख का ध्यान जरूर रखा जाए ताकि फसल को गिरने से बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि सतर्कता से होने वाले नुकसान से बचा जा सकता है।

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