मणिपुर में उग्रवादियों से लड़ते हुए पंजाब के सैनिक गुरप्रीत सिंह हुए शहीद

संगरूर. पंजाब के संगरूर जिले के गांव महलां चौक के रहने वाले सैनिक गुरप्रीत सिंह मणिपुर में ड्यूटी के दौरान उग्रवादियों के साथ हुई मुठभेड़ में शहीद हो गए। बताया जा रहा है कि वे भारतीय सेना में तैनात थे और पिछले 21 वर्षों से देश की सेवा कर रहे थे। मणिपुर में चल रहे एक ऑपरेशन के दौरान आतंकियों की ओर से हुई। अचानक फायरिंग में वे गंभीर रूप से घायल हो गए। साथियों ने उन्हें बचाने का हर संभव प्रयास किया, लेकिन उन्होंने मातृभूमि की रक्षा करते हुए वीरगति प्राप्त की। शहादत की खबर मिलते ही गांव महलां

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Published On :

फ़रवरी 26, 2026

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संगरूर.

पंजाब के संगरूर जिले के गांव महलां चौक के रहने वाले सैनिक गुरप्रीत सिंह मणिपुर में ड्यूटी के दौरान उग्रवादियों के साथ हुई मुठभेड़ में शहीद हो गए। बताया जा रहा है कि वे भारतीय सेना में तैनात थे और पिछले 21 वर्षों से देश की सेवा कर रहे थे। मणिपुर में चल रहे एक ऑपरेशन के दौरान आतंकियों की ओर से हुई।

अचानक फायरिंग में वे गंभीर रूप से घायल हो गए। साथियों ने उन्हें बचाने का हर संभव प्रयास किया, लेकिन उन्होंने मातृभूमि की रक्षा करते हुए वीरगति प्राप्त की। शहादत की खबर मिलते ही गांव महलां चौक सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और आसपास के इलाकों के लोग परिवार के घर पहुंचकर संवेदना जता रहे हैं। शहीद अपने पीछे पत्नी, एक पुत्र और एक पुत्री छोड़ गए हैं।

परिवार में छाया मातम
परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने बताया कि गुरप्रीत सिंह मिलनसार, बहादुर और कर्तव्यनिष्ठ सैनिक थे, जिन्हें गांव का हर व्यक्ति सम्मान देता था। इस बीच शहादत को लेकर मुआवजे और सरकारी सहायता को लेकर चर्चा तेज हो गई है। नंबरदार यूनियन पंजाब के नेता रण सिंह मैहलां ने राज्य सरकार से मांग की है कि शहीद के परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए और गांव में उनकी याद में स्मारक बनाया जाए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार शीघ्र घोषणा नहीं करती तो संगठन स्तर पर आवाज उठाई जाएगी।

लोग वीर सपूत को अंतिम विर्दा देने की तैयारी में जुटे
प्रशासन की ओर से एसडीएम दिड़बा ने जानकारी दी कि शहीद का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। क्षेत्र के लोग अपने वीर सपूत को अंतिम विदाई देने की तैयारी में जुटे हैं। गुरप्रीत सिंह की शहादत ने एक बार फिर देश की सुरक्षा में तैनात जवानों के साहस और बलिदान को उजागर किया है।

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