Punjab Politics: भूपेश बघेल के दौरे के बाद बढ़ी हलचल, हाईकमान के सामने रखी जाएगी रिपोर्ट

पंजाब कांग्रेस में मचे घमासान के बीच पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने अपने गुट के नेताओं के साथ अहम बैठक की।

Punjab Politics

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जुलाई 11, 2026

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Punjab Politics: पंजाब कांग्रेस के भीतर अंदरूनी कलह और नेतृत्व परिवर्तन की लड़ाई एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है। प्रदेश कांग्रेस में जारी इस खींचतान के बीच पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और उनके समर्थक गुट के नेताओं ने शनिवार (11 जुलाई) को पंजाब कांग्रेस के नवनियुक्त प्रभारी भूपेश बघेल से मुलाकात की। चंडीगढ़ में हुई इस अहम बैठक में चन्नी समेत उनके गुट के करीब 15 दिग्गज नेताओं ने हिस्सा लिया और मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। बैठक में चन्नी गुट के सभी नेताओं ने एक सुर में राजा वडिंग को पद से हटाने की पुरजोर मांग की है।

इस बैठक के दौरान एक दिलचस्प वाकया भी देखने को मिला। पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी ने बैठक में मौजूद सभी नेताओं से हाथ खड़े करवाकर उनका स्पष्ट मत जानना चाहा कि क्या वे वास्तव में अमरिंदर सिंह राजा वडिंग को उनके पद से हटाना चाहते हैं? इस पर वहां मौजूद सभी 15 नेताओं ने एकमत होकर हाथ उठाए और राजा वडिंग को हटाने के प्रस्ताव का खुला समर्थन किया।

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कार्यकर्ताओं की भावनाएं बघेल तक पहुंचाईं

बैठक के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने मीडिया से बात करते हुए चन्नी गुट का रुख साफ किया। रंधावा ने कहा, “हमने पंजाब के जमीनी कार्यकर्ताओं की वास्तविक भावनाएं और उनकी चिंताएं पार्टी प्रभारी भूपेश बघेल के सामने पुरजोर तरीके से रख दी हैं। हमने साफ कर दिया है कि पंजाब कांग्रेस को एक ऐसा मजबूत चेहरा चाहिए जो मौजूदा सरकार के सामने पूरी ताकत से जनता की बात रख सके और ठोककर मुकाबला करे। हमें ऐसा नेता बिल्कुल नहीं चाहिए जो सरकार के साथ अंदरूनी समझौता (कॉम्प्रोमाइज) कर ले।”

रंधावा ने हाईकमान को नसीहत देते हुए आगे कहा कि राजनीति में कई बार पार्टी के हित के लिए पुराने फैसलों को वापस भी लेना पड़ता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस बैठक में बैठे सभी नेताओं का एकमात्र संकल्प पंजाब में फिर से कांग्रेस की मजबूत सरकार बनाना है।

अमरिंदर सिंह राजा वडिंग पर क्या बोले प्रभारी भूपेश बघेल?

चन्नी गुट की इन तीखी मांगों और शिकायतों के बीच पंजाब कांग्रेस के प्रभारी भूपेश बघेल का भी बयान सामने आया है। हालांकि, बघेल ने मामले को थोड़ा संभालते हुए कहा, “बैठक में सभी नेताओं ने अपनी-अपनी बातें और सुझाव रखे हैं। सामूहिक रूप से अमरिंदर सिंह राजा वडिंग को लेकर कोई बड़ी चर्चा नहीं हुई है, लेकिन हां, कुछ चुनिंदा नेताओं ने व्यक्तिगत तौर पर इस संबंध में अपनी बात रखी है। मैं उन सभी की बातों और शिकायतों को पूरी गंभीरता के साथ पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के समक्ष रखूंगा।”

बघेल ने सभी नेताओं को आश्वस्त करते हुए कहा कि महासचिव और राज्य प्रभारी होने के नाते वे पंजाब के हर कार्यकर्ता और नेता के हितों की रक्षा करेंगे। इसके साथ ही उन्होंने आने वाले चुनावों के मद्देनजर साफ किया कि जो भी नेता जमीन पर मजबूत होगा और जीतने की क्षमता (विनेबिलिटी) रखता होगा, उसे ही पार्टी आगामी टिकटों में प्राथमिकता देगी।

अगले हफ्ते मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी के सामने पेश होगी रिपोर्ट

पंजाब कांग्रेस का यह अंदरूनी विवाद अब जल्द ही दिल्ली दरबार पहुंचने वाला है। प्रभारी भूपेश बघेल अगले हफ्ते पंजाब के मौजूदा राजनीतिक हालात और चन्नी गुट की शिकायतों पर एक विस्तृत गोपनीय रिपोर्ट तैयार करेंगे। वे इस रिपोर्ट को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष व पार्टी सांसद राहुल गांधी को सौंपेंगे। आलाकमान को रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद ही यह तय होगा कि पंजाब कांग्रेस की कमान राजा वडिंग के पास रहेगी या फिर राज्य में कोई बड़ा नेतृत्व परिवर्तन देखने को मिलेगा।

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