Punjab Politics: पंजाब में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने सूबे के सियासी समीकरणों को साधने के लिए एक बहुत बड़ा संगठनात्मक उलटफेर किया है। आलाकमान ने पंजाब में पार्टी की कमान बदलते हुए प्रदेश अध्यक्ष पद पर बड़ा बदलाव किया है। बीजेपी ने पंजाब में पार्टी का आधार मजबूत करने और सिखों व जमीनी नेताओं के बीच पकड़ बढ़ाने के लिए वरिष्ठ नेता और कद्दावर उद्योगपति सरदार केवल सिंह ढिल्लों को पंजाब बीजेपी का नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। इस हाई-प्रोफाइल बदलाव से यह साफ हो गया है कि बीजेपी पंजाब की सत्ता पर काबिज होने के लिए अपनी रणनीति को पूरी तरह बदल रही है।
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राष्ट्रीय नेतृत्व का फैसला
भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने इस नियुक्ति को लेकर पूरी गंभीरता दिखाई है। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और मुख्यालय प्रभारी अरुण सिंह द्वारा हस्ताक्षरित एक आधिकारिक सांगठनिक पत्र जारी किया गया है। इस पत्र के माध्यम से जानकारी दी गई कि बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के निर्देशानुसार सरदार केवल सिंह ढिल्लों को तत्काल प्रभाव से भारतीय जनता पार्टी पंजाब इकाई का नया प्रदेश अध्यक्ष मनोनीत किया गया है। पार्टी का मानना है कि ढिल्लों की अगुवाई में पंजाब बीजेपी कैडर में एक नया उत्साह देखने को मिलेगा।
कौन हैं सरदार केवल सिंह ढिल्लों? विकासवादी और रसूखदार छवि
सरदार केवल सिंह ढिल्लों पंजाब की सियासत का एक बेहद चर्चित, अनुभवी और बड़ा चेहरा हैं। उन्हें पंजाब की राजनीति में एक ‘विकासवादी नेता’ के तौर पर जाना जाता है। केवल सिंह ढिल्लों बरनाला विधानसभा क्षेत्र से दो बार विधायक रह चुके हैं और क्षेत्र की जनता के बीच उनका अच्छा-खासा प्रभाव है। बरनाला इलाके के विकास और उसे स्वतंत्र जिला घोषित करवाए जाने के पीछे काफी हद तक केवल सिंह ढिल्लों के ही राजनैतिक प्रयासों और इच्छाशक्ति को मुख्य वजह माना जाता है। उनका पैतृक गांव टल्लेवाल भी इसी बरनाला जिले के अंतर्गत आता है।
कैप्टन अमरिंदर सिंह के करीबी और बड़े कॉर्पोरेट घराने से संबंध
केवल सिंह ढिल्लों न सिर्फ एक मझे हुए राजनेता हैं, बल्कि देश और पंजाब के एक बेहद संपन्न व प्रभावशाली उद्योगपति परिवार से भी ताल्लुक रखते हैं। व्यापार जगत और कॉर्पोरेट सेक्टर में उनकी मजबूत साख है। राजनीतिक गलियारों में उन्हें पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह का बेहद खास और भरोसेमंद सिपहसालार माना जाता रहा है। जब कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कांग्रेस छोड़कर बीजेपी का दामन थामा था, तब ढिल्लों भी उनके साथ भाजपा में शामिल हो गए थे।
बीजेपी के टिकट पर लड़ चुके हैं बड़े चुनाव
केवल सिंह ढिल्लों बीजेपी के एक वफादार और मजबूत सिपाही के तौर पर लगातार काम कर रहे हैं। उन्होंने साल 2022 में हुए हाई-प्रोफाइल संगरूर लोकसभा उपचुनाव में बीजेपी के टिकट पर किस्मत आजमाई थी। इसके बाद साल 2024 में हुए बरनाला विधानसभा उपचुनाव में भी भारतीय जनता पार्टी ने उन पर पूरा भरोसा जताते हुए चुनावी मैदान में उतारा था।
पंजाब में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए बीजेपी का यह दांव बेहद अहम माना जा रहा है। कृषि कानूनों के आंदोलन के बाद से पंजाब के सिख और ग्रामीण मतदाताओं के बीच बीजेपी जो खोई हुई जमीन तलाश रही है, उसे वापस पाने में केवल सिंह ढिल्लों की रसूखदार, उद्योगपति और पंथिक छवि पार्टी के लिए एक बड़ा ‘टर्निंग पॉइंट’ साबित हो सकती है।
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