Punjab: पंजाब में हनी सिंह की एंट्री से सियासत गरम, विपक्ष ने उठाए बड़े सवाल

पंजाब में नशा विरोधी अभियान को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। बीजेपी ने गायक हनी सिंह को इस मुहिम से जोड़ा है, लेकिन कांग्रेस और AAP ने कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि जिन गानों पर नशे को बढ़ावा देने के आरोप लगते रहे हों

Punjab

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

मई 28, 2026

Punjab: पंजाब की राजनीति में इस वक्त एक नया और बेहद अनोखा विवाद खड़ा हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने पंजाब में पैर पसार चुके नशे के खिलाफ एक बड़ी मुहिम शुरू करने का फैसला किया है, लेकिन इस मुहिम के चेहरे को लेकर राज्य में बवाल मच गया है। बीजेपी ने मशहूर रैपर और सिंगर यो-यो हनी सिंह को इस नशा विरोधी अभियान से जोड़ा है और युवाओं से उन्हें अपना रोल मॉडल मानने की अपील की है। बीजेपी के इस कदम पर सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP) और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने बेहद तीखी प्रतिक्रिया दी है।

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कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद? तरुण चुग का तर्क

हाल ही में यो-यो हनी सिंह ने बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुग से मुलाकात की थी। इस बैठक के बाद हनी सिंह ने घोषणा की कि वह पंजाब के युवाओं को नशे के दलदल से बाहर निकालने और उन्हें जागरूक करने के लिए काम करेंगे।

बीजेपी नेता तरुण चुग ने इस फैसले का बचाव करते हुए कहा कि हनी सिंह खुद लंबे समय तक नशे की गंभीर समस्या से जूझ चुके हैं और दृढ़ इच्छाशक्ति से इससे बाहर निकले हैं। चुग का तर्क है कि पंजाब के युवाओं के लिए हनी सिंह से बड़ा प्रेरणास्रोत कोई नहीं हो सकता। अगर हनी सिंह इस लत को छोड़ सकते हैं, तो राज्य का कोई भी युवा इस दलदल से बाहर आ सकता है।

कांग्रेस का तंज

पंजाब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने बीजेपी की इस अनूठी पहल पर कड़े सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि हनी सिंह की छवि और उनके गानों के इतिहास से पूरा देश वाकिफ है। उनके गानों पर लंबे समय से ‘ग्लैमराइज्ड’ तरीके से नशे और हथियारों को बढ़ावा देने के आरोप लगते रहे हैं।

राजा वडिंग ने तंज कसते हुए कहा, “बीजेपी के इस कदम से कहीं ऐसा न हो कि पंजाब में नशा घटने के बजाय और ज्यादा बढ़ जाए।” उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार को घेरते हुए कहा कि नशे पर गंभीरता से काबू पाने की जगह सिर्फ राजनीतिक स्टंट किए जा रहे हैं।

आम आदमी पार्टी की अपील

दूसरी तरफ, पंजाब सरकार के कैबिनेट मंत्री और आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने भी बीजेपी को आड़े हाथों लिया। उन्होंने साफ लहजे में कहा कि वह खुद कभी हनी सिंह जैसे गायकों को नहीं सुनते क्योंकि उनकी गायकी ने युवाओं को गलत रास्ते पर धकेला है। अरोड़ा ने पंजाब के युवाओं से अपील की कि समाज को गुमराह करने वाले ऐसे कलाकारों का पूरी तरह से सामाजिक बॉयकॉट (बहिष्कार) किया जाना चाहिए और रोल मॉडल हमेशा उन्हें बनाना चाहिए जो समाज को सही दिशा दें।

पंजाबी सिंगर जसबीर जस्सी भी मैदान में

इस पूरे विवाद में पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री के दिग्गज गायक जसबीर जस्सी भी कूद पड़े हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त की। जस्सी ने इस पूरी मुहिम पर कटाक्ष करते हुए कहा, “यह फैसला बिल्कुल वैसा ही है, जैसे दूध की रखवाली के लिए बिल्ली को बैठा दिया जाए।” उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल पंजाब की जमीनी हकीकत और भावनाओं को नहीं समझ रहे हैं। जिन लोगों के गानों ने पंजाब की जवानी को बर्बाद किया, आज उन्हें ही सुधारक बनाकर पेश किया जा रहा है।

बीजेपी जहां इसे एक ‘रिफॉर्मर’ (सुधर चुके व्यक्ति) की कहानी के रूप में पेश कर रही है, वहीं पूरा विपक्ष और सांस्कृतिक जगत इसे पंजाब का अपमान बता रहा है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा पंजाब की सियासत को और ज्यादा गरमाने वाला है।

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