Punjab News: पंजाब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और लुधियाना से मौजूदा सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग गंभीर कानूनी मुश्किलों में फंस गए हैं। पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री एवं दिग्गज दलित नेता स्वर्गीय बूटा सिंह के खिलाफ एक चुनावी सभा के दौरान की गई कथित अपमानजनक और जातिसूचक टिप्पणी के मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (NCSC) ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने राजा वड़िंग की गिरफ्तारी के आदेश देते हुए पंजाब पुलिस को महज 5 दिनों के भीतर इस पर अमल कर विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। इस बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई से पंजाब की राजनीति में भूचाल आ गया है।
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आयोग की सख्त सुनवाई और नाराजगी
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष किशोर मकवाना की अध्यक्षता में इस हाई-प्रोफाइल मामले पर सोमवार को अहम सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान आयोग ने जांच प्रक्रिया में लगातार हो रही देरी और अब तक एक्शन रिपोर्ट न सौंपे जाने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। इस बैठक में शिकायतकर्ता और स्वर्गीय बूटा सिंह के बेटे सरबजोत सिंह के साथ-साथ तरनतारन पुलिस के डीएसपी हरप्रीत सिंह और डीएसपी गुलजार सिंह भी व्यक्तिगत रूप से मौजूद रहे। आयोग के समक्ष दोनों पुलिस अधिकारियों से मामले की प्रगति को लेकर कड़े सवाल-जवाब किए गए। सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आयोग ने पुलिस अधिकारियों को मामले की जांच को तुरंत अंतिम रूप देकर अदालत में चार्जशीट पेश करने और राजा वड़िंग की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए। इसके साथ ही, शिकायतकर्ता सरबजोत सिंह को मिल रही कथित धमकियों को गंभीरता से लेते हुए दिल्ली और पंजाब पुलिस को उन्हें तत्काल 24 घंटे पुख्ता सुरक्षा मुहैया कराने की भी जोरदार सिफारिश की गई है।
क्या था पूरा विवाद और राजा वड़िंग का बयान?
यह पूरा मामला पिछले साल 11 नवंबर का है, जब तरनतारन विधानसभा उपचुनाव के दौरान कांग्रेस उम्मीदवार के समर्थन में एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए राजा वड़िंग ने पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय बूटा सिंह के संबंध में कुछ विवादित टिप्पणियां की थीं। वड़िंग ने बूटा सिंह के रंग-रूप और शारीरिक व्यायाम (एक्सरसाइज) को लेकर एक टिप्पणी की थी, जिसे उनके परिवार, समर्थकों और दलित समुदाय ने बेहद अपमानजनक और जातिसूचक करार दिया था। इस बयान के तूल पकड़ने और चौतरफा विरोध के बाद स्वर्गीय बूटा सिंह के बेटे सरबजोत सिंह ने पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके आधार पर राजा वड़िंग के खिलाफ कानूनी धाराओं में मामला दर्ज किया गया था।
विवाद बढ़ने पर राजा वड़िंग ने अपनी सफाई में कहा था कि स्वर्गीय बूटा सिंह उनके लिए पिता समान और एक अत्यंत सम्मानित कांग्रेस नेता हैं, इसलिए वे कभी उनके अपमान की सोच भी नहीं सकते। उन्होंने दावा किया था कि उनके बयान को राजनीतिक साजिश के तहत तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है। बहरहाल, राजनीतिक सफाई के बावजूद राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के इन सख्त आदेशों के बाद राजा वड़िंग की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं और अब सबकी निगाहें अगले पांच दिनों में पंजाब पुलिस द्वारा की जाने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।
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