Punjab News: पंजाब की राजनीति में इन दिनों उथल-पुथल मची हुई है। पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष और लुधियाना से सांसद अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने पार्टी की राज्य इकाई के प्रधान पद से अपना इस्तीफा दे दिया है। चंडीगढ़ स्थित पार्टी दफ्तर में उनके पहुंचने और इस्तीफे की खबर सामने आने के बाद से राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गईं। इस घटनाक्रम के बीच राजा वडिंग द्वारा अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) के बायो में किए गए बदलाव ने इन अटकलों को और अधिक हवा दे दी है।
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बायो में बदलाव से चर्चाएं हुईं तेज

अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने इस्तीफे की चर्चाओं के बीच अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) बायो में संशोधन किया है। उन्होंने पहले अपने बायो में ‘पूर्व अध्यक्ष’ लिखा था, जिसे बाद में हटा दिया गया। उनके मौजूदा बायो में ‘सांसद लुधियाना’, ‘पूर्व कैबिनेट मंत्री पंजाब’, ‘पूर्व विधायक गिद्दड़बाहा’ और ‘पूर्व अध्यक्ष भारतीय युवा कांग्रेस’ का उल्लेख किया गया है। यह बदलाव ऐसे समय में सामने आया है जब पंजाब कांग्रेस के भीतर नेतृत्व परिवर्तन को लेकर सुगबुगाहट अपने चरम पर है। हालांकि वडिंग ने शुरुआती दौर में इस पर खुलकर कोई बयान देने से इनकार कर दिया था, लेकिन उनके डिजिटल प्रोफाइल में हुआ यह बदलाव बहुत कुछ बयां करता है।
सचिन पायलट की रिपोर्ट और आलाकमान का मंथन
पार्टी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, राजा वडिंग को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाए जाने का यह निर्णय सोची-समझी रणनीति के तहत लिया गया है। पंजाब कांग्रेस के प्रभारी महासचिव सचिन पायलट ने हाल ही में राज्य के विभिन्न पार्टी नेताओं के साथ कई दौर की गुप्त और औपचारिक बैठकें की थीं। इन बैठकों में नेताओं से संगठन की मजबूती और कमियों पर फीडबैक लिया गया था। इसके बाद सचिन पायलट ने पंजाब संगठन में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर अपनी विस्तृत रिपोर्ट कांग्रेस आलाकमान को सौंप दी थी। पार्टी के वरिष्ठ सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस आलाकमान पिछले कई दिनों से पंजाब में नेतृत्व के इस मुद्दे पर गंभीर मंथन कर रहा था और आखिरकार वडिंग को इस फैसले से अवगत करा दिया गया है।
2027 के विधानसभा चुनाव और नए अध्यक्ष की रेस

पंजाब में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में कांग्रेस पार्टी कोई भी कोर-कसर नहीं छोड़ना चाहती है। चुनाव से ठीक पहले संगठन को नए सिरे से और अधिक मजबूत करने के लिए यह बदलाव किया जा रहा है। पार्टी हाईकमान ऐसे चेहरे की तलाश में है जो सभी गुटों को एकजुट कर सके।
सूत्रों के मुताबिक, पूर्व मंत्री विजय इंदर सिंगला इस पद की रेस में सबसे आगे चल रहे हैं। सिंगला के अलावा पूर्व ओलंपियन व विधायक परगट सिंह, राणा केपी सिंह, सुखबिंदर सिंह सरकारिया, पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी और सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा के नाम भी चर्चा का विषय बने हुए हैं। जल्द ही नए प्रदेश अध्यक्ष के नाम की आधिकारिक घोषणा होने की संभावना है, जिससे आगामी चुनावों के लिए कांग्रेस की रणनीति तय होगी।
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