
Punjab News: मानसा में परविंदर सिंह झोटा की सनसनीखेज हत्या के विरोध में आज पूरे पंजाब राज्य में बंद का आह्वान किया गया है, जिसका असर सुबह से ही राज्यभर में देखने को मिल रहा है। इस प्रदर्शन को समाज के हर वर्ग, व्यापारियों, किसानों और विभिन्न संगठनों का भरपूर समर्थन मिल रहा है। सूबे के कई जिलों में सड़कें पूरी तरह सुनसान नजर आ रही हैं और बाजारों में घना सन्नाटा पसरा हुआ है। लोग स्वेच्छा से अपनी दुकानें बंद रखकर इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हो रहे हैं।
फाजिल्का में व्यापार मंडल, किसान संगठनों और सामाजिक संस्थाओं ने मिलकर बाजार पूरी तरह बंद रखने का फैसला किया है। यहाँ दोपहर एक बजे तक दुकानें बंद रखने का ऐलान किया गया है। इसके साथ ही विभिन्न संगठनों द्वारा सुबह 10:30 बजे एक विशाल रोष मार्च निकाला गया, जो शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए डीसी कार्यालय पहुँचा। इसी तरह तरनतारन के बोहड़ी चौक और फरीदकोट में भी सुबह से ही बाजार पूरी तरह बंद रहे, जहाँ आम लोगों ने स्वतःस्फूर्त रूप से इस बंद का समर्थन किया।
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नेताओं की प्री-इवेंट डिटेंशन और पुलिस की सख्ती

बंद के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के नाम पर पुलिस प्रशासन ने कई जगहों पर सख्ती दिखाई है और विरोध प्रदर्शन करने वाले प्रमुख नेताओं को हिरासत में ले लिया है। जालंधर के जंडियाला के निकटवर्ती गाँव में पुलिस ने किसान नेता और प्रधान कुलविंदर सिंह मछियाणा को उनके घर पर ही नजरबंद कर दिया।
इसी प्रकार फिरोजपुर में बंद का समर्थन करने और धरना देने का ऐलान करने वाले वंचित समाज के नेता दीप दशनानंद और ‘मिसल सतलुज’ के पदाधिकारी मान सिंह किली को सुबह सवेरे ही पुलिस ने उनके घरों से हिरासत में ले लिया। प्रशासन की इस कार्रवाई के बावजूद प्रदर्शनकारियों और समर्थकों में सरकार के खिलाफ रोष कम नहीं हुआ है।
किसान यूनियनों और आम जनजीवन पर पड़ा प्रभाव

ड्रग माफिया और कानून व्यवस्था के मुद्दों को लेकर आहूत इस पंजाब बंद को किसान संगठनों का मजबूत समर्थन मिला है। किसान मजदूर संघर्ष समिति के वरिष्ठ नेता सरवन सिंह पंधेर ने सूबे के तमाम लोगों से अपील की थी कि वे इस बंद को सफल बनाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी यूनियनों ने मिलकर जिला मुख्यालयों पर बंद का आह्वान किया है। हालांकि, उन्होंने यह भी निर्देश दिया था कि आम जनता को असुविधा से बचाने के लिए आपातकालीन सेवाएं पूरी तरह चालू रखी जानी चाहिए और विरोध प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण होना चाहिए।
दैनिक जनजीवन पर इस बंद का मिला-जुला असर देखा जा रहा है, बच्चों की सुरक्षा और एहतियात के तौर पर कई निजी स्कूलों ने बीती रात ही अभिभावकों को मैसेज भेजकर आज छुट्टी की घोषणा कर दी थी, हालांकि सरकारी स्कूल सामान्य दिनों की तरह खुले रहे। फाजिल्का केमिस्ट एसोसिएशन ने भी बंद का समर्थन किया है, जिसके तहत मरीजों की परेशानी को ध्यान में रखते हुए दवाइयों की दुकानें सुबह 11 बजे तक बंद रखी गईं और उसके बाद खोल दी गईं।
सड़कें ठप, लेकिन रेल सेवाएं रहीं सामान्य

पंजाब बंद के कारण सड़क परिवहन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। राज्य में महज 10 प्रतिशत बसें ही सड़कों पर चल रही हैं, जिनमें मुख्य रूप से कुछ लंबी दूरी (लॉन्ग रूट) की बसें ही शामिल हैं। बठिंडा में जहां सभी प्राइवेट बसें पूरी तरह बंद रहीं, वहीं तरनतारन और अन्य जिलों में भी बसों की आवाजाही नगण्य रही।
सड़क मार्ग के ठप होने और बसों के पहिए थमने के कारण यात्रियों ने रेल मार्ग का रुख किया, जिससे रेलवे स्टेशनों पर भारी भीड़ देखने को मिली। राहत की बात यह रही कि रेल यातायात पर बंद का कोई असर नहीं पड़ा और ट्रेनें अपने निर्धारित समय के अनुसार सामान्य रूप से चलती रहीं।
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