Punjab News: पंजाब की राजनीति में एक बार फिर बड़ा फेरबदल देखने को मिला है। कांग्रेस पार्टी ने संगठनात्मक बदलाव करते हुए अनुभवी नेता और विधायक परगट सिंह को पंजाब कांग्रेस का नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। उनकी इस ताजपोशी और पदभार ग्रहण समारोह को लेकर चंडीगढ़ स्थित पंजाब कांग्रेस भवन में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस आयोजन के माध्यम से कांग्रेस पार्टी ने एकजुटता का कड़ा संदेश देते हुए अपनी राजनीतिक ताकत का जोरदार प्रदर्शन किया है। कार्यक्रम में पंजाब कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट विशेष रूप से उपस्थित रहे, जिन्होंने नए नेतृत्व को शुभकामनाएं दीं।
Punjab News: परगट सिंह ने श्री हरमंदिर साहिब में टेका माथा, साथ दिखे सचिन पायलट
चन्नी और वड़िंग की मौजूदगी से एकजुटता का संदेश

चंडीगढ़ में आयोजित इस शक्ति प्रदर्शन कार्यक्रम की सबसे खास बात यह रही कि इसमें पंजाब कांग्रेस के तमाम दिग्गज नेता एक ही मंच पर नजर आए। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग समेत कई प्रमुख नेता एक मंच पर मौजूद रहे। इन नेताओं की एक साथ उपस्थिति ने पार्टी के भीतर किसी भी तरह के आंतरिक मतभेद की अटकलों को खारिज करते हुए पूरी मजबूती के साथ आगामी राजनीतिक लड़ाइयों के लिए तैयार होने का संकेत दिया है।
आप और भाजपा पर जमकर बरसे नए अध्यक्ष

पदभार संभालने के बाद अपने संबोधन में नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष परगट सिंह ने राज्य की सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP) और केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी आगामी विधानसभा चुनावों के लिए पूरी तरह एकजुट होकर मैदान में उतर रही है और जनता विरोधी नीतियों का पुरजोर विरोध किया जाएगा।
आनंदपुर साहिब में टेका माथा
पार्टी अध्यक्ष का आधिकारिक पदभार संभालने से ठीक पहले परगट सिंह ने अपनी पत्नी बरिंदर प्रीत कौर के साथ खालसा पंथ की जन्मभूमि श्री आनंदपुर साहिब की पवित्र धरती पर पहुंचकर नतमस्तक हुए। उन्होंने तख्त श्री केसगढ़ साहिब में माथा टेका और पंजाब की खुशहाली, शांति, भाईचारे और सर्वजन के कल्याण के लिए अरदास की।
राहुल गांधी होंगे आगामी चुनाव का चेहरा
बीते शनिवार को मीडिया से बात करते हुए परगट सिंह ने स्पष्ट किया था कि कांग्रेस पार्टी की सबसे बड़ी ताकत उसकी एकजुटता है। पार्टी में उनके समेत मुख्यमंत्री पद की क्षमता रखने वाले कई वरिष्ठ और सक्षम नेता मौजूद हैं, लेकिन आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी राहुल गांधी के नेतृत्व और विजन के साथ आगे बढ़ेगी। उनके इस बयान को पंजाब में नेतृत्व की दावेदारी को लेकर चल रही तमाम चर्चाओं पर विराम लगाने वाला माना जा रहा है।
नई जिम्मेदारियां और आगामी चुनौतियां

प्रदेश अध्यक्ष के रूप में परगट सिंह के सामने कई बड़ी और अहम चुनौतियां खड़ी हैं। इनमें सबसे प्रमुख पार्टी संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करना, वरिष्ठ नेताओं और जमीनी कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर तालमेल बिठाना तथा पंजाब की राजनीति में कांग्रेस की स्थिति को और अधिक सुदृढ़ करना शामिल है। उनके नेतृत्व में पार्टी की आगामी रणनीति और संगठनात्मक गतिविधियों पर राजनीतिक विश्लेषकों की पैनी नजर बनी हुई है।
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