Punjab News: पंजाब में ‘जीवनजोत’ अभियान तेज, 39 बच्चों का रेस्क्यू

पंजाब सरकार ने प्रोजेक्ट 'जीवनजोत' के तहत बाल भिक्षावृत्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए 195 हॉटस्पॉट पर छापेमारी कर 39 बच्चों को रेस्क्यू किया है।

Punjab News

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

सितम्बर 8, 2026

Advertisements
728x90-Pension-Mission-Shakti-Digital

Punjab News: पंजाब सरकार ने राज्य को बाल भिक्षावृत्ति के अभिशाप से मुक्त करने के लिए अपने प्रयासों को तेज कर दिया है। सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर के नेतृत्व में संचालित प्रोजेक्ट ‘जीवनजोत’ के तहत पूरे राज्य में एक व्यापक और सघन तलाशी अभियान चलाया गया। इस विशेष मुहिम के दौरान संवेदनशील स्थानों पर छापेमारी कर 39 मासूम बच्चों को भीख मांगने के दलदल से सुरक्षित बाहर निकाला गया।

Punjab News: चीफ जस्टिस की नियुक्ति पर केवल ढिल्लों का बड़ा बयान,

195 हॉटस्पॉट पर 82 विशेष रेड

बाल भिक्षावृत्ति पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए प्रशासन ने योजनाबद्ध तरीके से काम किया:

सघन छापेमारी: विभाग की टीमों ने पूरे राज्य में चिन्हित 195 हॉटस्पॉट की गहन जांच की और कुल 82 विशेष रेड कीं।

प्रमुख जिलों में कार्रवाई: अभियान के दौरान सबसे अधिक 10 बच्चे तरनतारन जिले से रेस्क्यू किए गए। इसके अतिरिक्त अमृतसर से 9, लुधियाना से 7 और एसएएस नगर (मोहाली) से 5 बच्चों को भीख मांगने से मुक्त कराया गया।

बाल कल्याण समिति के समक्ष पेशी: छुड़ाए गए सभी बच्चों को तुरंत संबंधित जिलों की बाल कल्याण समितियों (CWC) के समक्ष पेश किया गया, ताकि उनकी सुरक्षा और कानूनी प्रक्रिया को सुनिश्चित किया जा सके।

728x90-Pension-Mission-Shakti-Digital

सत्यापन के बाद 27 बच्चे परिजनों को सौंपे, 12 भेजे गए बालगृह

Punjab News
पंजाब में ‘जीवनजोत’ अभियान तेज

रेस्क्यू किए गए बच्चों की सुरक्षा और उनके सर्वोत्तम हितों को ध्यान में रखते हुए विभाग ने सख्त सत्यापन प्रक्रिया अपनाई। गहन दस्तावेजी और पारिवारिक सत्यापन के बाद 27 बच्चों को उनके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया गया। शेष 12 बच्चों को फिलहाल सुरक्षित देखभाल के लिए सरकारी बाल गृहों में रखा गया है। इनके पारिवारिक संबंधों और पते की पूरी तरह पुष्टि होने के बाद ही इन्हें परिजनों को सौंपा जाएगा, जिससे बच्चों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता न हो।

केवल रेस्क्यू नहीं, शिक्षा और पोषण से पुनर्वास की तैयारी

डॉ. बलजीत कौर ने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य सिर्फ बच्चों को सड़कों से हटाना नहीं, बल्कि उन्हें सम्मानजनक जीवन देना है। मुक्त कराए गए बच्चों में से 6 बच्चों का नियमित स्कूलों में दाखिला कराया जा रहा है। 6 छोटे बच्चों को पोषण और प्रारंभिक देखभाल के लिए नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्रों से जोड़ा जा रहा है, ताकि उनका सर्वांगीण विकास हो सके।

क्या है प्रोजेक्ट ‘जीवनजोत’ और समाज की भूमिका

प्रोजेक्ट ‘जीवनजोत’ के अंतर्गत जिला स्तर पर विशेष टास्क फोर्स गठित की गई हैं, जो बाल भिक्षावृत्ति के प्रमुख केंद्रों की पहचान कर त्वरित कार्रवाई करती हैं। इस परियोजना का मुख्य स्तंभ रेस्क्यू के बाद बच्चों का पुनर्वास, काउंसलिंग और शिक्षा सुनिश्चित करना है।

कैबिनेट मंत्री ने आम जनता से अपील की है कि बच्चों का सही स्थान सड़कों पर नहीं, बल्कि स्कूलों और सुरक्षित घरों में है। यदि कहीं भी कोई बच्चा भीख मांगता या असुरक्षित स्थिति में दिखे, तो तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, जिला बाल सुरक्षा इकाई या बाल कल्याण समिति को सूचित करें। नागरिकों की एक सतर्क सूचना किसी मासूम का भविष्य संवार सकती है।

Punjab News: दिवाली-छठ की भीड़ के बीच रेलवे का बड़ा फैसला, चंडीगढ़ से