Punjab News: बेअदबी कानून पर सरकार घिरी, विधानसभा में जमकर हुआ हंगामा

विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस विधायकों ने जोरदार नारेबाजी की। काम रोको प्रस्तावों पर सरकार से जवाब मांगा गया, जिस पर स्पीकर ने कांग्रेस की ओर से दिए गए प्रस्ताव स्वीकार करने की घोषणा की।

Punjab News

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

अगस्त 5, 2026

Punjab News: पंजाब विधानसभा के मानसून सत्र का तीसरा दिन बेहद हंगामेदार रहा। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही बेअदबी कानून (Beadbi Law) के मुद्दे पर विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। विपक्षी दलों ने सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, जिसके चलते सदन का माहौल काफी गर्म हो गया और कार्यवाही को कुछ देर के लिए स्थगित करना पड़ा।

Punjab Weather Update: दो दिन बारिश की चेतावनी, तापमान में गिरावट; पटियाला में सबसे ज्यादा 143 मिमी बरसात

गनीव कौर का बयान और श्री अकाल तख्त साहिब का मुद्दा

सदन की कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेसी विधायकों ने काम रोको प्रस्तावों पर सरकार से उनका स्टेटस (स्थिति) स्पष्ट करने की मांग की। इस पर विधानसभा स्पीकर ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस विधायकों की ओर से दिए गए सभी प्रस्तावों को स्वीकार कर लिया जाता है।

अकाली दल का आरोप: इस दौरान अकाली दल की विधायक गनीव कौर ने बेअदबी कानून को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि इस कानून को बनाते समय किसी को भी विश्वास में नहीं लिया गया है। गनीव कौर ने यहां तक कह दिया कि “यह सरकार सीधे तौर पर श्री अकाल तख्त साहिब को चुनौती दे रही है और बेअदबी कर रही है।”

स्पीकर की प्रतिक्रिया: इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पीकर ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब को चुनौती देने की हिम्मत इस देश या सदन में किसी की भी नहीं है। इसी बीच, ‘आप’ विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने पलटवार करते हुए कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब को तो अतीत में बादल साहब (अकाली नेताओं) ने चैलेंज किया था।

सदन में जोरदार प्रदर्शन और हरपाल चीमा का पलटवार

विवाद बढ़ने पर कांग्रेस और अकाली दल के विधायक सदन के बीचों-बीच आ गए और सरकार के खिलाफ ‘पंथ विरोधी’ होने के नारे लगाने लगे। इस पर सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायकों ने भी कड़ा विरोध जताया।

चीमा के गंभीर आरोप: मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने विपक्ष पर करारा प्रहार करते हुए कहा कि जिन लोगों ने लाखों नौजवानों की हत्याओं का दाग झेला है, वे आज सदन में केवल ड्रामा कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन लोगों ने हमेशा श्री अकाल तख्त साहिब के आदेशों का उल्लंघन किया है और आज वही लोग इस पर राजनीति कर रहे हैं।

चीमा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस लड़के के साथ कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजा वड़िंग अपनी वीडियो बना रहे हैं, उस पर एंटी नारकोटिक्स एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के लोग ड्रग्स तस्करों के साथ मिले हुए हैं और भाजपा के एजेंडे पर काम कर रहे हैं।

भारी हंगामे और नारेबाजी के चलते स्थिति को नियंत्रित करने के लिए स्पीकर ने सदन की कार्यवाही को 10 मिनट के लिए स्थगित कर दिया। बाद में स्पीकर ने आदेश दिया कि गनीव कौर के वे शब्द सदन की कार्यवाही से हटाए जाएं, और टिप्पणी की कि ‘पंथ विरोधी’ वास्तव में वे लोग हैं जिनका ‘फख्र-ए-कौम’ सम्मान वापस लिया गया था।

नौकरियां, खाद की गुणवत्ता और एबीवीपी का विरोध प्रदर्शन

सदन में अन्य मुद्दों पर भी तीखी बहस हुई। कांग्रेस विधायक सुखपाल खैरा ने सरकार से मांग की कि अब तक दी गई सभी नौकरियों का एक ‘श्वेत पत्र’ (White Paper) जारी किया जाए, क्योंकि बहुत सी नौकरियां बाहरी राज्यों के लोगों को दिए जाने के आरोप लग रहे हैं।

इसके अलावा, कृषि मंत्री गुरमीत सिंह और विधायक मनविंदर सिंह ग्यासपुरा के बीच राज्य में खाद की गुणवत्ता और नकली उर्वरकों की बिक्री को लेकर चर्चा हुई। कृषि मंत्री ने सदन को आश्वस्त किया कि नियमों का उल्लंघन करने वाली दो बड़ी कंपनियों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं और दो को नोटिस दिए गए हैं।

विधानसभा के बाहर छात्रों का गुस्सा भी फूट पड़ा। राज्य में हुए पेपर लीक मामलों के विरोध में ABVP (अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद) के कार्यकर्ताओं ने विधानसभा का घेराव करने का प्रयास किया। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस द्वारा लगाई गई बैरिकेडिंग को जब छात्रों ने पार करने की कोशिश की, तो पुलिस ने उन्हें खदेड़ने के लिए वॉटर कैनन (पानी की बौछार) का प्रयोग किया।

Punjab Assembly: कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस की नारेबाजी, बिजली ओवरलोडिंग पर गरमाई बहस; आज पेश होगा अहम विधेयक