Punjab News: CM मान ने दिया आउटसोर्स कर्मचारियों को तोहफा, बिल सर्वसम्मति से हुआ पास

पंजाब विधानसभा के मानसून सत्र में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने जरूरी सेवाओं में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों को सरकारी अनुबंध में लाने की जानकारी दी।

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Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

अगस्त 10, 2026

Punjab News: पंजाब विधानसभा के मानसून सत्र में सोमवार को कर्मचारियों से जुड़ा एक महत्वपूर्ण विधेयक सर्वसम्मति से पारित किया गया। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सदन में बताया कि सरकार आउटसोर्स कर्मचारियों को धीरे-धीरे सीधे सरकारी अनुबंध के दायरे में लाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। सरकार का दावा है कि इस कदम से कर्मचारियों और सरकार के बीच मौजूद बिचौलिया व्यवस्था को खत्म करने में मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारियों के मामले में लंबे समय से कई तरह की समस्याएं सामने आती रही हैं। कई बार कागजों में कर्मचारी के नाम पर जितना वेतन दर्ज होता है, वास्तविक तौर पर उन्हें उससे कम राशि मिलती है। सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था में पारदर्शिता की कमी के कारण कर्मचारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।

वेतन में अंतर और नौकरी की असुरक्षा का मुद्दा

भगवंत मान ने विधानसभा में कहा कि आउटसोर्स कर्मचारियों के सामने नौकरी की सुरक्षा को लेकर भी लगातार चिंता बनी रहती है। कई कर्मचारियों को बिना पर्याप्त नोटिस के नौकरी से हटाए जाने का खतरा रहता था। सरकार का कहना है कि सीधे सरकारी अनुबंध की व्यवस्था लागू होने से कर्मचारियों की स्थिति पहले के मुकाबले अधिक स्पष्ट और सुरक्षित हो सकेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार आउटसोर्सिंग से जुड़ी पुरानी व्यवस्था में बदलाव करना चाहती है। इसका उद्देश्य कर्मचारियों को बिचौलियों से मुक्त कर सरकार के साथ सीधे अनुबंध की व्यवस्था उपलब्ध कराना है। इससे वेतन भुगतान और रोजगार संबंधी प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद जताई गई है।

जरूरी सेवाओं के कर्मचारियों को पहले ही मिल चुका लाभ

मुख्यमंत्री ने विधानसभा में यह भी बताया कि कुछ आवश्यक सेवाओं में काम करने वाले आउटसोर्स कर्मचारियों को पहले ही सीधे सरकारी रोजगार व्यवस्था के तहत लाया जा चुका है। इनमें अग्निशमन कर्मचारी, बिजली रखरखाव से जुड़े कर्मचारी और सफाई कर्मचारी शामिल हैं।

सरकार अब इस व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से अन्य आउटसोर्स कर्मचारियों तक विस्तार देने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, सरकार का प्रयास है कि सभी पात्र आउटसोर्स कर्मचारियों को धीरे-धीरे इस नई व्यवस्था का लाभ दिया जाए।

विधानसभा में सर्वसम्मति से पारित हुआ बिल

आउटसोर्स कर्मचारियों से संबंधित विधेयक को पंजाब विधानसभा में सर्वसम्मति से पारित किया गया। सरकार ने इसे कर्मचारियों के हित में महत्वपूर्ण कदम बताया है। सरकार का मानना है कि इस बदलाव से आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवा शर्तों और भुगतान प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित किया जा सकेगा।

विपक्ष ने चर्चा के लिए अधिक समय मांगा

विधानसभा की कार्यवाही के दौरान विपक्ष ने विभिन्न विधेयकों पर चर्चा के लिए सदन का समय बढ़ाने की मांग भी उठाई। कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा ने कहा कि एक दिन में सभी विधेयकों पर पर्याप्त और विस्तृत चर्चा करना संभव नहीं है।

विपक्ष की ओर से मांग की गई कि महत्वपूर्ण विधेयकों पर सदस्यों को विस्तार से अपनी बात रखने का पर्याप्त अवसर दिया जाए। इस बीच, मानसून सत्र में आउटसोर्स कर्मचारियों से जुड़ा विधेयक सर्वसम्मति से पारित होना सरकार के लिए अहम उपलब्धि माना जा रहा है।

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