मोदी कैबिनेट विस्तार में पंजाब को मिल सकती है बड़ी हिस्सेदारी, राघव चड्ढा, LPU चांसलर और चुघ रेस में

 चंडीगढ़  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल फेरबदल में पंजाब की लॉटरी लग सकती है। पंजाब में विधानसभा चुनाव बेहद निकट हैं। ये अगले साल की शुरुआत में प्रस्तावित हैं लेकिन इनके जल्दी भी होने की संभावनाएं जताई जा रही हैं। आम आदमी पार्टी शासित पंजाब से अभी केंद्रीय मंत्रिमंडल में सिर्फ रवनीत सिंह बिट्टू हैं। वे केंद्रीय राज्य मंत्री हैं। सियासी हलकों में चर्चा है कि मिशन पंजाब में जुटी बीजेपी राज्य को अधिक प्रतिनिधित्व दे सकती है। रवनीत सिंह बिट्टू की जगह पर किसी नए चेहरे को मौका मिल सकता है। सूत्रों का दावा है कि पंजाब को दो

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Published On :

जून 26, 2026

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 चंडीगढ़
 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल फेरबदल में पंजाब की लॉटरी लग सकती है। पंजाब में विधानसभा चुनाव बेहद निकट हैं। ये अगले साल की शुरुआत में प्रस्तावित हैं लेकिन इनके जल्दी भी होने की संभावनाएं जताई जा रही हैं। आम आदमी पार्टी शासित पंजाब से अभी केंद्रीय मंत्रिमंडल में सिर्फ रवनीत सिंह बिट्टू हैं। वे केंद्रीय राज्य मंत्री हैं। सियासी हलकों में चर्चा है कि मिशन पंजाब में जुटी बीजेपी राज्य को अधिक प्रतिनिधित्व दे सकती है। रवनीत सिंह बिट्टू की जगह पर किसी नए चेहरे को मौका मिल सकता है। सूत्रों का दावा है कि पंजाब को दो से तीन मंत्री मिल सकते हैं।हालांकि इस दौड़ में अमृतसर के रहने वाले व हाल ही में बिट्‌टू की जगह राज्यसभा भेजे तरूण चुघ भी शामिल हैं। सरकारी सूत्रों के मुताबिक संडे या मंडे को केंद्रीय कैबिनेट में फेरबदल हो सकता है। चर्चा है कि इसके लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह गुरूवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मिले, जिसमें उन्हें इसके बारे में सुझाव दिया गया है। हालांकि अभी मंत्रीपद वाले नए चेहरों को लेकर कोई औपचारिक पुष्टि या सूचना नहीं है।

2014 के बाद से सिर्फ तीन मंत्री
नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल में पंजाब की प्रतिनिधित्व कम रहा है। 2014 के बाद शिरोमणि अकाली दल की नेता हरसिमरत कौर बादल केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री बनी थीं। उन्होंने 2020 में कृषि कानूनों के विरोध में इस्तीफा दे दिया था। इसके अलावा केंद्र में बीजेपी के सोम प्रकाश मंत्री बने थे। वह 2019 से 2024 तक रहे। इसके बाद रवनीत सिंह बिट्टू बने थे।

पंजाब की क्या है सियासी ताकत:
    पंजाब विधानसभा में कुल 117 सीटें हैं। विधानसभा में बीजेपी के दो MLA हैं।
    पंजाब में लोकसभा की कुल सीटें 13 हैं। बीजेपी के पास कोई सीट नहीं है।
    पंजाब में राज्यसभा की कुल सीटें सात हैं। इनमें छह बीजेपी के पास हैं।

AAP के 7 सांसद तोड़ने में चड्‌ढा की अहम भूमिका राघव चड्‌ढा 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे। उन्होंने पार्टी की जीत के लिए ऑन ग्राउंड भी वर्किंग की। चुनाव के बाद पार्टी ने 117 में से 92 सीटें जीती। सरकार बनी और भगवंत मान मुख्यमंत्री बन गए। जिसके बाद शुरुआती 2 साल तक राघव चड्‌ढा को पंजाब में सुपर CM की तरह माना गया।

हालांकि इसके बाद उनके पार्टी से रिश्ते बिगड़ने लगे। जब आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल को शराब के केस में जेल हुई तो चड्‌ढा तब यूके में थे। इसके बाद वह वापस लौटे तो बगावत कर दी और AAP के 7 सांसद तोड़कर भाजपा में शामिल हो गए।

राघव चड्‌ढा को मंत्री बनाने से भाजपा को पंजाब में क्या फायदा भाजपा को पंजाब में मीडिया नैरेटिव के लिए एक बड़ा चेहरा मिल सकता है। राघव चड्‌ढा AAP की कोर टीम में रह चुके हैं। ऐसे में भाजपा से मंत्रीपद मिलने के बाद चड्‌ढा 2027 के चुनाव में एग्रेसिव ढंग से काम करेंगे। ऐसे में AAP के खिलाफ वह नैरेटिव खड़ा कर सकते हैं। इसके अलावा चड्‌ढा शहरी क्षेत्र में अपना असर दिखा सकते हैं, खास तौर पर लुधियाना और जालंधर जैसे इंडस्ट्रियल शहरों में, जहां वे कारोबारियों और केंद्र के बीच पुल का काम कर सकते हैं।

AAP को इससे क्या नुकसान होगा? राघव चड्‌ढा केंद्र में मंत्री बने तो AAP को मनोवैज्ञानिक के साथ संगठनात्मक झटका लग सकता है। 2022 में AAP के लिए चड्‌ढा ने वोट मांगे। अब वही AAP की बुराई करेंगे तो वोटर के मन में सत्ताधारी पार्टी आप के प्रति सवाल खड़े होंगे। वहीं राघव चड्‌ढा भाजपा में बड़ी भूमिका में आए तो AAP में उनसे जुड़े नेता भी उनके साथ जा सकते हैं। खास तौर पर अगर AAP किसी MLA या हारे उम्मीदवार का टिकट काटे या किसी दावेदार को टिकट न दे तो ऐसी सूरत में वह चड्‌ढा के साथ जा सकते हैं।

आप के दो पूर्व नेता हैं रेस में
पश्चिम बंगाल की जीत के बाद पंजाब को गंभीरता से ले रही बीजेपी राज्य को केंद्रीय मंत्रिमंडल फेरबदल में अधिक तवज्जो दे सकती है। चर्चा है कि पंजाब में AAP छोड़कर आए नेताओं को इनाम मिल सकता है। इनमें सेलिब्रेटी फेस राघव चड्ढा का नाम सबसे आगे है। उनके साथ अशोक मित्तल (लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी) का भी नाम चल रहा है। चर्चा है कि दोनों में किसी एक को मंत्री बनाया जा सकता है, लेकिन अभी फैसला नहीं हुआ है। रवनीत बिट्टू को बीजेपी चुनावों में झोंकना चाहती है। उनकी जगह पर हाल ही में मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद बने तरुण चुघ को लाया जा सकता है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के कद्दावर नेता चुघ पंजाब चुनाव में पार्टी को मजबूती देंगे। वह पंजाब से ही आते हैं।

 

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