चंडीगढ़
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार द्वारा समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए नीतियां बनाने के दृढ़ इरादे को दोहराते हुए वन एवं वन्य जीव संरक्षण मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने आज कहा कि राज्य सरकार की योजनाओं में वन कर्मचारियों का महत्वपूर्ण स्थान है।
आज डेमोक्रेटिक वन कर्मचारी यूनियन, पंजाब के साथ एक बैठक के दौरान वन मंत्री ने यूनियन की सभी मांगों को धैर्यपूर्वक सुना और जायज़ मांगों को उच्च स्तर पर उठाने का विश्वास दिलाया।डेमोक्रेटिक वन कर्मचारी यूनियन, पंजाब के प्रतिनिधियों के साथ बैठक में मंत्री ने कर्मचारियों की मांगें सुनीं और जायज मांगों को उच्च स्तर पर उठाने का आश्वासन दिया।
फील्ड वर्करों के कार्य को खतरनाक कार्यों की श्रेणी में शामिल करने की मांग पर उन्होंने इसे सरकार के समक्ष उठाने की बात कही। कटारूचक्क ने स्पष्ट किया कि कोई भी चल रहा कार्य ठेके पर नहीं दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि वन विभाग में अब तक 1,458 कर्मचारियों को नियमित किया गया है। इनमें इस वर्ष 516 और पिछले वर्ष 942 कर्मचारी शामिल हैं।
मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार अब तक 70 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार दे चुकी है और सभी नियुक्तियां मेरिट के आधार पर की गई हैं। बैठक में पीसीसीएफ धर्मिंदर शर्मा, एपीसीसीएफ प्रतिमा श्रीवास्तव और एपीसीसीएफ चर्चिल कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
इस मामले को सरकार के उच्च स्तर पर उठाएंगे
फील्ड वर्करों द्वारा किए जाने वाले कार्यों को खतरनाक कार्यों की श्रेणी में शामिल करने की मांग के संबंध में कटारूचक्क ने कहा कि वे इस मामले को सरकार के उच्च स्तर पर उठाएंगे।
बैठक के दौरान मंत्री ने विश्वास दिलाया कि किसी भी कर्मचारी को नौकरी से नहीं निकाला जाएगा क्योंकि राज्य सरकार कर्मचारियों की नौकरी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसके अलावा, कोई भी चल रहा कार्य ठेके पर नहीं दिया जाएगा।
ये रहे उपस्थित
कटारूचक्क ने आगे कहा कि पंजाब सरकार ने वन विभाग में 1,458 कर्मचारियों को नियमित किया है, जिसमें इस वर्ष 516 कर्मचारी और पिछले वर्ष 942 कर्मचारी शामिल हैं। उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार द्वारा अब तक 70,000 से अधिक नौकरियां दी गई हैं और हर एक नौकरी मेरिट के आधार पर दी गई है, जो राज्य सरकार के कर्मचारी-हितैषी रवैये को दर्शाता है।
इस अवसर पर अन्य के अलावा पी.सी.सी.एफ. (वन बल प्रमुख) धर्मिंदर शर्मा, ए.पी.सी.सी.एफ. (प्रशासन) प्रतिमा श्रीवास्तव और ए.पी.सी.सी.एफ. (पनकैम्पा) चर्चिल कुमार भी उपस्थित थे।










