एनालॉग पनीर पर पंजाब सरकार सख्त, बिक्री के साथ उत्पादन और परिवहन पर भी प्रतिबंध

चंडीगढ़. पंजाब सरकार ने लोगों के स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए राज्य में एनालॉग यानी गैर डेयरी पनीर के उत्पादन, भंडारण, परिवहन, वितरण और बिक्री पर एक साल के लिए पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। सरकार ने यह आदेश खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 30(2)(ए) के तहत जारी किया है। सरकार के आदेश के बाद एनालॉग पनीर से जुड़े कारोबार पर तत्काल प्रभाव से रोक रहेगी। इसका उत्पादन करने, गोदाम में रखने, एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने, वितरण करने या बेचने पर खाद्य सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।

Wrriten By :

Editor

Published On :

अगस्त 27, 2026

Advertisements
728x90 Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital.jpg

चंडीगढ़.

पंजाब सरकार ने लोगों के स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए राज्य में एनालॉग यानी गैर डेयरी पनीर के उत्पादन, भंडारण, परिवहन, वितरण और बिक्री पर एक साल के लिए पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। सरकार ने यह आदेश खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 30(2)(ए) के तहत जारी किया है।

सरकार के आदेश के बाद एनालॉग पनीर से जुड़े कारोबार पर तत्काल प्रभाव से रोक रहेगी। इसका उत्पादन करने, गोदाम में रखने, एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने, वितरण करने या बेचने पर खाद्य सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। प्रतिबंध का उल्लंघन करने वालों पर संबंधित अधिकारी नियमानुसार कार्रवाई करेंगे।

जानें क्या है एनालॉग पनीर
एनालॉग पनीर असली दूध से तैयार होने वाले पनीर से अलग होता है। इसेदूध के बजाय वनस्पति तेल, वसा, स्टार्च और अन्य सामग्री का इस्तेमाल कर कृत्रिम तरीके से तैयार किया जाता है। कई मामलों में इसे असली पनीर के रूप में बाजार में बेचे जाने की शिकायतें सामने आती रही हैं। इसी को देखते हुए सरकार ने लोगों के स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए इस पर प्रतिबंध लगाया है।

निर्माण से बिक्री तक पूरी रोक
सरकार के आदेश के तहत एनालॉग पनीर का निर्माण ही नहीं, बल्कि इसका भंडारण, परिवहन, वितरण और बिक्री भी प्रतिबंधित रहेगी। खुले में या पैक करके इसकी बिक्री करना भी आदेश का उल्लंघन माना जाएगा। यानी कारोबारी और दुकानदार किसी भी स्तर पर इस उत्पाद का कारोबार नहीं कर सकेंगे।

उल्लंघन पर होगी कानूनी कार्रवाई
प्रतिबंध के बावजूद यदि कोई कारोबारी या दुकानदार एनालॉग पनीर का उत्पादन, भंडारण, परिवहन, वितरण या बिक्री करता पाया जाता है तो उसके खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। खाद्य सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी कि वे प्रतिबंध के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करें।

कई राज्यों में पहले से लगी है रोक
पंजाब से पहले हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, कर्नाटक, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में भी लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध लगाया जा चुका है। पंजाब सरकार के इस फैसले से अब राज्य में ऐसे उत्पादों की बिक्री और आपूर्ति पर रोक लगने से उपभोक्ताओं को असली डेयरी उत्पाद उपलब्ध कराने पर जोर रहेगा।

2