मानसून से पहले एक्शन में पंजाब सरकार: नदियों की डीसिल्टिंग के लिए कैबिनेट का अहम फैसला

चंडीगढ़. पंजाब सरकार ने राज्य में मानसून के दौरान संभावित बाढ़ के खतरे को कम करने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में हुई कैबिनेट बैठक में राज्य की प्रमुख नदियों, सहायक नदियों और ड्रेनेज सिस्टम की सफाई यानी डीसिल्टिंग के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी गई है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य नदियों के तल में जमा सिल्ट और कचरे को हटाना है, ताकि पानी की निकासी सुचारू रूप से हो सके और आस-पास के इलाकों में जलभराव का खतरा टल सके। खेती और बुनियादी ढांचे की सुरक्षा नदियों और नालों की

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Published On :

अप्रैल 18, 2026

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चंडीगढ़.

पंजाब सरकार ने राज्य में मानसून के दौरान संभावित बाढ़ के खतरे को कम करने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में हुई कैबिनेट बैठक में राज्य की प्रमुख नदियों, सहायक नदियों और ड्रेनेज सिस्टम की सफाई यानी डीसिल्टिंग के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी गई है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य नदियों के तल में जमा सिल्ट और कचरे को हटाना है, ताकि पानी की निकासी सुचारू रूप से हो सके और आस-पास के इलाकों में जलभराव का खतरा टल सके।

खेती और बुनियादी ढांचे की सुरक्षा
नदियों और नालों की समय पर सफाई न होने के कारण हर साल पंजाब के कई जिलों में भारी बारिश के दौरान पानी खेतों और रिहायशी इलाकों में घुस जाता है। इससे फसलों को भारी नुकसान होता है और सार्वजनिक संपत्ति भी क्षतिग्रस्त होती है। कैबिनेट के इस नए फैसले के बाद, सिंचाई और जल संसाधन विभाग को उन संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान करने के निर्देश दिए गए हैं जहाँ गाद जमा होने के कारण बहाव बाधित हो रहा है। इस परियोजना के पूरा होने से किसानों की भूमि को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी।

पारदर्शिता और आधुनिक तकनीक का उपयोग
डीसिल्टिंग की प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के लिए सरकार ने आधुनिक मशीनों और पारदर्शी निविदा प्रक्रिया के उपयोग पर जोर दिया है। अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि सफाई का काम मानसून की दस्तक से पहले अनिवार्य रूप से पूरा किया जाए। सरकार का मानना है कि वैज्ञानिक तरीके से की गई डीसिल्टिंग न केवल बाढ़ को रोकेगी, बल्कि नदियों की प्राकृतिक जल संग्रहण क्षमता को भी पुनर्जीवित करेगी।

प्रशासनिक स्तर पर पुख्ता इंतजाम
कैबिनेट द्वारा दी गई इस मंजूरी के बाद संबंधित जिलों के प्रशासन को सतर्क कर दिया गया है। स्थानीय निकायों और ड्रेनेज विभाग के बीच समन्वय स्थापित करने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस परियोजना की नियमित निगरानी की जाएगी ताकि काम की गुणवत्ता और समय सीमा के साथ कोई समझौता न हो। पंजाब सरकार का यह प्रयास राज्य के बुनियादी ढांचे को आपदाओं के प्रति अधिक लचीला बनाने की दिशा में एक सकारात्मक पहल है।

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