पंजाब DGP ने संभाली जांच की कमान, अमृतसर धमाके में ISI एंगल पर शक

अमृतसर. पंजाब में हाल ही में हुए धमाकों के बाद सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं और पूरे मामले को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है। इसी के चलते पंजाब के डीजीपी गौरव यादव आज अमृतसर पहुंचे। शुरुआती जांच में इस घटना के पीछे साजिश की आशंका जताई जा रही है, जिससे प्रदेश में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। ISI का हो सकता है हाथः DGP डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि रात करीब 10:50 बजे धमाके की सूचना मिली, जिसके तुरंत बाद पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां मौके पर पहुंच गईं। उन्होंने कहा कि मामले की

Wrriten By :

Editor

Published On :

मई 6, 2026

Advertisements
728x90 Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital.jpg

अमृतसर.

पंजाब में हाल ही में हुए धमाकों के बाद सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं और पूरे मामले को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है। इसी के चलते पंजाब के डीजीपी गौरव यादव आज अमृतसर पहुंचे। शुरुआती जांच में इस घटना के पीछे साजिश की आशंका जताई जा रही है, जिससे प्रदेश में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

ISI का हो सकता है हाथः DGP
डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि रात करीब 10:50 बजे धमाके की सूचना मिली, जिसके तुरंत बाद पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां मौके पर पहुंच गईं। उन्होंने कहा कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है और किसी भी संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जा रहा। प्रारंभिक जांच के आधार पर डीजीपी ने संदेह जताया कि इस घटना के पीछे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI का हाथ हो सकता है। उन्होंने कहा कि पंजाब इस समय प्रॉक्सी वॉर का सामना कर रहा है और ऐसी घटनाओं के जरिए माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, अभी तक किसी संगठन द्वारा आधिकारिक रूप से जिम्मेदारी नहीं ली गई है।

CCTV फुटेज से कुछ मिले अहम सुराग 
उन्होंने जानकारी दी कि जांच के लिए मल्टीपल टीमें काम कर रही हैं, जिनमें ह्यूमन इंटेलिजेंस, टेक्निकल इंटेलिजेंस और फॉरेंसिक टीमें शामिल हैं। शुरुआती तौर पर यह लो-इंटेंसिटी ब्लास्ट प्रतीत होता है और मौके से कुछ शार्पनल भी बरामद हुए हैं, जिससे IED के इस्तेमाल की आशंका जताई जा रही है। फॉरेंसिक जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी। डीजीपी ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज से कुछ अहम सुराग मिले हैं, लेकिन जांच प्रभावित न हो, इसलिए उन्हें अभी सार्वजनिक नहीं किया जा सकता। इसके अलावा मोबाइल फोन डेटा और अन्य डिजिटल सबूतों की भी गहन जांच की जा रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जालंधर में हुई घटना से इसका सीधा संबंध अभी तक सामने नहीं आया है।

Leave a Comment

2