Punjab-Delhi Terror Plot: पाकिस्तानी साजिश पर NIA का शिकंजा, पंजाब-दिल्ली को दहलाने का प्लान फेल

NIA के मुताबिक जांच में मिले दस्तावेजों और डिजिटल सबूतों से कथित साजिश और आरोपियों की भूमिका से जुड़े अहम सुराग सामने आए हैं।

Punjab-Delhi Terror Plot

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

अगस्त 8, 2026

Punjab-Delhi Terror Plot: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के जरिए देश में बड़े पैमाने पर आतंक फैलाने की एक खतरनाक साजिश का पर्दाफाश किया है। पंजाब और राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली को दहलाने की इस पाकिस्तानी योजना को विफल करते हुए एनआईए ने मोहाली की विशेष अदालत में दो आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। जांच एजेंसी के अनुसार, दोनों आरोपी पाकिस्तान से आईईडी (IED), अवैध हथियार और हेरोइन मंगवाकर भारत में सिलसिलेवार बड़े आतंकी हमलों को अंजाम देने की फिराक में थे।

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पाकिस्तानी हैंडलर का नापाक षड्यंत्र और आरोपियों के नाम

चार्जशीट में गिरफ्तार किए गए आरोपी शुभम कुमार और फरार चल रहे आरोपी जसवीर चौधरी का नाम मुख्य रूप से शामिल है। जांच में यह बात सामने आई है कि पाकिस्तान में बैठा एक आतंकी हैंडलर अपने भारतीय गुर्गों के संपर्क में था और सीमा पार से ड्रोन या अन्य अवैध रास्तों के जरिए लगातार हथियार, विस्फोटक और नशीले पदार्थ भारत भेज रहा था।

इन दोनों आरोपियों के खिलाफ देश की सुरक्षा को खतरे में डालने के गंभीर आरोपों के तहत गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA), भारतीय न्याय संहिता (BNS), विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस (NDPS) एक्ट और रेलवे एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

कैसे हुआ मामले का खुलासा और क्या हुई बरामदगी?

इस पूरे मामले की शुरुआत फरवरी 2026 में हुई थी, जब अमृतसर स्थित स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (SSOC) ने एक खुफिया इनपुट के आधार पर मामला दर्ज किया था। इसी कार्रवाई के दौरान मुख्य आरोपी शुभम कुमार को गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के वक्त उसके पास से एक जिंदा आईईडी, रिमोट कंट्रोल, एक विदेशी .30 बोर की पिस्टल, मैगजीन, 20 जिंदा कारतूस, मोबाइल फोन और भारी मात्रा में हेरोइन बरामद की गई थी। इसके बाद, मामले की गंभीरता को देखते हुए मार्च 2026 में एनआईए ने इस हाई-प्रोफाइल केस की कमान अपने हाथ में ले ली।

पैसेंजर ट्रेन में बम धमाके की थी खतरनाक योजना

एनआईए की अब तक की जांच में यह बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि साजिश सिर्फ हथियारों की तस्करी तक सीमित नहीं थी। गिरफ्तार आरोपी शुभम कुमार को टाइमर से चलने वाला आईईडी एक चलती हुई यात्री ट्रेन में प्लांट करने की नापाक जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इस साजिश का मकसद देश के भीतर ज्यादा से ज्यादा लोगों की जान लेना और भारी तबाही मचाना था। जांच एजेंसियों के मुताबिक, आतंकियों का यह नेटवर्क केवल पंजाब तक ही सीमित नहीं था, बल्कि दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों को भी निशाना बनाने की पूरी योजना बनाई गई थी।

पुख्ता डिजिटल सबूत और आगे की जांच जारी

जांच एजेंसी ने अदालत में तय समय सीमा के भीतर आरोप पत्र दाखिल कर दिया है। एनआईए का कहना है कि उनके पास आरोपियों की भूमिका और इस अंतरराष्ट्रीय साजिश को साबित करने के लिए पर्याप्त तकनीकी और डिजिटल सबूत मौजूद हैं।

फिलहाल इस मामले की जांच अभी पूरी तरह बंद नहीं हुई है। एनआईए सीमा पार बैठे उन मास्टरमाइंड हैंडलरों और उनके बाकी भारतीय सहयोगियों की पहचान करने में जुटी है, जो इस नेटवर्क को फंडिंग और साजो-सामान मुहैया करा रहे थे। इसके साथ ही, यह भी बारीकी से खंगाला जा रहा है कि सीमा पार से हथियारों और नशीले पदार्थों की यह खेप किस सटीक रूट और तस्करी के चैनल के जरिए देश के भीतर तक पहुंचाई गई थी। सुरक्षा एजेंसियां इस सिंडिकेट को पूरी तरह नेस्तनाबूद करने के लिए लगातार छापेमारी कर रही हैं।

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