Punjab Congress Meeting: अंदरूनी खींचतान के बीच बघेल की बड़ी बैठक, चन्नी गुट की मौजूदगी पर सबकी निगाहें

 चंडीगढ़ पंजाब में अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर कांग्रेस ने संगठनात्मक गतिविधियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल ने मंगलवार को नई दिल्ली में प्रदेश चुनाव समिति की बैठक बुलाई है। जानकारी अनुसार बैठक में चुनाव समिति के सभी सदस्यों के साथ-साथ पूर्व मुख्यमंत्री, सांसदों और वरिष्ठ नेताओं को भी आमंत्रित किया गया है। माना जा रहा है कि बैठक में चुनावी रणनीति, संगठन की मजबूती और आगामी कार्यक्रमों पर विस्तार से चर्चा होगी। कांग्रेस हाईकमान ने एक जुलाई को पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को पंजाब प्रदेश चुनाव समिति

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Published On :

जुलाई 20, 2026

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 चंडीगढ़
पंजाब में अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर कांग्रेस ने संगठनात्मक गतिविधियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल ने मंगलवार को नई दिल्ली में प्रदेश चुनाव समिति की बैठक बुलाई है। जानकारी अनुसार बैठक में चुनाव समिति के सभी सदस्यों के साथ-साथ पूर्व मुख्यमंत्री, सांसदों और वरिष्ठ नेताओं को भी आमंत्रित किया गया है।

माना जा रहा है कि बैठक में चुनावी रणनीति, संगठन की मजबूती और आगामी कार्यक्रमों पर विस्तार से चर्चा होगी। कांग्रेस हाईकमान ने एक जुलाई को पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को पंजाब प्रदेश चुनाव समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया था। हालांकि चन्नी ने शुरुआत में यह जिम्मेदारी स्वीकार करने से इनकार कर दिया था।

बैठक में प्रदेश प्रधान राजा वड़िंग के अलावा कैंपेनिंग कमेटी के चेयरमैन व पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी, कोर कमेटी के चेयरमैन सुखजिंदर सिंह रंधावा, मेनिफेस्टो कमेटी के चेयरमैन डॉ अमर सिंह, इलेक्शन मैनेजमेंट कमेटी के चेयरमैन विजय इंद्र सिंगला समेत कार्यकारी प्रधानों व को चेयरमैनों को भी दिल्ली बुलाया गया है।

हालांकि, इस मीटिंग में चरणजीत सिंह चन्नी व सुखजिंदर सिंह रंधावा शामिल होंगे या नहीं, यह तय नहीं है। दरअसल, चन्नी व रंधावा कह चुके हैं कि राजा वड़िंग के साथ वह मंच शेयर नहीं करेंगे और वह राजा वड़िंग को अपना प्रधान नहीं मानते।

हालांकि, उसके बाद चन्नी गुट की हाईकमान के साथ बैठक हुई थी और उसके बाद चन्नी ने ऑल इज वेल कहा था। वहीं, सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा अब भी राजा वड़िंग की नेतृत्व क्षमता पर सवाल खड़े कर रहे हैं।

वड़िंग के पद से नाराज चन्नी
चन्नी समर्थक प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को पद पर बनाए रखने के फैसले से नाराज थे और नेतृत्व परिवर्तन की मांग कर रहे थे। बाद में दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, नेता विपक्ष राहुल गांधी और संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल के स्तर पर हुई बैठकों के बाद हाईकमान ने स्पष्ट कर दिया कि प्रदेश अध्यक्ष के पद पर कोई बदलाव नहीं होगा। इसके बाद चन्नी गुट बैकफुट पर आ गया और सार्वजनिक रूप से पार्टी के फैसले को स्वीकार किया।

चन्नी गुट की उपस्थिति पर नजर
ऐसे में मंगलवार को होने वाली चुनाव समिति की बैठक पर सभी की निगाहें टिकी हैं। खास तौर पर यह देखा जाएगा कि चन्नी और उनके समर्थक बैठक में शामिल होकर चुनावी तैयारियों में सक्रिय भूमिका निभाते हैं या नहीं। जानकारी अनुसार चुनाव समिति के सभी सदस्यों को बैठक में शामिल होने के लिए कहा गया है।

कुछ नेता इस समय दिल्ली में ही संसद सत्र में हिस्सा लेने के लिए दिल्ली में हैं । पार्टी नेतृत्व की कोशिश है कि आंतरिक मतभेदों को पीछे छोड़कर विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को पूरी तरह एकजुट किया जाए।

मीटिंग में केसी वेणुगोपाल भी होंगे शामिल
भूपेश बघेल ने पंजाब चुनाव की तैयारियों के लिए जो बैठक दिल्ली में बुलाई है, उसमें संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल भी शामिल होंगे, ताकि कोई नेता अगर बगावती सुर अपनाए तो उसके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जा सके। पंजाब में खुलकर आमने-सामने आने के बाद पंजाब के नेताओं की यह पहली बैठक है।

गुटबाजी खत्म करने पर रहेगा फोकस
पंजाब कांग्रेस में चल रही गुटबाजी को खत्म करने के लिए भूपेश बघेल ने 6 दिन पंजाब में डेरा जमाए रखा, लेकिन वह गुटबाजी को खत्म नहीं कर पाए। चन्नी खेमे ने भूपेश बघेल पर ही सवाल खड़े कर दिए थे। चन्नी खेमे की पार्टी हाईकमान से बैठक हुई। उसके बाद चन्नी व राणा गुरजीत ने पार्टी में ऑल इज वेल कहा। साथ ही कहा कि वह राहुल गांधी के सच्चे सिपाही हैं।

उस मीटिंग के बाद चन्नी गुट भी खामोश हो गया, लेकिन सुखजिंदर सिंह रंधावा अब भी राजा वड़िंग की प्रधानगी पर सवाल खड़े कर रहे हैं। ऐसे में इस बैठक में जब दोनों गुट आमने-सामने होंगे तो केसी वेणुगोपाल और भूपेश बघेल उनके गिले-शिकवे दूर करेंगे।

मीटिंग में सौंपी जाएंगी जिम्मेदारियां
पार्टी हाईकमान ने जैसे ही चुनाव के लिए 4 अलग-अलग कमेटियों का गठन किया, वैसे ही पंजाब में चन्नी गुट ने राजा वड़िंग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। इन कमेटियों में जिन नेताओं के नाम शामिल किए गए थे, उनमें से ज्यादातर चन्नी गुट में शामिल थे और उन्होंने पंजाब में भूपेश बघेल के साथ मीटिंग नहीं की। बघेल ने अब चारों कमेटियों के चेयरमैन, को-चेयरमैन व कार्यकारी प्रधानों को मीटिंग में बुलाया है, ताकि सभी को उनकी जिम्मेदारियां सौंपी जा सके।

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